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 |  2-मिनट में पढ़ें  |   21-01-2016
पारुल चंद्रा
पारुल चंद्रा
  @parulchandraa
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ये इश्क नहीं आसां, मगर इतना समझ लीजे, एक आग का दरिया है और डूब के जाना है. लेकिन इसी आग के दरिया में नाव चलाने का काम शुरू किया है 'लव कमांडो' ने. वे न सिर्फ प्‍यार के सवारों को ये दरिया पार कराएंगे, बल्कि जो डूब रहा होगा उसे बचाएंगे भी.

इश्क सच में आसान नहीं होता. और भारत में तो प्यार करने वालों के दुश्मन उनके परिवार वाले ही हैं. वो बात और है कि कई जगह कट्टरता कम हुई है और लोग अब प्रेम विवाह करने लगे हैं, लेकिन हर जगह ऐसा नहीं है. जात-पात, रंग-रूप, धर्म, कुंडली और न जाने क्या-क्या आड़े आता है दो प्यार करने वालों के बीच. वो घर से अलग होकर शादी कर भी लें तो अपनी जान बचाने के लिए दर-दर भटकते हैं. ऑनर किलिंग के मामले ये बताते हैं कि प्रेम विवाह अब भी स्वीकार्य नहीं हैं.

ऐसे ही मामलों और उनमें फंसी जोडि़यों को बचाने का काम कर रही है संस्‍था 'Love Commandos'(लव कमांडोज़). ये संस्था प्यार करने वालों की मदद करती है और उन्हें संरक्षण भी देती है. 2010 से काम कर रही इस टीम में मानव आधिकारों के जानकार और वकील भी शामिल हैं.

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जो प्रेमी जोड़े परिवार की मर्जी के बगैर शादी कर लेते हैं और परिवारवालों के डर से इधर-उधर भटकते हैं, ये संस्था ऐसे जोड़ों को संरक्षण देती है, उन्हें रहने की जगह देती है जहां वो सुरक्षित रहते हैं. जोड़े इन सीक्रेट शेल्टर में यहां तब तक रह सकते हैं जब तक कि वो आर्थिक रूप से मजबूत न हो जाएं. संस्था इन जोड़ों की शादी कानून रजिस्टर कराने में भी मदद करती है. पूरे भारत से करीब 6 लाख लोग इस संस्था से जुड़े हैं. और ये करीब 200 जोड़ों को संरक्षण दे चुके हैं.

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'Love Commandos' की मानें तो इनके 24 घंटे एक्टिव रहने वाली हेल्पलाइन पर तकरीबन 300 कॉल्स रोजाना आते हैं. अपनी वेबसाइट lovecommandos.org से भी ये लोग प्यार करने वाले लोगों की मदद करते हैं. जिसमें बताया गया है कि ये लोग ऑनर किलिंग के विरोधी हैं और कहते हैं कि “ प्यार करना पाप नहीं, विरोधी हमारा बाप नहीं “

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'Love Commandos' सोशल मीडिया पर भी एक्टिव हैं और इन्हें करीब 8 हजार लोग पसंद करते हैं. इनकी वेबसाइट और पेज पर आए कमेंट्स से साफ पता चलता है कि ये लोग प्यार करने वालों के लिए किसी उम्मीद से कम नहीं है. और उम्मीद पर दुनिया कायम है.

लेखक

पारुल चंद्रा पारुल चंद्रा @parulchandraa

लेखक इंडिया टुडे डिजिटल में पत्रकार हैं

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