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Updated: 02 सितम्बर, 2015 08:15 PM
राहुल मिश्र
राहुल मिश्र
  @rmisra
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बीती रात गूगल ने अपना लोगो बदल दिया. दुनिया की सबसे बड़ी इंटरनेट सर्च कंपनी के लिए यह एक बड़ा कदम है. हालांकि नए लोगो में भी कंपनी के नाम की स्पेलिंग को पेश किया गया है लेकिन कंपनी का मानना है कि यह पिछले 16 सालों में कंपनी का सबसे बड़ा रीडिजाइन है. आखिर क्यों गूगल ने रीडिजाइन किया अपना लोगो? जानिए इसके पीछे के पांच प्रमुख कारण-

1.    एल्फाबेट- हाल ही में गूगल ने अपने कॉरपोरेट ढ़ांचे में भारी फेरबदल किया है. इस फेरबदल के बाद गूगल ने एक नई कंपनी एल्फाबेट बनाई है जो गूगल की सभी कंपनियां जैसे गूगल और यू ट्यूब का सारा कारोबार देखेगी. इस कंपनी के लिए भी कंपनी ने नया लोगो लांच किया है जो स्पेलिंग पर आधारित है. खास बात यह है कि दोनों स्पेलिंग डिजाइन में सैन्स-सैरिफ फॉन्ट अक्षरों का इस्तेमाल किया गया है जिससे यह साफ-साफ दर्शाया जा के कि दोनों कंपनियां एक हैं लिहाजा एक जैसी कॉरपोरेट ब्रांडिंग की गई है. 2.    दुनिया बदल चुकी है- साल 1999 से लगातार कंपनी ने पुराने लोगो को छोटे-मोटे फेरबदल के साथ जारी रखा. लेकिन अब गूगल का मानना है कि दुनिया बदल चुकी है और इस नई दुनिया में मल्टिपल स्क्रीन का बोलबाला है. लिहाजा, कंपनी ने अपने नए लोगो की ऐसी डिजाइन बनाई है कि इसे सभी स्क्रीन पर यूज किया जा सके. कंपनी के मुताबिक, जहां पुराना लोगो डेस्कटॉप कंप्यूटर के लिए बनाया गया था, वहीं यह नया लोगो सभी प्लैटफॉर्म पर इस्तेमाल किया जा सकता है.

3.    नया लोगो आंखों के लिए ज्यादा सुखद- जहां गूगल के लोगो में हुए पिछले बदलाव ने उसे एन्ड्रॉएड प्लैटफॉर्म के लिए उपयुक्त बनाया था वहीं वह ज्यादा बिजनेस और सीरियस लुक में था. जानकारों के मुताबिक, पिछला लोगो देखकर साफ लगता था कि यह किसी मल्टी-बिलियन डॉलर कॉरपोरेशन का प्रतीक है. वहीं नया लोगो ज्यादा सहज है और अपने देखने वालों की आंखों के लिए कहीं ज्यादा सुखद और स्पोर्टी है.

4.    बोलने वाला एनीमेशन- एक स्थिर लोगो की जगह कंपनी ने एनीमेटेड लोगो देने की कोशिश की है जिससे यह यूजर्स के साथ आईडेंटिफाई हो सके. नया लोगो मात्र यह नहीं दिखाता कि आप गूगल का इस्तेमाल कर रहे हैं बल्कि यह भी दिखाता है कि किस तरह से गूगल आपके लिए काम कर रहा है. उदाहरण के लिए सर्च स्पेस में दिया नया गूगल माइक की मदद से आप गूगल से बात भी कर सकते हैं.

5.    लो बैंडविड्थ का इस्तेमाल- दुनियाभर में गूगल तेज 4जी से लेकर सुस्त 2जी नेटवर्क पर इस्तेमाल किया जाता है. पुराने लोगो में खामी थी कि जब भी गूगल साइट को किसी सुस्त नेटवर्क पर खोला जाता था तो वह एक कम रेजोल्यूशन का लोगो रेंडर करता था जिससे लोगो को फ्लैश होने में समय लगता था. कंपनी के मुताबिक पुराना लोगो लगभग 14,000 बाइट का था. वहीं नया लोगो मात्र 305 बाइट का है लिहाजा इसे किसी भी प्लैटफॉर्म या गैजेट पर खोलने में कोई दिक्कत नहीं होगी.

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लेखक

राहुल मिश्र राहुल मिश्र @rmisra

लेखक इंडिया टुडे डिजिटल में असिस्‍टेंट एड‍िटर हैं

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