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 |  5-मिनट में पढ़ें  |   13-03-2018
अनुज मौर्या
अनुज मौर्या
  @anujmaurya87
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नशे में धुत ड्राइवर लड़की और सड़क पर पलटी हुई कार. अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है कि क्या हुआ होगा. नशा कितना खतरनाक होता है, इसका जीता-जागता उदाहरण है दिल्ली के मुखर्जी नगर की ये मंजर. मौज मस्ती के नाम पर एक लड़की का शराब पीकर गाड़ी चलाना उसी के दो दोस्‍तों की जान ले बैठा. पता सबको है कि नशे में गाड़ी चलाना खतरनाक है, लेकिन लोगों को लगता है कि एक या दो पेग से क्या होता है. चलिए आज हम आपको समझाते हैं कि एक या दो पेग पीने के बाद गाड़ी पर कितना कंट्रोल रहता है. लेकिन उससे पहले जान लीजिए दिल्ली में हुई घटना के बारे में.

5 मिनट पहले आई थी ड्राइविंग सीट पर

एमिटी यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई कर रही 19 साल की लड़की दीक्षा अपने दोस्तों के साथ रात में गाड़ी चला रही थी. गाड़ी चलाते वक्त दीक्षा नशे में धुत थी. उसके शरीर में निर्धारित सीमा से 5 गुना अधिक एल्कोहल था. गाड़ी से शराब की बोतलें और डिस्पोजेबल गिलास भी मिले हैं. ये गाड़ी रितेश दहिया की थी, जो खुद ही गाड़ी चला रहे थे, लेकिन रास्ते में दीक्षा ने गाड़ी चलाने की जिद की. गाड़ी चलाना शुरू करने के महज 5 मिनट बाद ही ये दर्दनाक हादसा हो गया. गाड़ी डिवाइडर से टकराकर सिग्नल का खंभा तोड़ते हुए तीन बार पलटी. आगे बैठी दोनों लड़कियों को तो कुछ नहीं हुआ क्योंकि एयरबैग खुल गए थे, लेकिन पीछे बैठे लोगों में से दो की जान चली गई. पीछे एक अन्य लड़की और दो लड़के सिद्धार्थ सिंह (20 साल) और रितेश दहिया (21 साल) खुद बैठे थे. लड़की को तो मामूली चोट लगी, लेकिन रितेश और सिद्धार्थ की जान चली गई.

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क्या है खून में एल्कोहल की निर्धारित सीमा?

यूं तो जरा सी भी शराब पीकर गाड़ी नहीं चलानी चाहिए, लेकिन फिर भी ट्रैफिक पुलिस की तरफ से नशा करने की एक सीमा निर्धारित की गई है. अगर किसी के खून में एल्कोहल की मात्रा 0.03% से अधिक हो जाती है तो समझ लीजिए कि वह गाड़ी नहीं चला सकता है यानी इससे अधिक नशे में गाड़ी चलाना अपराध है. पुलिस इसी मात्रा को चेक करती है, जिसे बीएसी (Blood Alcohol Content) लेवल कहा जाता है.

कितने पेग शराब से बिगड़ सकता है मामला?

अगर खून में एल्कोहल की निर्धारित मात्रा को ध्यान में रखकर देखा जाए तो 30ml की एक पेग व्हिस्की पीकर एक शख्स गाड़ी चला सकता है. हालांकि, यह ध्यान रखने की बात है कि अलग-अलग लोगों पर स्वास्थ्य, लिंग, वजन और उम्र के हिसाब से शराब का असर भी अलग-अलग होता है. वहीं अगर किसी ने 30ml की दो पेग व्हिस्की पी रखी है तो उसके खून में एल्कोहल की मात्रा 0.05% तक हो जाती है, जो निर्धारित सीमा से अधिक है. ये नशा कब तक रहेगा ये इस बात पर भी निर्भर करता है कि व्यक्ति ने शराब खाली पेट पी है या कुछ खाकर. खाली पेट शराब का नशा अधिक होता है और देर तक रहता है.

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कितनी शराब का आपके शरीर पर कैसा असर करती है?

एक पेग व्हिस्की- अगर कोई एक पेग व्हिस्की पीता है तो उसका बीएसी लेवल करीब 0.02% हो जाता है. ऐसी स्थिति में उसकी निर्णय करने की क्षमता मामूली घट जाती है, शरीर सामान्य की तुलना में थोड़े आराम की मुद्रा में आ जाता है, शरीर का तापमान थोड़ा सा बढ़ जाता है, देखने की क्षमता में बहुत हल्की सी कमी आ जाती है और एक साथ कई काम करने की क्षमता भी कम हो जाती है.

दो पेग व्हिस्की- किसी के बीएसी लेवल को 0.05% तक पहुंचाने के लिए व्हिस्की के 30ml के दो पेग काफी हैं. ऐसी स्थिति में निर्णय करने की क्षमता काफी कम हो जाती है, व्यवहार उत्तेजक हो जाता है, आपसी सहयोग की भावना काफी कम हो जाती है, चलती हुई चीजों को पहचानने में दिक्कत होने लगती है, अलर्ट रहने की क्षमता भी कम हो जाती है और साथ ही किसी क्रिया पर प्रतिक्रिया देने की दर भी घट जाती है.

तीन पेग व्हिस्की- अगर किसी ने 30ml की तीन पेग व्हिस्की पी ली तो उस के शरीर में बीएसी लेवल करीब 0.08% तक पहुंच जाएगा. इतनी शराब पीने के बाद निर्णय करने की क्षमता बहुत अधिक कम हो जाती है, खुद पर से नियंत्रण खोने लगता है, कुछ चीजें भूलने लगते हैं, ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत होती है, स्पीड पर नियंत्रण नहीं रह पाता और आस-पास से मिली जानकारी को प्रोसेस करने में भी दिक्कत होती है जैसे अगर सामने कोई आ जाए तो यह समझने में वक्त लग जाएगा कि ब्रेक मारनी है या फिर गाड़ी दूसरी ओर घुमानी है और जब तक कोई ये सब सोच समझ पाएगा, तब तक एक्सिडेंट हो जाएगा.

चार पेग व्हिस्की- व्हिस्की के चार पेग किसी के शरीर में जाकर उसका बीएसी लेवल 0.10 तक बढ़ा देते हैं. इसके बाद कोई भी गाड़ी का नियंत्रण खो देता है, गाड़ी को एक लेन में चलाने में मुश्लिक होती है यानी गाड़ी सड़क पर लहराती हुई चलेगी, ब्रेक कब मारनी है और एक्सिलेटर कितना देना है ये भी समझ नहीं आता है और साथ ही बोलने में भी लड़खड़ाहट होती है.

कितनी सजा और क्या जुर्माना?

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की वेबसाइट के मुताबिक अगर पहली बार कोई शख्स निर्धारित सीमा से अधिक नशे में गाड़ी चलाता है तो उस पर 2000 रुपए तक का जुर्माना या 6 महीने तक की सजा या फिर दोनों हो सकते हैं. इसके अलावा, अगर वह 3 साल के अंदर दोबारा यही गलती करता है तो उसे 2 साल की सजा हो सकती है या 3000 रुपए तक का जुर्माना लग सकता या फिर दोनों लग सकते हैं.

भले ही आपके खून में एल्कोहल की मात्रा या बीएसी की एक सीमा निर्धारित की गई है, लेकिन आपको एक भी पेग शराब पीने के बाद गाड़ी को हाथ नहीं लगाना चाहिए. शराब का असर अलग-अलग लोगों पर अलग तरीके से होता है. तो शराब पीकर गाड़ी कभी न चलाएं क्योंकि यह आपके लिए तो हानिकारक है ही, सड़क पर चल रहे लोगों की जिंदगी भी खतरे में पड़ सकती है.

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