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Updated: 13 मार्च, 2021 10:27 PM
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सपा के दिग्गज नेता आजम खान की भैंस खोजने से लेकर अपराधियों के साथ इनकाउंटर में मुंह से 'ठांय-ठांय' कर गोली चलाने वाली यूपी पुलिस के सामने एक अजोबोगरीब केस आया है. इस मामले को देखने के बाद पुलिस भी कह रही है कि हमें पता नहीं, हम क्या करें. लेकिन, देखते हैं कि क्या कर सकते है. काफी कन्फ्यूज करने वाला जवाब है ना. अगर आपको ये जरा सा भी कन्फ्यूजिंग लग रहा है, तो मामला सुनकर आप जरूर आपना सिर पकड़ लेंगे. यूपी के कैराना में रहने वाले 26 साल के युवक अजीम मंसूरी ने पुलिस से गुहार लगाई है कि वो जनता की सेवा करने वाली अपनी कसम निभाए और उसके लिए 'दुल्हनिया' ढूंढने में मदद करे. पुलिस को समझ नहीं आ रहा है कि वह इस युवक की मदद कैसे करे. यहां तक तो फिल्म का ट्रेलर है, आगे आपको फिल्म की स्टोरी और क्लाइमेक्स भी मिलेगा.

देश में बड़ी संख्या में नौजवान बिना शादी के भटक रहे हैं. मेरे ही कई जानने वाले दोस्त, बंधु, सखा, मित्र ऐसे हैं, जो अभी तक शादी का लड्डू नहीं खा सके हैं. हालांकि, उन सबकी वजहें अलग-अलग हैं. मेरे दोस्तों की शादी न होने की वजह जानने से पहले हम 'अजीम मंसूरी' की समस्या पर फोकस करते हैं. यह पहली बार नहीं है, जब वो पुलिस के पास पहुंचे हों. इससे पहले भी वह 2019 में एक बार पुलिस थाने पहुंच चुके हैं. दरअसल, अजीम ने अपने परिवार की शिकायत की थी कि वो उसकी शादी करवाने में मदद नहीं कर रहे हैं.

अजीम ने अपने परिवार की शिकायत की थी कि वो उसकी शादी करवाने में मदद नहीं कर रहे हैं. (Photo Courtesy: Twitter/@Benarasiyaa)अजीम ने अपने परिवार की शिकायत की थी कि वो उसकी शादी करवाने में मदद नहीं कर रहे हैं. (Photo Courtesy: Twitter/@Benarasiyaa)

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, इस बार अजीम मंसूरी ने पुलिस वालों से गुहार लगाई है कि उसकी मदद करें. वह अपने 'सिंगल' जीवन और लड़कियों के परिवारों द्वारा इनकार से थक चुके हैं. पुलिस वालों की भी समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर उसकी मदद करें तो कैसे? समस्या ये है कि अजीम मंसूरी की उम्र जरूर 26 साल है, लेकिन उनका कद 2 फीट ही है. जिसकी वजह से हर बार उन्हें रिजेक्शन का सामना करना पड़ता है. अपने भाई के साथ कॉस्मेटिक्स की दुकान चलाने वाले अजीम मंसूरी के परिवार ने उनके लिए काफी समय तक लड़की खोजने की कोशिश की, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी.

यूपी पुलिस पहली नहीं है, जिससे अजीम अंसारी ने मदद मांगी हो. वह इससे पहले यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव से भी मदद की अपील कर चुके हैं. कैराना पुलिस थाना के बाद वह एसडीएम के पास भी गए. वहां से भी खाली हाथ लौटे, तो आठ महीने पहले उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी चिठ्ठी लिख डाली. हालांकि, अभी तक उसका कोई जवाब नहीं आया है. कहीं से भी जवाब नहीं मिलने पर वह फिर से थाने पहुंच गए हैं. पुलिस इस मामले में उनकी क्या मदद कर पाएगी, ये तो वक्त ही बताएगा.

माफ कीजिएगा, सबसे जरूरी बात बताना मैं ऊपर भूल गया था. अजीम मंसूरी ने 5वीं क्लास तक पढ़ाई की है. उनके कद की वजह से स्कूल में बच्चों के तानों (रैगिंग और बुलिंग) से तंग आकर उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी थी. 5वीं क्लास के एक बच्चा अपना 'बौनेपन' की वजह से पढ़ाई छोड़ देता है. इससे ज्यादा शर्म की बात और क्या हो सकती है. उन्होंने केवल स्कूल ही नहीं अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में भी तमाम मौके पर अपने बौने कद की वजह से घृणा से भरी बयानबाजी झेली होगी.

भारत जैसे देश में जहां लोग अपने रंग की वजह से भेदभाव झेलते हैं. वहां, बौने कद का मजाक उड़ाना कोई नई बात नहीं है. बॉलीवुड फिल्मों में भी बौने लोगों को एक मजाकिया किरदार में ही पेश किया जाता रहा है. अजीम के इस छोटे कद में उनका क्या दोष है, कोई यह नहीं बता पाएगा. लेकिन, उनके साथ भेदभाव करने का मौका शायद ही कोई छोड़े. 'बौना' होना कोई अपराध नहीं है. कहा जा सकता है कि लोगों की मानसिकता ही 'छोटी' हो गई है.

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