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Updated: 02 जून, 2019 06:28 PM
अनुज मौर्या
अनुज मौर्या
  @anujmaurya87
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लोकसभा चुनावों (Lok Sabha Election 2019) के बाद जब 23 मई को नतीजे आए, तो सिर्फ नरेंद्र मोदी और भाजपा ही नहीं थी, जिसके चेहरे में खुशियां थीं. पूरे देश में जगह-जगह लोग भाजपा की जीत का जश्न मना रहे थे. भाजपा की इस जीत या यूं कहें कि नरेंद्र मोदी की प्रंचड बहुमत से जीत से हर समुदाय के लोग बहुत खुश हुए, चाहे वह हिंदू हो, मुस्लिम हो या किसी अन्य समुदाय से हो. ये देखा गया है कि मुस्लिम धर्म के लोगों के अधिकतर वोट भाजपा को नहीं जाते, लेकिन मुस्लिम धर्म की एक महिला ने नरेंद्र मोदी को जीत का जो तोहफा दिया है, उसे मोदी कभी नहीं भूल सकेंगे.

इधर 23 मई को नतीजे घोषित हुई, उधर इसी दिन एक मुस्लिम महिला ने बच्चे को जन्म दिया. महिला तो पहले से ही नरेंद्र मोदी के कामों से बेहद प्रभावित थी और जब चुनावी नतीजों के दिन ही घर में बेटा हुआ, तो महिला ने तय किया कि उसका नाम नरेंद्र मोदी के नाम (Son named after Narendra Modi) पर रखा जाएगा. नाम रख भी दिया गया, लेकिन बाद में समुदाय के दबाव में उसे बदलना पड़ा. हालांकि, बच्चे के नाम में 'मोदी' अभी भी है. नरेंद्र मोदी को उनकी जीत पर इससे बड़ा तोहफा और क्या होगा.

son named after modiयूपी में एक मुस्लिम महिला ने अपने बच्चे का नाम मोदी के नाम पर रखा है.

'सबका विश्वास' जीत ही लेंगे पीएम मोदी

पीएम मोदी ने जीत के बाद सेंट्रल हॉल में सभी सांसदों को संबोधित करने के दौरान कहा था कि सबका साथ, सबका विकास के साथ-साथ उन्हें सबका विश्वास भी जीतना है. उन्होंने एक ट्वीट भी किया था जिसमें लिखा था- 'सबका साथ + सबका विकास + सबका विश्वास = विजयी भारत'. मोदी ने सबका विश्वास वाली बात मुस्लिमों के संदर्भ में ही कही थी. उन्होंने कहा था कि माइनोरिटी को डरा कर रखा गया है, लेकिन उन्हें सबका विश्वास जीतना है. अब एक माइनोरिटी महिला का अपने बेटे का नाम पीएम मोदी के नाम पर रख देने का मतलब साफ है कि सबका विश्वास मिलने की दिशा में पहला कदम बिल्कुल सही पड़ा है. और किसी का विश्वास मिले या नहीं, लेकिन इस महिला का एक वोट तो हमेशा के लिए पक्का हो गया है.

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पति-परिवार ने भी महिला की हां में हां मिलाई

ये वाकया है उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के वजीरगंज इलाके का. यहां मैनाज नाम की एक मुस्लिम महिला ने अपने नवजात बच्चे का नाम नरेंद्र दामोदरदास मोदी रखा है. जैसे ही ये खबर मीडिया में फैली तो रातों-रात बच्चा सुर्खियों में छा गया. शुरुआत में जब महिला ने बच्चे का नाम पीएम मोदी के नाम पर रखने की इच्छा जताई तो सबको ये बात मजाक लगी, लेकिन महिला अपनी बात पर अड़ी रही. पहले तो परिवार वालों ने ऐतराज किया, लेकिन जब दुबई में काम कर रहे महिला के पति मुश्ताक अहमद को ये पता चला तो उन्होंने भी पत्नी की हां में हां मिलाई और परिवार वालों को भी मना लिया. महिला के पति भी पीएम मोदी के प्रशंसक हैं, तो उन्हें भी आपत्ति नहीं हुई. वहीं दूसरी ओर महिला के ससुर भी पीएम मोदी को पसंद करते हैं.

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शपथ पत्र तक बनवाया

ऐसा नहीं है कि बच्चे का नाम यूं ही नरेंद्र दामोदरदास मोदी रख दिया गया. इसके लिए बाकायदा महिला ने डीएम कार्यालय में जाकर एक हलफनामा भी दर्ज कराया और परिवार रजिस्टर में बच्चे का नाम नरेंद्र दामोदरदास मोदी रखा. इसके लिए मैनाज बेगम ने डीएम के नाम एक शपथ पत्र भी बनवाया.

son named after modiमहिला ने बच्चे का नाम नरेंद्र दामोदरदास मोदी रखने के लिए बाकायदा हलफनामा दर्ज किया.

अपनी बात पर अड़ी रहीं

मैनाज बेगम ने अपने बच्चे का नाम नरेंद्र मोदी के नाम पर रख तो दिया, लेकिन मुस्लिम समुदाय और रिश्तेदारों की ओर से नाम बदलने का दबाव डाला जाने लगा. यहां तक कहा गया कि अगर बच्चे का नाम नहीं बदला तो उसका हकीका और खतना भी नहीं होगा और बच्चा मुसलमान नहीं, बल्कि हिंदू हो जाएगा. आखिरकार तमाम दबाव के बीच महिला को अपने बच्चे का नाम बदलना पड़ा, लेकिन वह इस बात पर अड़ी रहीं कि नाम तो मोदी के नाम पर ही रहेगा. अब बच्चे का नाम मोहम्मद अल्ताफ आलम मोदी है.

son named after modiदबाव के बीच बच्चे का नाम तो बदल दिया गया, लेकिन सरनेम अभी भी मोदी ही है.

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मैनाज बेगम नरेंद्र मोदी से बहुत अधिक प्रभावित हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह है तीन तलाक बिल, जिस पर नरेंद्र मोदी सरकार ने खूब जोर दिया. भले ही भाजपा मुस्लिम पुरुषों को प्रभावित करने में कामयाब हुई हो या नहीं, लेकिन मुस्लिम महिलाओं के दिलों में तो पीएम मोदी ने अपनी जगह पक्की कर ही ली है. वैसे भी पीएम तीन तलाक को लेकर कई मौकों पर मुस्लिम महिलाओं का पक्ष ले चुके हैं. मैनाज बेगम ने जो किया है वो देखकर ये साफ होता है कि पीएम मोदी की कोशिश रंग ला रही है. सबका साथ, सबका विकास के साथ-साथ अब वो दिन दूर नहीं जब उन्हें सबका विश्वास भी मिल जाएगा.

 

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