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Updated: 28 जुलाई, 2018 01:44 PM
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मां बनना एक औरत के लिए बहुत अहम माना जाता है. ये कहा जाता है कि एक औरत के लिए ये बहुत सुख की बात है. हालांकि, इसको लेकर सबकी अलग-अलग धारणाएं हैं, लेकिन इतना सभी मानते हैं कि ये एक्सपीरियंस कुछ अलग होता है और ऐसे समय में मां और बच्चे दोनों की बहुत चिंता करनी होती है. पर कई बार कुछ ऐसी खबरें सामने आ जाती हैं जिन्हें देखकर ऐसा लगता है कि कुछ लोग मां बनने और बच्चे पैदा करने को सिर्फ मज़ाक समझते हैं. हाल ही में ऐसी दो खबरें सामने आई हैं जिन्होंने ये समझा दिया कि मां बनने को कितना क्रूर मज़ाक समझा जाता है.

1. यूट्यूब वीडियो देखकर बच्चे को जन्म देने की कोशिश की..

इंटरनेट ने जहां लोगों की जिंदगी आसान बनाई है वहीं इसने लोगों को शायद थोड़ा और मंदबुद्धि बना दिया है. भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में ऐसे केस सामने आते हैं जहां इंटरनेट पर कुछ भी देखकर लोग ट्राय करने लग जाते हैं. यूट्यूब वीडियो ट्यूटोरियल से लोग खाना बनाना सीखते हैं, मेकअप करना सीखते हैं, लेकिन कुछ इसे ज्यादा ही आगे ले जाते हैं. ऐसा ही किस्सा सामने आया तमिलनाडु के तिरुपुर में जहां एक 28 साल की महिला की मृत्यु इसलिए हो गई क्योंकि उसके पति ने उसकी डिलिवरी यूट्यूब ट्यूटोरियल देखकर करवाने की कोशिश की.

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स्कूल टीचर कीर्तिगा ने अपने पति कार्तिगेयन के कहने पर घर में ही बच्चा पैदा करने की कोशिश की. महिला की इसी बीच मौत हो गई क्योंकि बच्चे की नाल उसके शरीर से निकल नहीं पाई. महिला ने जरूरत से ज्यादा खून बह जाने के कारण दम तोड़ दिया.

कीर्तिगा को बच्चा होने के डेढ़ घंटे बाद हॉस्पिटल ले जाया गया और तब तक बहुत देर हो चुकी थी. रिपोर्ट के मुताबिक पति के दो दोस्त प्रवीण और लावण्या इस बारे में कीर्तिगा को भरोसे में ले चुके थे. उन्होंने कीर्तिगा को भरोसा दिलाया था कि नैचुरल प्रेग्नेंसी सही है. अस्पताल जाने की जरूरत नहीं है.

यूट्यूब के वीडियो देखकर खाना बनाना अलग बात है और यूट्यूब के वीडियो देखकर बच्चे पैदा करवाना अलग बात है. विदेशों में भी कई लोग ऐसे नैचुरल बर्थ का तीरका अपनाते हैं, लेकिन उनके यहां शुरुआत से लेकर अंत तक उन्हें इसकी चेतावनी दी जाती है और तय रखा जाता है कि क्या करना है और क्या नहीं, लेकिन अचानक किसी महिला को ऐसे खतरे में ढकेल देना सिर्फ क्रूर मज़ाक ही कहा जा सकता है.

2. फ्लाइट में प्रीमैच्योर बच्चे को जन्म देकर वहीं छोड़ दिया..

एयरएशिया की फ्लाइट में एक महिला खिलाड़ी ने 6 माह के भ्रूण को गिराया या यूं कहें कि जन्म दिया और उसे वहीं टिशू पेपर में बांधकर छोड़ आई. प्रीमैच्योर बच्चा होने के कारण वो वैसे ही मृत था और उसे लैंडिंग के ठीक पहले पाया गया था.

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ये थी 19 साल की ताइक्वांडो प्लेयर की हरकत जिसने इंफाल से दिल्ली के बीच की फ्लाइट में ये काम किया. उस लड़की को साउथ कोरिया जाना था अपने टूर्नामेंट के लिए. लड़की के साथ उसका कोच भी था और कोच के अनुसार उसे इस बारे में कुछ नहीं पता था.

महिला से पूछताछ करने पर पता चल गया कि वो बच्चा उसी का था और उसने प्लेन के बाथरूम में ही उसे जन्म दिया और वहीं फेंक दिया. बच्चे को टिशू पेपर में लपेट कर फेंका गया था.

इन दोनों ही खबरों में ये समझ आता है कि जैसे मां बनने को एक खेल ही बना दिया गया है. दो मां और दो बच्चे, अगर गौर करें तो ये देखेंगे कि शायद दोनों ने ही प्रेग्नेंसी को एक मज़ाक समझ लिया. प्रेग्नेंसी को लेकर लोग कई नियम कायदे सुनाते हैं, कई नियम कायदे बताते हैं, लेकिन ये दो उदाहरण तो सिर्फ ऐसे लगे जैसे प्रेग्नेंसी को खेल समझ लिया गया हो.

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