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Updated: 21 दिसम्बर, 2017 02:55 PM
अबयज़ खान
अबयज़ खान
  @abyaz.khan
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सुनो जी. ये जो तुम रोज़ रोज़ क्रिकेट खेलने जाते हो न, अब न जाया करो. तुम्हारे चौके छक्के जिसको देखने थे उसने देख लिये. तुम खुद को कित्ते भी बड़े सचिन तेंदुलकर समझते हो, मगर मैने तुम्हें बाउंड्री पे लपक ही लिया जी. मैं चाहती तो तुम्हें क्लीन बोल्ड भी कर सकती थी, रन आउट भी कर सकती थी. मगर वो क्या है न जी, मेरी दादी कहा करती थीं, बिटिया जब किसी से आंखें चार हो जायें न, तो उसे बोल्ड मत करना, सीधे कैच कर लेना, इससे जिन्दगी भर वो तुम्हारे कब्ज़े में ही रहेगा और उसको भी कैच आउट होने का एहसास बना रहेगा. पहले भले ही तुम फ़्रंटफुट पे खेलते होगे, मगर अब तो तुम्हें बैकफुट पे ही खेलना होगा जी.

और हां एक बात और सुन लो, तुम कप्तान अपनी टीम के होगे, मगर यहां तो बस मेरी ही कप्तानी चलने वाली है, जिसमें हेड भी मेरा होगा और टेल भी. और ये कप्तानी जो है न, ये हमें विरासत में मिली है. मेरे घर में भी मेरी मम्मी की कप्तानी चली है, पापा तो बस फील्डिंग ही करते थे. अच्छा वो सब छोड़ो, ये जो अंग्रेजों के ज़माने का स्कूटर है न, ये अब कतई नहीं चलेगा. और मैं बहुत दिन से देख रही थी, तुम्हारे आगे घूमती-फिरती कन्याकुमारियों को, अब ज्यादा दिन चलेगा नहीं ये सब भी. मोबाइल अपना खुद ही फॉरमेट कर दो तो बेहतर है, अगर मेरे हाथ लग गया तो फिर देख लेना तुम्हारी उन हसीनाओं को सर्दी में भी पसीने आ जायेंगे.

virat kohli, anushka sharmaविराट अब कप्तान नहीं फील्डर हैं

अच्छा सुनो, टाइम से घर आ जाया करो, और ये नये नये बहाने भी मेरे सामने नहीं चलेंगे. और वो तुम्हारी टीम के कुछ लड़के तो मुझे बिल्कुल भी पसन्द नहीं हैं, तुम भी थोड़ा उनसे दूर ही रहा करो. मैने देखा है सब मुझको ही घूरते रहते हैं. ये सब न तुमसे जलते हैं कि तुम्हें मेरे जैसी मिस वर्ल्ड कैसे मिल गयी? अब तुम देख लो जी, हमने किसी को शादी में नहीं बुलाया तो तुम्हारी टीम ने तुम्हारी कित्ती बेइज्जती करा दी. शादी के एक दिन पहले लंका वालों के सामने नाक ही कटा दी. अब बताओ कोई सबको थोड़ी बुलाते हैं दावत में, किसी-किसी को नहीं भी बुलाते हैं जी. और तुमभी न जी बहुत काम करते हो, अकेले ही इत्ते रन क्यूं बनाते हो, बार बार दौड़ते रहते हो इधर से उधर, तुम न खाली चौके-छक्के लगाया करो, ये भाग-भाग के रन न लिया करो जी, कित्ता थक जाते होगे जी, और ये तुम्हारी टीम के बाकी लड़के तो बस टाईम पास करते हैं.

पता है तुमने बड़ी अच्छी किस्मत पायी है जो तुम्हें मैं मिली हूं, नहीं तो मेरे घर में तो मेरे रिश्तों की लाइन लगी थी. मेरी मम्मी कहती हैं तुमने ज़रूर कोई अच्छे कर्म किये होंगे जो तुम उनके दामाद बने हो. मुझे तो लगता है तुमने मुझे पाने के लिये ज़रूर 16 सोमवार के व्रत रखे होंगे, मैने देखा है कैसे मेरे आगे पीछे मंडराते रहते थे तुम, कनखियों से बस मुझे ही देखते रहते थे, तुम्हारा ध्यान बॉल पर कम मुझ पर ज्यादा रहता था, और रहता भी क्यूं नहीं वो तो मैं हूं ही इत्ती अच्छी. पता है मेरे आगे-पीछे लड़कों  की लाइन लगी रहती थी, जिधर से गुजर जाती लड़के बेहोश हो जाते थे. कॉलेज में सब लड़के मुझे शर्मी शर्मी कहकर बुलाते थे

तुम्हें पता है मेरे पापा और भाई बहुत बड़े आदमी हैं, मेरा तो घर भी मुहल्ले में सबसे बड़ा है, मगर क्या करुँ अब उम्र भर तो तुम्हें ही झेलना पड़ेगा मुझे. एक बात कान खोलकर सुन लो, मेरे सामने ज्यादा नखरे नहीं चलेंगे. और ये रोज़ सुबह सुबह आलू के पराठे तो मुझसे बनेंगे नहीं हां. ना सुबह सुबह मुझे जल्दी उठने की आदत है, तुम्हारी प्रेक्टिस है तो खुद उठकर जाना. सुबह पानी भी जल्दी आ जाता है, जाने से पहले मोटर चलाकर टैंक भरकर जाना, वापसी में दूध और ब्रेड लेते आना. और हाँ शाम को मंडी में ताज़ी सब्ज़ी आ जाती है, देर से जाओगे तो थोड़ी सस्ती भी मिल जायेगी. पैसे बचाने की आदत भी डाल लो अब, पार्टियों के नाम पर फालतू फिज़ूलखर्ची ठीक नहीं है, चार पैसे बच जायेंगे तो नोएडा एक्सटेंशन में 2 बेडरूम फ्लैट किस्तों पे ले लेंगे, आगे बच्चों के काम आयेगा.. अच्छा सुनो न अगले इतवार को फिल्म देखने चलेंगे. "रब ने बना दी जोड़ी"

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लेखक

अबयज़ खान अबयज़ खान @abyaz.khan

लेखक पत्रकार हैं

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