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Updated: 30 अक्टूबर, 2015 06:27 PM
राहुल मिश्र
राहुल मिश्र
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चीन में 35 साल तक नागरिकों के प्राकृतिक अधिकार का हनन करते हुए दांपत्तियों के लिए एक बच्चा पैदा करने का कानून लागू. अब चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने इस कानून को हटाने का फैसला किया है. अब पार्टी के इस फैसले को चीन की सरकार स्वीकृति देगी और नए कानून को लागू करेगी जिसके मुताबिक चीन में दंपत्ति दो बच्चे पैदा कर सकते हैं. आइए जानते हैं 35 साल तक लागू इस कानून के कुछ अहम पहलू-

1. चीन में एक बच्चे का कानून 1980 में बनाया गया था और इसे कड़ाई के साथ लागू किया गया.

2. सरकारी अफसर और कर्मचारियों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ती है अगर उसका एक से अधिक बच्चा पाया जाता है.

3. सरकार से संबंधित सभी संस्था जिसमें स्कूल और विश्वविद्यालय शामिल हैं में एक से अधिक बच्चे होने की स्थिति में नौकरी नहीं दी जाती.

4. जिन महिलाओं को इस कानून का उल्लंघन करते पाया जाता है उनका या तो जबरन गर्भपात करा दिया जाता है या फिर तगड़ा जुर्माना लगाया जाता है.

5. अगर माता-पिता पर लगाया गया जुर्माना नहीं भरा जाता है तो उस बच्चे की देश की नागरिकता में गणना नहीं की जाती, यानी वे पैदा होते ही गैरकानूनी घोषित कर दिए जाते हैं.

6. चीन में अल्पसंख्यकों पर बच्चों की संख्या की कोई पाबंदी नहीं है. वहीं हान मूल के चीन नागरिको जो ग्रामीण इलाकों में थे उनकों दो बच्चे बैदा करने की छूट है.

7. इस कानून को लागू होने के तीन से ज्यादा दशकों में चीन में लिंगअनुपात बिगड़ गया है. इस दौरान देश में करीब 3-4 करोड़ अधिक लड़के पैदा हुए हैं जिससे इनकी शादी में मुश्किल होगी.

8. इस कानून से चीन में लड़का पैदा करने के प्रति रुझान बढ़ गया है जिससे लड़कियों की भ्रूण हत्या भी बढ़ गई है.

9. चीन में प्रति दंपत्ति बच्चों का औसत 1.18 बच्चे हैं जो कि वैश्विक औसत 2.5 से काफी कम है.

10. दो बच्चे पैदा करने की छूट मिलने पर चीन में प्रति वर्ष लगभग 30 लाख से 80 लाख तक अधिक बच्चे पैदा होने का अनुमान है.

लेखक

राहुल मिश्र राहुल मिश्र @rmisra

लेखक इंडिया टुडे डिजिटल में असिस्‍टेंट एड‍िटर हैं

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