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Updated: 05 नवम्बर, 2016 04:13 PM
शुभम गुप्ता
शुभम गुप्ता
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जैसे ही ये खबर सामने आई कि सरकार ने NDTV इंडिया को 9 नवंबर के दिन बैन करने का फैसला किया है, हर तरफ हड़कंप सा मच गया है. कल ही प्राइम टाइम में रविश कुमार ने सरकार पर तंज कसे कि हम सवाल नहीं पूछेंगे तो क्या करेंगे. हर कोई यही कह रहा है कि ऐसे किसी चैनल को बैन नहीं करना चाहिए. रविश ने तो ये भी कहा कि ये कार्बन काल है ये ही आपातकाल है. इसके अलावा और कई तरह के तंज उन्होंने सरकार पर कसे.

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 प्राइम टाइम में सरकार पर खूब तंज कसे गए

मगर हर किसी के जहन में एक सवाल है कि ये कौन सी रिपोर्ट थी, जिसके कारण सरकार को इतना बड़ा फैसला लेना पड़ा. NDTV ने सफाई दी है कि सभी चैनलों ने उस दिन ऐसे ही रिपोर्ट किया था.

2 जनवरी 2016 को पठानकोट एयर बेस पर आतंकी हमला हुआ और हमले के एक दिन बाद इलाके में सेना का ऑपरेशन चल रहा था तब NDTV इंडिया ने लगातार तीन दिन तक इस इलाके से रिपोर्टिंग की थी. ये वीडियो इसी रिपोर्टिंग का एक छोटा सा हिस्सा है जिसके कारण सरकार ने चैनल बैन किया.

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3 जनवरी 2016 की ये रिपोर्ट आनंद पटेल की है. ये साहब अपनी रिपोर्टिंग कर रहे हैं सेना के ऑपरेशन के साथ. ये उन्हीं के शब्द हैं- 'पठानकोट एयरबेस के पीछे का जो इलाका है...जंगलों का, यहां पर कांबिंग ऑपरेशन जारी है, जो जवान हैं वो चप्पे चप्पे को खंगाल रहे हैं. ये सुनिश्चित किया जाना है सेना और एनएसजी कमांडोज़ की तरफ से कि इस इलाके में कोई आतंकी छुपा ना बैठा हो. हेलिकॉप्टर से नजर रखी जा रही है. इस पूरे जंगल को घेर लिया गया है. यहां पर ग्रेनड बिछे हुए हैं. जिन्हें डिफ्यूज़ किया जा रहा है..."

क्या ये आंतकियों कि मदद नहीं है ? जहां से ऑपरेशन चल रहा है वहीं से रिपोर्ट करना, कहना कि सेना यहां तलाशी कर रही है, खंगाल रही है, हेलिकॉप्टर से नजर रखी जा रही है. क्या इससे आतंकियों को कोई मदद मिल सकती थी? ये मामला चूंकि 9 महीने पुराना है तो किसी को याद नहीं है कि कौन से चैनल ने क्या दिखाया मगर एक बार आपको ये वीडियो देखना चाहिए. और उसके बाद तय करना चाहिए कि कौन सही है और कौन गलत.

मैं पूर्ण रुप से नहीं कह सकता कि ये वही वीडियो है जिसपर सरकार ने NDTV इंडिया को एक दिन के लिये बैन करने का नोटिस भेजा है, मगर इसे देखकर तो यही लगता है कि इसी रिपोर्टिंग पर NDTV को एक दिन के लिये बैन करने का फैसला किया है.

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शुभम गुप्ता शुभम गुप्ता @shubham.gupta.5667

लेखक आज तक में पत्रकार हैं.

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