New

होम -> सोशल मीडिया

 |  2-मिनट में पढ़ें  |  
Updated: 28 अक्टूबर, 2022 12:53 PM
देवेश त्रिपाठी
देवेश त्रिपाठी
  @devesh.r.tripathi
  • Total Shares

सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक युवक की हत्या का वीडियो वायरल हो रहा है. बताया जा रहा है कि एक होटल के बाहर पार्किंग को लेकर हुई बहसबाजी ने अचानक ही झगड़े का रूप ले लिया. और, पार्किंग की मामूली सी बात पर हुए इस झगड़े में वरुण नाम के एक युवक की हत्या कर दी गई. मिली जानकारी के अनुसार, मृतक वरुण अपने दो दोस्तों के साथ खाना खाने निकला था. इसी बीच पार्किंग को लेकर विवाद हुआ. और, दूसरे पक्ष के युवकों ने पहले लात-घूंसों से पिटाई की. फिर ईंट से हमला कर वरुण का सिर फोड़ दिया. इस मामले में सबसे दुखद पहलू ये रहा कि वरुण को पिटता देख उसके दोस्त उसे सड़क पर लहूलुहान हालत में ही छोड़ भाग गए. वरुण के दोस्तों से इतनी तो उम्मीद की ही जा सकती थी कि वो उसे अस्पताल तक पहुंचा देते. लेकिन, वो उसे वहीं मरता छोड़ गए. 

वैसे, गलती सिर्फ वरुण के दोस्तों भर की नहीं है. वहां से गुजर रहे हर राहगीर और मूकदर्शक बने लोगों की भी है. जिन्होंने मदद के लिए आगे आने की जगह केवल घटना का वीडियो भर बना लिया. जिसके चलते वरुण ने सड़क पर ही तड़पते हुए दम तोड़ दिया. अगर वहां मौजूद लोग आगे आकर मदद करते, तो शायद वरुण की जान बचाई जा सकती है. और, उससे भी बड़ी बात ये है कि शायद लोगों के बीच-बचाव कराने की कोशिश से इस तरह की घटना होती ही नहीं. लेकिन, न वरुण के दोस्तों ने साथ दिया. और, न ही वहां खड़े मारपीट और हत्या का तमाशा देख रहे लोगों के दिल में इसे रोकने का ख्याल आया. वैसे, दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में होने वाले रोड रेज और पार्किंग विवाद को लेकर होने वाली ऐसी ही कई घटनाओं के बाद कहना गलत नहीं होगा कि लोगों में अब दिल बचा ही कहां है.

Road Rage Ghaziabadगलती सिर्फ वरुण के दोस्तों भर की नहीं है. वहां से गुजर रहे हर राहगीर और मूकदर्शक बने लोगों की भी है.

दरअसल, संवेदनशीलता लोगों में धीरे-धीरे खत्म होती जा रही है. दिल्ली और एनसीआर जैसे छोटे-बड़े मेट्रो-शहरों में लोग अपनी जिंदगी का आपाधापी में इस कदर मसरूफ हो गए हैं कि उन्हें दुनिया का दर्द दिखाई ही नहीं पड़ता है. आज के समय में तो जब तक कोई खुद से आगे न बढ़े, तो किसी दुर्घटना का शिकार हुए लोगों की मदद भी करने से कन्नी काटते हैं. और, ये असंवेदनशीलता लोगों में तेजी से बढ़ रही है. गाजियाबाद में पार्किंग विवाद में हुई हत्या इसका एक ताजा उदाहरण भर है.

लेखक

देवेश त्रिपाठी देवेश त्रिपाठी @devesh.r.tripathi

लेखक इंडिया टुडे डिजिटल में पत्रकार हैं. राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर लिखने का शौक है.

iChowk का खास कंटेंट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक करें.

आपकी राय