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Updated: 01 अक्टूबर, 2019 08:09 PM
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हाल ही में एक वाट्सएप मैसेज वायरल हुआ जिसमें कहा गया कि अपनी पत्नी का ध्यान बहस से हटाने के लिए क्या करें. जवाब था- 'सुंदर हो तो कुछ भी बोलोगी क्या'? यानी पुरुषों को ये लगता है कि महिलाओं के सामने उनकी तारीफ कर दो तो वो सबकुछ भूल जाती हैं.

हो सकता है कि कई महिलाओं को अपनी तारीफ सुनना अच्छा लगता हो. और इसी वजह से पुरुषों में ये धारणा बनी हो कि वो महिलाओं को खुश करने के लिए उन्हें compliments देते रहें और सब कुछ cool चलता रहे. ऐसा पुरुष सिर्फ पत्नियों पर ही नहीं बल्कि किसी भी महिला पर ट्राय करते हैं. चाहो वो उनकी दोस्त हो, कलीग हो या फिर बॉस भी. खुश रखने का आसान सा फंडा है कॉम्प्लीमेंट देना. और सिर्फ पुरुष ही क्यों किसी की तारीफ करने में महिलाएं भी ऐसा ही सोचती हैं. लेकिन जिन महिलाओं की तारीफ होती है वो इस बारे में क्या सोचती हैं ये भी तो जानना जरूरी है.

whatsapp msgये मैसेज इस वक्त खूब वायरल है

महिलाओं की तारीफ करके उन्हें खुश करने वाले पुरुष जरा ध्यान दें. आपको इतना खुश होने की जरूरत नहीं है. क्योंकि एक रसर्च आपके होश उड़ाने वाली है.

एक नई स्टडी कहती है कि, महिलाओं की तारीफ में बोले जाने वाले शब्दों से महिलाओं को चेहरे पर जो मुस्कुराहट आती है, चेहरे की वो चमक खुशी की वजह से नहीं बल्कि हैरानी की वजह से आती है. हैरानी को आप संदेह भी कह सकते हैं.

एक ऑनलाइन फैशन ब्रांड JD Williams की एक रिपोर्ट में पता चला है कि करीब दो तिहाई महिलाएं तारीफ स्वीकार करने में हैरानी या उल्झन महसूस करती हैं. रिपोर्ट में पाया गया कि-

- 10 में से 8 महिलाएं दोस्तों, पार्टनर और परिवार वालों के compliments पर ही भरोसा करती हैं. जबकि 2 में से 1 महिला अपने सहकर्मी द्वारा की गई तारीफ को शक की निहाग से देखती है.

- रिसर्च में पाया कि एक महिला को आपके द्वारा दिया हुआ सबसे अच्छा compliment होगा- वो खुश दिख रही है. ये कमेंट बाकी किसी भी कमेंट जैसे- आप अपनी उम्र से कम दिख रही हैं, या आपने वेट लॉस किया है जैसी बातों से ज्यादा असरदार होता है.

- महिलाओं की तारीफ अगर कोई महिला करे तो वो उसे पुरुष द्वारा की गई तारीफ से 4 गुना ज्यादा सही मानती हैं. यानी महिलाएं पुरुषों द्वारा की गई तारीफ को सीरियसली नहीं लेतीं.

womenपुरुषों की तारीफ को गंभीरता से नहीं लेतीं महिलाएं

- युवा महिलाओं को तो ये अजीब लगता है. 18 से 24 साल की महिलाओं में 10 में से 7 को तो ये पता भी नहीं कि तारीफ इसपर क्या कहना चाहिए.

- जबकि 45-54 वर्ष की आयु की महिलाएं तारीफ को युवाओं से बेहतर समझती हैं, फिर भी प्रशंसा करते समय करीब 47% महिलाओं को असहज लगता है.

- तारीफ को अस्वीकार न करने की सबसे बड़ी वजह थी उसपर भरोसा न करना (61%), दूसरी वजह खुद पर ध्यान आकर्षित नहीं करना चाहती थीं (55%), और तीसरी वजह थी असहज होना (47%).

- रिसर्च ये भी कहती है कि अगर महिलाओं को उनके वजन, उनके पार्टनर या उनके बच्चों को लेकर compliment दिया जाए तो वो असहज हो जाती हैं. खासकर वजन को लेकर क्योंकि आधी से ज्यादा महिलाएं तो इसी परेशानी में होती हैं कि लोग उनके वजन, शरीर या लुक्स को लेकर क्या सोचते होंगे.

- 10 में से 3 महिलाएं वजन पर दिए गए कॉम्पलिमेंट को अपमान के रूप में लेती हैं.

- सोशल मीडिया पर की हुई तारीफ को उस तरह से नहीं लिया जाता जितना कि आमने सामने की हुई तारीफ को लिया जाता है.

- अध्ययन से ये भी पता चलता है कि चेहरे के बारे में की गई प्रशंसा को स्वीकार करने में महिलाओं को परेशानी महसूस हुई क्योंकि वो खुद को असुरक्षित, शर्मीली और खुद में कम आत्म-सम्मान महसूस करती थीं. जबकि पुरुषों में इस तरह की घबराहट नहीं होती. 7 में से 1 पुरुष खुद को आकर्षक महसूस करता है. जबकि सिर्फ 30 में से 1 महिला ही ऐसा सोचती है.

- ज्यादातर महिलाएं खुद को averageयानी औसत मानती हैं.

तो देखा आपने इस शोध ने लोगों के कई भ्रम तोड़ दिए हैं. इसलिए अगर कोई महिला आपके तारीफ कर देने पर मुस्कुराए या फिर खुश दिखाई दो, तो इसका मतलब ये नहीं कि आपकी बात को सच माना गया है. हां अगर आप पति हैं तो आपकी बात पर सिर्फ एक पत्नी ही भरोसा कर सकती हैं. और ये आपके लिए अच्छी बात है.

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