होम -> समाज

 |  4-मिनट में पढ़ें  |  
Updated: 05 जनवरी, 2021 11:12 PM
मशाहिद अब्बास
मशाहिद अब्बास
  @masahid.abbas
  • Total Shares

आंध्र प्रदेश पुलिस (Andhra Pradesh Police) का एक ट्वीट लोगों का दिल जीत लेने के लिए काफी है. किसी भी बाप का एक बहुत बड़ा सपना होता है कि उसकी बेटी या उसका बेटा उनका नाम रौशन करे. आंध्र पर्देश के गुंटूर (Guntur) में एक घटना खूब वायरल हो रही है. जिले में डीएसपी (DSP) की पोस्ट पर तैनात एक बेटी जेस्सी प्रसांती को उसके पिता सर्किल इंस्पेक्टर श्याम सुंदर ने सैल्यूट किया जिसकी तस्वीर इंटरनेट पर छायी हुयी है. लोग सोशल मीडिया (Social Media) पर खुशी का इज़हार करते हुए इन फोटोज़ को खूब शेयर कर रहे हैं. एक पिता के लिए इससे बड़ी बात कोई हो भी नहीं सकती कि उसकी बेटी या बेटा उनसे ज़्यादा कामयाब होकर नाम उनका नाम रौशन कर रहे हैं. हमारे बीच अकसर ऐसी तस्वीरें या खबरें आती रहती हैं जो मिसाल दिए जाने के लायक होती हैं.कुछ वर्ष पूर्व तेलंगाना में कार्यरत एक आईपीएस बेटी सिंधु की तस्वीर भी खूब वायरल हुयी थी जिसमें उनका सामना एक कार्यक्रम के दौरान अपने डीसीपी पिता से उस वक्त हो गया जब वह सुरक्षा के बंदोबस्त का मुआयना कर रही थी. बाप-बेटी दोनों ही अनजान थे कि उनका इस तरह से सामना हो जाएगा. जैसे ही अधिकारी बेटी सामने से गुज़री तो पिता ने फौरन सैल्यूट मारते हुए सलामी दी.

Andhra Pradesh, Viral Photo, Police, Father, Daughter, Job, IPSआंध्र प्रदेश में अधिकारी बेटी को सैल्यूट करता पिता

इस दौरान कई फोटो भी ले लिए गए जो बाद में जमकर वायरल हो गए. पिता से जब इस मौके पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने अपने बयान में कहा कि ड्यूटी के वक्त उनकी बेटी उनकी अधिकारी है, ड्यूटी के दौरान वह जब भी सामने आएगी तो हमारा कर्तव्य है कि उसे एक अधिकारी समझ कर ही उसके निर्देशों का पालन किया जाए. ये हमारी किस्मत है कि हमारी बेटी हमारे ही विभाग में हमारी ही अधिकारी बनकर आयी है जो कानून व्यवस्था को चुस्त और दुरुस्त रखने के लिए खूब मेहनत करती हैं.

ये तस्वीरें दिल को जीत लिया करती हैं और एक ऐसा मैसेज दे जाती हैं जिससे सीख भी हासिल की जाती है. इन तस्वीरों को वायरल करते वक्त लोग इन तस्वीरों से नसीहत लेने की बात करते हैं, और एक पिता के लिए ये लम्हा कितना खास होता है यह सिर्फ और सिर्फ एक पिता ही जान सकता है.

ऐसी तस्वीरों से सीखा जा सकता है कि अपने माता पिता का नाम रौशन करने के लिए उनको ऐसी खुशी दे दी जाए जिसपर वह नाज़ कर सकें. किसी भी सरकारी कर्मचारी के लिए अधिकारी एक अलग ही मायने रखता है औऱ वह उस पद पर बैठे इंसान के सामने हमेशा आदर के साथ पेश आता है और मन ही मन सोचता है काश उस अधिकारी की गद्दी पर वह खूद बैठे होते और वहां से सबको निर्देश दे रहे होते.

ये सोच उस हर कर्मचारी के दिल में आ ही जाती है. और जब एक ऐसा मौका आए जब उस पद पर खुद उनका बेटा या उनकी बेटी विराजमान हो जाए तो एक अलग ही किस्म की खुशी उमड़ पड़ती है. ऐसा महसूस होता है कि उनकी परवरिश का ज़िम्मा उन्होंने बेहतरीन तरीके से उठाया है और आज एक ऐसे मुकाम पर पहुंचा दिया है जहां पर पहुंच जाने को कामयाबी लिखा जा सकता है.

काश हर माता पिता का सपना ऐसे ही फल फूल कर पूरा होता रहे और हर मां बाप के चेहरे पर ऐसी ही मुस्कान हो.

ये भी पढ़ें -

ब्रिगेडियर उस्मान को याद रखिए, या कश्मीर और जय हिंद पर इतराना भूल जाइये

गाज़ियाबाद के श्मशान घाट की छत लोकार्पण से पहले ही टूट गई, यानी भ्रष्टाचार अमर है

सन्यास से गृहस्थी में लौटे महिला-पुरुष कुछ लोगों को खल रहे हैं, तो कई के लिए सुकून भी

लेखक

मशाहिद अब्बास मशाहिद अब्बास @masahid.abbas

लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं और समसामयिक मुद्दों पर लिखते हैं

iChowk का खास कंटेंट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक करें.

आपकी राय