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अक्षय को किसी और ने नहीं कोरोना ने हराया, बॉक्स ऑफिस पर बेल बॉटम के हश्र से भगदड़ मचना तय!

    • अनुज शुक्ला
    • Updated: 23 अगस्त, 2021 08:51 PM
  • 23 अगस्त, 2021 08:42 PM
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फिल्म के कारोबारी आंकड़ों से साफ़ हो जाता है कि बॉक्स ऑफिस पर बेल बॉटम को दो चीजों ने बुरी तरह से प्रभावित किया. अप्रैल में देश के अंदर कोरोना महामारी की जिस तरह भयावह तस्वीरें निकलकर सामने आईं, लोगों ने उसके खौफ में थियेटर जाने से परहेज किया है.

अब तक जिस तरह की प्रतिक्रियाएं आई हैं उसमें बेल बॉटम हर लिहाज से एक अच्छी फिल्म नजर आई. महामारी की दूसरी लहर के बाद बेल बॉटम थियेटर में रिलीज होने वाली बॉलीवुड की पहली फिल्म भी बनी. लेकिन स्पाई एक्शन थ्रिलर को विपरीत हालात में मनोरंजक बनाने की तमाम कोशिशों का नतीजा बॉक्स ऑफिस पर बेहद खराब निकलता दिख रहा है. पहले वीकएंड में फिल्म से जिस तरह के कारोबार की उम्मीद मेकर्स और ट्रेड एनालिस्ट को थी वो डूब चुकी है. बेल बॉटम के निर्माण पर तो महामारी का साया नहीं पड़ा, मगर लोगों के जेहन में अंदर तक बैठा उसका खौफ फिल्म के कारोबार को ले डूबा. अक्षय कुमार की फिल्म के जरिए बॉक्स ऑफिस से जो संदेश निकला है उसका असर इंडस्ट्री में दूर तक पड़ने की आशंका है.

निर्माता वासु भागनानी ने बेल बॉटम के रास्ते में किसी चीज को आड़े नहीं आने दिया था. महामारी के साए में फिल्म की फोटोग्राफी का काम शुरू हुआ था. जब लगा कि कोरोना के प्रकोप में फिल्म की शूटिंग प्रभावित होगी, निर्माताओं ने बायो बबल बनाकर समूचे क्रू को यूके पहुंचा दिया और वहीं पर शूटिंग हुई. फिल्म बनकर तैयार भी हो गई. इतंजार था कि जैसे ही दूसरी लहर का असर कम होगा, थियेटर में रिलीज किया जाएगा. हुआ भी बिल्कुल ऐसा ही. करीब 170 से 180 करोड़ के कुल बजट में बनी फिल्म को स्वतंत्रता दिवस के बाद की छुट्टियों वाले वीकएंड में रिलीज किया गया. फिल्म की तारीफ़ खूब हुई. दर्शक ही सिनेमाघरों तक नहीं पहुंच रहे.

बेल बॉटम देश में करीब 1600 से ज्यादा स्क्रीन्स पर रिलीज है. मुंबई और ऐसे ही कुछ इलाकों में कोरोना की वजह से थियेटर बंद होने की वजह से रिलीज नहीं हो पाई है. फिल्म के स्केल के हिसाब से स्क्रीन्स की संख्या को बढ़िया कहा जा सकता है. बावजूद चार दिन के अच्छे और त्योहारी वीकएंड में फिल्म 12 करोड़ से कुछ ज्यादा ही कमाने में कामयाब हुई है....

अब तक जिस तरह की प्रतिक्रियाएं आई हैं उसमें बेल बॉटम हर लिहाज से एक अच्छी फिल्म नजर आई. महामारी की दूसरी लहर के बाद बेल बॉटम थियेटर में रिलीज होने वाली बॉलीवुड की पहली फिल्म भी बनी. लेकिन स्पाई एक्शन थ्रिलर को विपरीत हालात में मनोरंजक बनाने की तमाम कोशिशों का नतीजा बॉक्स ऑफिस पर बेहद खराब निकलता दिख रहा है. पहले वीकएंड में फिल्म से जिस तरह के कारोबार की उम्मीद मेकर्स और ट्रेड एनालिस्ट को थी वो डूब चुकी है. बेल बॉटम के निर्माण पर तो महामारी का साया नहीं पड़ा, मगर लोगों के जेहन में अंदर तक बैठा उसका खौफ फिल्म के कारोबार को ले डूबा. अक्षय कुमार की फिल्म के जरिए बॉक्स ऑफिस से जो संदेश निकला है उसका असर इंडस्ट्री में दूर तक पड़ने की आशंका है.

निर्माता वासु भागनानी ने बेल बॉटम के रास्ते में किसी चीज को आड़े नहीं आने दिया था. महामारी के साए में फिल्म की फोटोग्राफी का काम शुरू हुआ था. जब लगा कि कोरोना के प्रकोप में फिल्म की शूटिंग प्रभावित होगी, निर्माताओं ने बायो बबल बनाकर समूचे क्रू को यूके पहुंचा दिया और वहीं पर शूटिंग हुई. फिल्म बनकर तैयार भी हो गई. इतंजार था कि जैसे ही दूसरी लहर का असर कम होगा, थियेटर में रिलीज किया जाएगा. हुआ भी बिल्कुल ऐसा ही. करीब 170 से 180 करोड़ के कुल बजट में बनी फिल्म को स्वतंत्रता दिवस के बाद की छुट्टियों वाले वीकएंड में रिलीज किया गया. फिल्म की तारीफ़ खूब हुई. दर्शक ही सिनेमाघरों तक नहीं पहुंच रहे.

बेल बॉटम देश में करीब 1600 से ज्यादा स्क्रीन्स पर रिलीज है. मुंबई और ऐसे ही कुछ इलाकों में कोरोना की वजह से थियेटर बंद होने की वजह से रिलीज नहीं हो पाई है. फिल्म के स्केल के हिसाब से स्क्रीन्स की संख्या को बढ़िया कहा जा सकता है. बावजूद चार दिन के अच्छे और त्योहारी वीकएंड में फिल्म 12 करोड़ से कुछ ज्यादा ही कमाने में कामयाब हुई है. फिल्म का घरेलू कलेक्शन ओवरसीज की तुलना में बहुत कमजोर है. अक्षय कुमार की फिल्म अमेरिका (75), यूएई (65), कनाडा (25), यूके (53), न्यूजीलैंड (20), साउथ अफ्रीका (12), सिंगापुर(7), कीनिया (6), तंजानिया (6), बेल्जियम (3), लक्जमबर्ग (1) और जाम्बिया (1) जैसे अन्य देशों को मिलाकर करीब 290 से ज्यादा स्क्रीन्स पर रिलीज हुई थी.

बेल बॉटम: कमाई पर महामारी का साया

बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के मुताबिक़ अमेरिका में पहले दो दिन का ग्रॉस कलेक्शन 67 लाख से ज्यादा है. वहीं कनाडा में भी पहले दो दिन का कलेक्शन 32 लाख रुपये से ज्यादा है. यूके के बॉक्स ऑफिस पर भी फिल्म ने तीन दिन में 43 लाख से ज्यादा की कमाई की. जबकि यूएई में फिल्म एक दिन बाद 20 अगस्त को रिलीज हुई थी और पहले ही दिन 55 लाख से ज्यादा का कारोबार किया था. भारत के मुकाबले ओवरसीज कारोबार कई गुना बेहतर नजर आ रहा है. तुलना की जाए तो स्क्रीन्स को देखते हुए घरेलू मार्केट में बेल बॉटम को कम से कम 35 से 40 करोड़ पहले वीक में कमा लेना चाहिए था. मोहर्रम और रक्षा बंधन की छुट्टियां भी थीं. मगर रोजाना 2 डी और 3 डी में औसतन 5000 शोज के बावजूद कलेक्शन 12 करोड़ से कुछ ज्यादा तक ही पहुंच पाया.

अक्षय कुमार की बेल बॉटम बॉक्स ऑफिस पर फेल क्यों हुई?

फिल्म के कारोबारी आंकड़ों से साफ़ हो जाता है कि बॉक्स ऑफिस पर बेल बॉटम को दो चीजों ने बुरी तरह से प्रभावित किया. अप्रैल में देश के अंदर कोरोना महामारी की जिस तरह भयावह तस्वीरें निकलकर सामने आईं, लोगों ने उसके खौफ में थियेटर जाने से परहेज किया है. अक्षय का स्टारडम, फिल्म देखने वालों की सकारात्मक प्रतिक्रिया, स्वतंत्रता दिवस का माहौल और छुट्टियों का कोई फर्क बॉक्स ऑफिस पर नहीं पड़ा. कम स्क्रीन्स में ओवरसीज का कलेक्शन साफ़ करता है कि दर्शक बड़े पैमाने पर फिल्म देखने निकले. लेकिन भारत में दर्शकों ने नाउम्मीद किया. कहीं न कहीं महामारी का खौफ लोगों के जेहन में बैठा नजर आ रहा है. दूसरी वजह यह भी है कि फिल्म मुंबई सर्किट में रिलीज नहीं हो पाई. कारोबारी लिहाज से मुंबई बॉलीवुड का सबसे बड़ा व्यावसायिक क्षेत्र है. हिंदी फिल्मों का करीब तीस प्रतिशत से ज्यादा का कारोबार यहीं से होता रहा है जो फिलहाल महामारी की भेंट चढ़ गया. फिलहाल के आंकड़े तो यही संकेत दे रहे हैं कि घरेलू मार्केट में 50 करोड़ तक का कलेक्शन निकालने में बहुत मुश्किलें होंगी. मुंबई के सिनेमाघर खुलने के बाद ही बॉलीवुड बॉक्स ऑफिस को संभावनाएं दिखेंगी.

बॉलीवुड में बड़ी फिल्मों की रिलीज टल सकती है

अच्छे कंटेंट के बावजूद बॉक्स ऑफिस पर बेल बॉटम के हश्र का दूर तक असर पड़ने वाला है. जो बड़े प्रोजेक्ट बनकर तैयार हैं वो रिलीज शेड्यूल टालने पर विचार कर सकते हैं. यश की केजीएफ चैप्टर 2 के निर्माताओं ने फिल्म की रिलीज अगले साल अप्रैल में अनाउंस कर दी है. पहले चर्चा थी कि केजीएफ चैप्टर 2 इसी साल आएगी. इसे कन्नड़ के अलावा हिंदी और भारतीय भाषाओं में रिलीज किया जाना है. संजय दत्त भी अहम भूमिका निभा रहे हैं. पहले पार्ट ने हिंदी क्षेत्रों में बहुत शानदार बिजनेस किया था. चर्चा यह भी है कि एसएस राजामौली भी पीरियड ड्रामा RRR की रिलीज टाल सकते हैं. RRR को दशहरा वीकेंड में रिलीज करने की तैयारी थी. कई और बड़ी फ़िल्में भी इस साल प्रस्तावित हैं. इसमें अक्षय की सूर्यवंशी और अतरंगी रे भी शामिल है. थियेटर में फिल्मों को रिलीज करने की उम्मीद लगाए निर्माताओं को बेल बॉटम के कारोबार ने निराश किया है.

इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं. ये जरूरी नहीं कि आईचौक.इन या इंडिया टुडे ग्रुप उनसे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है.

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