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Updated: 01 अगस्त, 2022 08:30 PM
अनुज शुक्ला
अनुज शुक्ला
  @anuj4media
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आमिर खान को घरेलू और कारोबारी पीआर के मामले में बॉलीवुड का सबसे बुद्धिमान नायक करार दिया जाता है तो इसकी वजहें हैं. आमिर 'एक्टिविज्म' के जरिए भी कारोबारी हित साधने में हुनरमंद माने जाते हैं. उन्हें प्रचार आता है और वे कुछ भी बेंच सकते हैं. लाल सिंह चड्ढा बॉलीवुड के 'पीआर' को समझने की दिशा में एक बेहतरीन केस स्टडी है. फिल्म के प्रमोशन को देखें तो पता चलता है कि बॉलीवुड के बड़े निर्माता कैसे प्रचार की रणनीति बनाते हैं और अपने मकसद को साधते हैं.

आमिर अपने बेटे जुनैद खान को बतौर हीरो लॉन्च किए बिना ही उसे बॉलीवुड में अपनी टक्कर का अभिनेता साबित करते देखे जा सकते हैं. लाल सिंह चड्ढा बहुत बड़े स्केल पर बनाई गई है. आमिर बेटे के लिए भी इसे बड़े मौके के रूप में देख रहे हैं. निश्चित ही फिल्म का बज है. एक्टर इसके  बहाने बेटे की एक्टिंग दुकान (जो अभी सजी नहीं है) के लिए कैम्पेन चला रहे हैं. लाल सिंह चड्ढा और बेटे से जुड़ा उनका गौर करने लायक है. वैसे जुनैद की भी डेब्यू फिल्म बनकर तैयार है मगर उसे अभी रिलीज किया जाना है.

फिल्म के निर्देशक को लेकर आश्वस्त नहीं थे आमिर टेस्ट किया तो खुद नर्वस हो गए

लाल सिंह चड्ढा को आमिर ने हमेशा अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बताया है. मगर मेकिंग प्रोसेस में एक क्षण ऐसा भी आया जब उन्हें लगा कि उन्हें लाल सिंह का किरदार बेटे से कराना चाहिए. असल में लाल सिंह के किरदार में बेटे के रसेज देखने के बाद मिस्टर फरफेक्शनिस्ट नर्वस हो गए थे. एक इंटरव्यू में आमिर ने बताया कि फॉरेस्ट गंप बहुत बड़ी फिल्म है. निर्देशक अद्वैत चंदन को लेकर वे बहुत आश्वस्त नहीं थे. अद्वैत आमिर के साथ 2017 में सीक्रेट सुपरस्टार बना चुके हैं. आमिर ने निर्देशक को बुलाया और कहा कि शूट शुरू करने से पहले क्यों ना फिल्म के सात आठ सीन्स शूट किए जाए. इसके लिए एक्टर ने अद्वैत को टीम बनाने के लिए भी फ्री हैंड दिया.

LSC aamir khanबेटे जुनैद और किरण राव के साथ आमिर खान.

असल में आमिर का बेटा जुनैद भी लॉस एंजिल से एक्टिंग के गुर सीख कर आए थे. आमिर को लगा कि मॉक शूट के बहाने दो काम हो जाएंगे. जुनैद ने क्या सीखा है यह पता तो चलेगा ही, बड़े प्रोजेक्ट के लिए अद्वैत की टेस्टिंग भी हो जाएगी. जुनैद को लाल सिंह के किरदार में शूट किया गया. बाद में जब आमिर और उनकी पत्नी किरण ने रसेज देखें तो हैरान रह गए. जुनैद के काम ने दोनों को बहुत प्रभावित किया. आमिर नर्वस हो गए. उन्हें लगा कि अब वे जुनैद से बेहतर लाल सिंह का किरदार नहीं कर सकते हैं. बेटे का काम देखने के बाद एक्टर असमंजश में थे कि वे लाल सिंह का किरदार खुद करें या जुनैद से करवाएं. किरण राव भी लाल सिंह चड्ढा की प्रोड्यूसर्स में से एक हैं.

आमिर ने मॉक शूट के रसेज को बॉलीवुड में अपने फिल्म मेकर दोस्तों को भी दिखाया. सभी ने एक स्वर में कहा कि जुनैद ने बहुत जबरदस्त काम किया है. आमिर के मुताबिक़ सिर्फ दो लोग- लेखक अतुल कुलकर्णी और आदित्य कपूर ने आमिर को सलाह दी कि जुनैद ने वाकई बेहतर काम किया है, लेकिन लाल सिंह चड्ढा को एक न्यूकमर की बजाए एक स्टार की जरूरत है और हर हाल में फिल्म आमिर को ही करनी चाहिए. आमिर बीच में बेटे से फिल्म कराने का मन बना चुके थे, लेकिन इन दोनों के फीडबैक के बाद उन्होंने फिर से मन बदला और खुद को किरदार के लिए तैयार किया.

आमिर खान का झूठ उन्हीं के दो इंटरव्यूज से पकड़ा जा सकता है

मजेदार यह है कि आमिर ने बेटे की एक्टिंग स्किल और लॉन्चिंग को लेकर पहले भी बातें की थी मगर लाल सिंह चड्ढा का जिक्र नहीं किया था. जुनैद, आदित्य कपूर के बैनर यशराज फिल्म्स की पीरियड ड्रामा "महाराजा" से लॉन्च हो रहे हैं. फिल्म बनकर तैयार है. कुछ महीने पहले आमिर ने न्यूज 18 को दिए इंटरव्यू में बताया था कि बेटे को फिल्म उनकी वजह से नहीं मिली बल्कि आदित्य ने 'इत्तेफाकन' कहीं से जुनैद के स्क्रीन टेस्ट लेने के बाद उन्हें कास्ट करने का फैसला किया और उनसे इजाजत मांगी थी.

आमिर ने बताया था- जुनैद काफी वक्त से एक्टिंग डेब्यू के लिए प्रयासरत थे. उन्हें जब भी नए प्रोजेक्ट की जानकारी मिलती, वहां पहुंच जाते. मीरा नायर की 'अ सूटेबल बॉय' के लिए भी बेटे ने स्क्रीन टेस्ट दिया था. लेकिन सिलेक्ट नहीं हो सके थे. जुनैद कभी स्क्रीन टेस्ट में यह दर्ज नहीं करते कि वे आमिर के बेटे हैं. आमिर के मुताबिक़ वे खुद अपना रास्ता बना रहे हैं. उन्होंने थियेटर सीखा, नाटक किए और अब तक 15-20 जगह रिजेक्ट किए जा चुके हैं.

तो क्या नेपोटिज्म से बचने के लिए ऐसी कहानियां गढ़ते हैं बड़े स्टार?  आमिर ने बताया था कि मुंबई लौटकर उन्होंने कई प्ले भी किए. यशराज की फिल्म 'महाराजा' मिलने के सवाल पर एक्टर ने बताया था- "इत्तेफाकन आदित्य चोपड़ा को जुनैद के कई स्क्रीन टेस्ट में से एक दिख गया जो बहुत पसंद आया. इसके बाद आदित्य ने जुनैद को एक स्क्रिप्ट ऑफर की. एक दिन आदित्य ने मुझे सूचित करने के लिए फोन किया कि उनके पास जुनैद के लिए काम है. लेकिन मैंने उन्हें कहा कि वे सीधे जुनैद से बात करें ताकि वो अपना फैसला ले सकें. स्क्रिप्ट सुनने के बाद जुनैद ने स्क्रीन टेस्ट दिया और किरदार के लिए चुन लिए गए." लाल सिंह चड्ढा वाले इंटरव्यू को देखें तो साफ़ पता चल रहा कि उस इंटरव्यू में आमिर ने बेटे की लॉन्चिंग को लेकर झूठ बोला था. न्यूज 18 को दिए आमिर के इंटरव्यू से पता चलता है कि सितारों पर नेपोटिज्म का आरोप ना लगे इसके लिए पारदर्शीपूर्ण स्ट्रगल की कहानियां गढ़ते हैं.

LSC aamir khanलाल सिंह चड्ढा में नागा चैतन्य और आमिर खान.

जब आदित्य चोपड़ा को आमिर ने खुद लाल सिंह चड्ढा के मॉक शूट के रसेज दिखाए थे तो इसमें कब और कैसे "इत्तेफाकन" आदित्य चोपड़ा की नजर जुनैद के "किसी एक स्क्रीन टेस्ट" पर पड़ी? उस इंटरव्यू में आमिर ने साफ़साफ क्यों नहीं बताया कि आदित्य चोपड़ा को इत्तेफाकन जुनैद के जो रसेज दिखे थे- असल में उन्होंने खुद बुलाकर दिखाया था. कहीं ऐसा तो नहीं कि लाल सिंह चड्ढा तो आमिर को ही करनी थी मगर वे बेटे की एक्टिंग दुकान चमकाने के लिए एक बड़ी फिल्म को प्लेटफॉर्म की तरह इस्तेमाल कर रहे थे.

बेटे को जमाने के लिए अपनी सर्किल और बॉलीवुड के संसाधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं आमिर खान

इससे तो सिर्फ एक ही बात साबित हो रही है कि मिस्टर फारफेक्शनिस्ट बेटे जुनैद को भी अब बॉलीवुड में स्थापित करने के लिए हाथपांव मार रहे हैं. वे अपने सर्किल, रुतबे और बॉलीवुड के संसाधनों को बेटे के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं. बेटे का मॉक शूट करवाकर उन्होंने एक तरह से स्थापित फिल्ममेकर्स और मीडिया के बीच जुनैद की कोई फिल्म आने से पहले ही उनकी 'प्रतिभा' का माहौल बना दिया. जिन पांच दर्जन से ज्यादा लोगों ने लाल सिंह चड्ढा के रसेज देखें वे कौन थे? निश्चित ही वे फिल्ममेकर या बड़े फिल्म क्रिटिक ही रहे होंगे.

आखिर क्यों ना माना जाए कि आमिर खान ने बेटे का रास्ता बनाने के लिए लाल सिंह चड्ढा का इस्तेमाल किया था. और अब फिल्म की लीगेसी के बहाने यह प्रचार कर रहे हैं कि एक एक्टर के रूप में उनका बेटा उनसे भी ज्यादा प्रतिभाशाली है. ऐसा सिर्फ वही नहीं बल्कि बॉलीवुड के बहुतायत स्थापित फिल्ममेकर्स की भी राय थी. लाल सिंह के किरदार में उनका बेटा जुनैद भी आमिर से किसी मामले में कमतर नहीं.

कहावत है ना- आम के आम गुठलियों के दाम. आमिर, लाल सिंह चड्ढा का प्रमोशन तो कर ही रहे हैं, लगे हाथ बेटे का भी प्रचार प्रसार शुरू कर दिया है. यह इस बात का भी संकेत है कि भविष्य में आमिर फिल्मों के निर्माण और निर्देशन में ज्यादा दिलचस्पी लें और खुद की बजाए बेटे के लिए फ़िल्में बनाए. वैसे भी उम्र एक मसला है और आमिर को बतौर एक्टर किसी ना किसी मोड़ पर रुकना ही है.

लेखक

अनुज शुक्ला अनुज शुक्ला @anuj4media

ना कनिष्ठ ना वरिष्ठ. अवस्थाएं ज्ञान का भ्रम हैं और पत्रकार ज्ञानी नहीं होता. केवल पत्रकार हूं और कहानियां लिखता हूं. ट्विटर हैंडल ये रहा- @AnujKIdunia

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