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Updated: 28 अक्टूबर, 2022 07:39 PM
देवेश त्रिपाठी
देवेश त्रिपाठी
  @devesh.r.tripathi
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करीब 8 महीनों से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध के जल्द खत्म होने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन किसी भी हाल में पश्चिमी देशों के दबाव के आगे झुकने को तैयार नहीं हैं. वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति और पूर्व कॉमेडियन वलाडिमीर जेलेंस्की भी पश्चिमी देशों से मिल रही हथियारों की भारी मदद के भरोसे रूस के आगे कमजोर नहीं पड़ रहे हैं. इन सबके बीच चेचन्या के कमांडर रमजान कादिरोव ने रूस-यूक्रेन युद्ध को जिहाद करार दिया है. और, कहा है कि दुनियाभर के मुसलमानों को शैतानी ताकतों से लड़ने के लिए एकजुट होना चाहिए.

बता दें कि चेचन्या के लड़ाकों की फौज रूस की ओर से लड़ रही है. क्योंकि, चेचन्या रूस का ही एक हिस्सा है. और, कमांडर रमजान कादिरोव रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का धुर समर्थक है. लेकिन, क्या इस वजह भर से दुनियाभर के मुसलमान रूस-यूक्रेन युद्ध में कादिरोव का कहा मान लेंगे? वैसे, रूस-यूक्रेन युद्ध को जिहाद की संज्ञा और मुसलमानों से इसमें कूदने की अपील को देखने के बाद सवाल उठना लाजिमी है कि बेगानी शादी में चेचन्या कमांडर की वजह से क्या दुनिया का मुसलमान दीवाना होगा?

Chechnya Commander Ramzan Kadyrov calls Russia Ukraine War Jihad in support of Putin will the Muslims of the world go crazyचेचन्या रूस का ही एक हिस्सा है. और, कमांडर रमजान कादिरोव रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का धुर समर्थक है.

अल्लाह की कसम खाने से क्या ये जिहाद हो जाएगा?

रमजान कादिरोव ने सोशल मीडिया की टेलीग्राम मैसेजिंग एप पर एक वीडियो संदेश जारी कर पूरे यूक्रेन को ही रूसी क्षेत्र बताया है. रमजान कादिरोव ने कहा कि 'मैं सर्वशक्तिमान अल्लाह की कसम खाता हूं. यह वह महान जिहाद है. जिसमें हम सभी को भाग लेना चाहिए. मैं वादा करता हूं. हम हर दिन उन पर हमला करेंगे. हम इन शैतानों (बुरी आत्माओं) को बंदी नहीं बनाएंगे. हम उन्हें जला देंगे.' बताना जरूरी है कि रूस समर्थक कादिरोव के आदेश पर बड़ी संख्या में चेचन लड़ाके यूक्रेन के खिलाफ युद्ध लड़ रहे हैं. और, यूक्रेन पर कहर बरपा रहे हैं.

लेकिन, शायद रमजान कादिरोव की इस अपील का दुनियाभर के मुसलमानों पर कोई असर पड़ेगा. हां, भारत के कट्टरपंथी मुस्लिमों की बात नहीं की जा सकती है. क्योंकि, वो तो भारत को आजादी मिलने से पहले भी तुर्की के खलीफा को हटाए जाने पर खिलाफत आंदोलन तक चला चुके हैं. और, आज भी कट्टरपंथी मुसलमान रोहिंग्या मुस्लिमों के समर्थन से लेकर सीएए विरोधी दंगों तक में शामिल होते रहे हैं. ये तो भला हो केंद्र सरकार की पीएफआई जैसे कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन पर पांच साल का बैन लगा दिया. वरना पीएफआई ने तो 2047 का प्लान भी तैयार कर लिया था.

खैर, वापस रमजान कादिरोव पर आते हैं. तो, कादिरोव के कहने पर जब रूस के मुसलमान रूस-यूक्रेन युद्ध के इस तथाकथित 'जिहाद' में शामिल नहीं हो रहा है. ऐसे में दुनियाभर के मुसलमान रमजान की बात सुनने से रहे. वैसे भी रूस-यूक्रेन युद्ध के विकट होने पर तीसरा विश्व युद्ध छिड़ने की आशंकाएं जन्म लेने लगी हैं. क्योंकि, व्लादिमीर पुतिन ने न्यूक्लियर हथियारों की टेस्टिंग भी शुरू करने का ऐलान कर दिया है.

लेखक

देवेश त्रिपाठी देवेश त्रिपाठी @devesh.r.tripathi

लेखक इंडिया टुडे डिजिटल में पत्रकार हैं. राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर लिखने का शौक है.

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