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Updated: 28 मई, 2021 01:15 PM
देवेश त्रिपाठी
देवेश त्रिपाठी
  @devesh.r.tripathi
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आजकल पेट्स (Pets) पालने का चलन बहुत आम हो गया है. एक तरफ यह स्टेटस सिंबल बनता जा रहा है. वहीं, दूसरी ओर लोगों के घरों में पेट्स परिवार के एक सदस्य की तरह हो जाते हैं. इस बात में कोई दो राय नहीं है कि पेट्स छोटे हों या बड़े सभी होते बहुत क्यूट हैं. बड़े पेट्स के साथ शुरुआती दिनों में घर के कुछ लोग हिचकिचाहट महसूस करते हैं, लेकिन समय के साथ लोगों को अपने पेट्स से लगाव हो ही जाता है. अमूमन जिन भी घरों में पालतू जानवर होते हैं, वो लोग सोशल मीडिया पर बड़े टशन के साथ अपने पालतू जानवरों की तस्वीरें और वीडियो साझा करते हैं. शॉर्ट वीडियो के तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोग अपने पालतू जानवरों के साथ अजीबोगरीब करतब और हरकतें करते आसानी से दिख जाएंगे. वैसे, सोशल मीडिया के इस दौर में इंसान 'वायरल' होने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है. वायरल होने की इसी चाहत में अब कुछ लोग गैर-जिम्मेदार भी होने लगे हैं. इन लोगों की गैर-जिम्मेदाराना हरकतें इस कदर बढ़ चुकी हैं कि ये अपने इन पेट्स को 'खिलौने' की तरह इस्तेमाल करने लगे हैं.

खिलौने के तौर पर पालते हैं पेट्स

दिल्ली के एक यूट्यूबर गौरव जॉन ने अपने पालतू डॉग 'डॉलर' को हवा में उड़ने वाले गुब्बारे से बांध दिया और उसे हवा में उड़ा दिया. इन भाई साहब ने ये वीडियो अपने यूट्यूब चैनल के लिए बनाया था और इसे शेयर भी किया था. देखते ही देखते वीडियो वायरल हो गया, जिसकी वजह से इन्हें खूब पब्लिसिटी मिली. वहीं, सोशल मीडिया पर मौजूद कई लोगों ने इनके इस खेल पर आपत्ति जताई, जिसके बाद गौरव ने वीडियो को अपने यूट्यूब चैनल से हटा दिया. मामला वायरल हो चुका था, तो लोगों की नजरों में आने लगा. जिसके बाद पशुओं के लिए काम करने वाली एक संस्था ने इसकी शिकायत की और अब यूट्यूबर गिरफ्तार हो चुके हैं. पुलिस ने गौरव और उसकी मां पर महामारी निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है. वैसे, ये कोई नई बात नहीं है. इससे पहले भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें लोगों ने अपने पेट्स को 'खिलौनों' की तरह इस्तेमाल किया है. सोचने वाली बात ये है कि ऐसे तमाम मामलों के बाद भी लोग सुधरने का नाम नहीं लेते हैं.

दरअसल, आज के समय में लोग छोटे पेट्स को इसीलिए पालते हैं कि बच्चों का मनोरंजन हो सके. बच्चों के लिए इन छोटे पेट्स से अच्छा खिलौना भला क्या हो सकता है? चलता-फिरता एक ऐसा खिलौना जिससे बच्चे मनमर्जी के साथ खेल सकें और कोई नुकसान भी ना हो. बड़े जानवरों के साथ समस्या होती है कि वे हमला भी कर सकते हैं, तो इसी वजह से लोग इन छोटे खिलौनों को अपने घर में जगह देने लगे हैं. बच्चे भी इन्हें अन्य खिलौनों की तरह दो चपत लगा देते हैं, तो ये बेजुबान कुछ कह नहीं पाते हैं.

बेजुबान के साथ निभानी होती हैं जिम्मेदारियां

अगर आप अपने अंदर के पशुप्रेम को दर्शाने के लिए घर में एक पेट पालते हैं, तो उसके साथ आपको कुछ जिम्मेदारियां भी निभानी पड़ती हैं. ये जिम्मेदारियां केवल उसके खाने और बाहर घुमाने तक सीमित नहीं होती हैं. लगाव की वजह से पेट्स को जब आप नाम देते हैं, तो उसे घर का सदस्य घोषित करते हैं. अमूमन सड़क या गली-मुहल्लों में पाए जाने वाले आवारा कुत्तों को नाम से नहीं बुलाया जाता है. इसकी वजह ये होती है कि उनसे उस तरह का लगाव नहीं होता है, जो घर के पालतू जानवर से होता है. लेकिन, इन आवारा कुत्तों को भी लोग दो रोटी डाल देते हैं. लेकिन, इन्हें रोटी खिला देने भर से आपको इनकी जिंदगी से खिलवाड़ करने का लाइसेंस नहीं मिल जाता है. फिर कोई कैसे अपने पेट्स के साथ इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना हरकत कर सकता है? जिससे आपका लगाव है, आप उसकी जान को जोखिम में डालने में जरा भी नहीं हिचकिचाते हैं. वो भी कुछ लाइक और कमेंट्स के लिए.

गौरव ने ये भी कहा कि उन्होंने सुरक्षा के सारे इंतजाम किए थे.गौरव ने ये भी कहा कि उन्होंने सुरक्षा के सारे इंतजाम किए थे.

चंद पैसों की खातिर जान से खिलवाड़

पुलिस की पूछताछ में यूट्यूबर गौरव ने बताया कि उन्होंने ये वीडियो अपने चैनल के लिए बनाया था. लिखी सी बात है कि वह चाहते थे कि वीडियो वायरल हो और इससे उन्हें कुछ पैसे कमाने का मौका मिल जाए. क्या इन जैसे लोग पैसों की खातिर अपने परिवार के किसी इंसानी सदस्य के साथ ये हरकत करना का रिस्क लेंगे? अगर नहीं, तो इन बेजुबान जानवरों के साथ लोग इस तरह की हरकत करने से पहले क्यों नहीं सोचते हैं? गौरव ने ये भी कहा कि उन्होंने सुरक्षा के सारे इंतजाम किए थे. सुरक्षा के इंतजाम होना अलग बात है, लेकिन इस तरह के करतब करने की सोचना भी किसी अपराध से कम नहीं है. हालांकि, गौरव को उनकी इस हरकत की सजा मिल गई है. लेकिन, सवाल उठना चाहिए कि आखिर चंद पैसों के लालच में आप एक बेजुबान की जिंदगी से खेल जाने में भी कोई गुरेज क्यों नहीं करते हैं?

इंसान की मूर्खता अनंत है

दुनिया के महान वैज्ञानिकों में से एक आइंस्टीन ने कहा था कि ब्रह्मांड और मनुष्य की मूर्खता दो ऐसी चीजें हैं, जो अनंत हैं. मैं ब्रह्मांड के बारे में यकीनी तौर पर कुछ नहीं कह सकता, लेकिन इंसान के बारे में बोल सकता हूं. वैसे, कहा तो ये भी जाता है कि समय के साथ काफी चीजों में बदलाव आ जाता है. लेकिन, इन काफी चीजों में इंसान शामिल नहीं है. उसकी मूर्खता दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है. बीते साल ही केरल में एक गर्भवती हथिनी को कुछ लोगों ने पटाखों से भरा हुआ अनानास खिला दिया था. जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई थी. पूरे देश में इस घटना के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा था, लेकिन 'समय के साथ घाव भी तो भर जाते हैं'. पशुओं के साथ क्रूरता में इंसान धरती पर मौजूद सभी तरह की नस्लों से कहीं आगे है. हर बार वो कुछ ऐसा कर देता है, जिससे लोगों में गुस्सा भर जाता है, लेकिन समय के साथ ये तात्कालिक गुस्सा भी काफूर हो जाता है. नियमों को कठोर बनाने की मांग उठती है और फिर कुछ दिनों बाद ठंडी पड़ जाती है.

इंसान के अंदर बसा है सर्वश्रेष्ठ प्रजाति का दंभ

जानवर पालने का शौक होना और पशुओं से प्रेम करना, ये दो अलग-अलग चीजें हैं. ऐसी घटनाओं पर लोगों का गुस्सा तो सामने आता है, लेकिन वो सड़क पर नहीं आते हैं. अपने अधिकारों के लिए लोग महीनों तक प्रदर्शन कर सकते हैं, लेकिन इन बेजुबानों की जान के लिए इंसानों के पास इतना समय नहीं है. दरअसल, इंसान के अंदर धरती पर मौजूद सभी प्राणियों से खुद के श्रेष्ठ होने का दंभ भरा हुआ है. जब तक ये भाव खत्म नहीं होगा, ऐसी घटनाएं सामने आती रहेंगी. इंसान जब इंसान को मार सकता है, तो उसके लिए ये बेजुबान जानवर क्या चीज हैं? वो इन्हें खिलौना नहीं समझेगा, तो और क्या समझेगा?

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लेखक

देवेश त्रिपाठी देवेश त्रिपाठी @devesh.r.tripathi

लेखक इंडिया टुडे डिजिटल में पत्रकार हैं. राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर लिखने का शौक है.

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