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Updated: 19 जुलाई, 2018 04:51 PM
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जल्‍द ही 100 रुपए के नोट बाजार में आने वाला है. आरबीआई ने भारत की करंसी को और कलरफुल बनाने के लिए 100 रुपए के नए नोट के बारे में कुछ बातें सार्वजनिक की हैं. आरबीआई ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर ये नहीं बताया गया है कि इसे कब लॉन्च किया जाएगा, लेकिन जल्द ही किया जाएगा इसके बारे में बता दिया है. 2016 में नोटबंदी के साथ 2000 रु. का नोट लांच हुआ. फिर 2017 में आया 50 और 200 रुपए का नया नोट. 

क्या अलग होगा नोट में?

100 रुपए का नया नोट लैवेंडर (हल्का बैंगनी) रंग का है. महात्मा गांधी सीरीज का ये नया नोट उर्जित पटेल के हस्ताक्षर के साथ 'रानी की वाव' की तस्वीर दिखाता है. इस नोट में बाकी डिजाइन और पैटर्न सब कलर स्कीम के आधार पर बनाए गए हैं. ये 66mm*142mm के साइज में बनाया गया है.

नोट का आगे का हिस्सा.. (फ्रंट साइड)

नोट के आगे के हिस्से में 100 अंक कई जगह लिखा हुआ है. इसमें एक जगह देवनागरी में, एक जगह ट्रांसपेरेंट इमेज में, 'भारत के राष्ट्रीय प्रतीक' अशोक स्तंभ की फोटो के ऊपर बहुत छोटे से अक्षर में 100 लिखा हुआ है. महात्मा गांधी की फोटो सबसे बीच में लगी हुई है. माइक्रो अक्षरों में ‘RBI’, ‘भारत’, ‘India’ और ‘100’ लिखा है.

सिक्योरिटी स्ट्रिप में दी गई भारत और RBI की फोटो का रंग बदलेगा. जब नोट को हल्का सा मोड़ा जाएगा तो ये हरे से नीले रंग का हो जाएगा. महात्मा गांधी के दाईं तरफ गवरनर के हस्ताक्षर और आरबीआई का चिन्ह है. 0 का नंबर पैनल जो दाईं ओर जाते-जाते बढ़ता जाता है.

100 रुपए, आरबीआई, नोट, करंसीआरबीआई द्वारा जारी की गई 100 रुपए के नोट की तस्वीर

नेत्रहीनों के लिए महात्मा गांधी की तस्वीर को उभारा गया है. अशोक स्तंभ के ऊपर जिस त्रिभुज में 100 लिखा हुआ है उसमें 100 माइक्रो टेक्स्ट में लिखा है. नोट के दोनों तरफ 4 एंगुलर लाइन दी गई हैं.

नोट के बीछे का हिस्सा...(बैक साइड)

इसमें नोट को प्रिंट करने का साल, स्वच्छ भारत का लोगो और उसका स्लोगन, भाषा पटल, रानी की वाव (गुजरात) का चित्र और देवनागरी में 100 लिखा हुआ है.

क्या है रानी की वाव...

रानी की वाव जटिलता से बनाया गया एक कुआं है जो गुजरात के पाटन (पाटण) में स्थित है. ये सरस्वती नदी के तट पर स्थित है. कहते हैं कि रानी की वाव (बावड़ी) वर्ष 1063 में सोलंकी शासन के राजा भीमदेव प्रथम की प्रेमिल स्‍मृति में उनकी पत्नी रानी उदयामति ने बनवाया था. और इसीलिए इसे रानी की वाव कहा जाता है. 2014 जून में इसे UNESCO की वर्ल्ड हैरिटेज साइट (विश्व धरोहर) की सूचि में जोड़ा गया था.

ये वाव 64 मीटर लंबी, 20 मीटर चौड़ी और 27 मीटर गहरी है. इसे भूमिगत पानी का स्त्रोत माना जाता है और साथ ही पानी को सहेज कर रखने के लिए भी ये बेहतरीन है. इसे उलू-गुर्जरा वास्तुकला शैली में बनाया गया है जहां एक उल्टा मंदिर और 7 स्तर की सीढ़ियां बनी हैं साथ ही इसमें 500 से अधिक मूर्तियां भी रखी हैं.

रानी की वाव को 2016 में भारत की सबसे साफ अद्भुत जगह (“Cleanest Iconic Place”) का खिताब मिला था. शायद स्वच्छ भारत अभियान से जोड़कर इसे देखा जा सकता है.

हालांकि, इसे गुजरात से जोड़कर भी देखा जा सकता है. आरबीआई ने जितने भी नए नोट बनाए हैं उसमें पूरे हिंदुस्तान से अनोखी स्मृतियों को लिया गया है. 50 के नोट में हम्पी है, 10 के नोट में सूर्य मंदिर, 200 के नोट पर सांची स्तूपा था और इसी कड़ी में शायद 100 के नोट में रानी की वाव दी गई है.

तो क्या बंद हो जाएगा पुराना 100 का नोट?

नहीं, आरबीआई ने साफ-साफ लिखा है कि पुराने सभी नोट लीगल टेंडर रखेंगे और उनका चलन बंद नहीं होगा. ये पुराने 10 और 50 के नोट की तरह चलते रहेंगे और नए नोट सिस्टम में उतार दिए जाएंगे.

अब देखना ये है कि आरबीआई इस नए नोट की आधिकारिक लॉन्चिंग कब करती है. अभी नए 10 और 50 के नोट भी सिस्टम में पूरी तरह से नहीं आए हैं तो ये उम्मीद की जा सकती है कि नया 100 का नोट चलन में आने में कुछ समय लगा देगा.

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