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Updated: 27 अगस्त, 2018 10:01 PM
श्रुति दीक्षित
श्रुति दीक्षित
  @shruti.dixit.31
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केरल में बाढ़ से हजारों घर उजड़ गए. लोग रातों-रात बेघर हो गए, पानी अपने साथ मौत लेकर आया और न जाने कितने ही लोग मौत के आगोश में सो गए. केरल को लेकर लोगों ने नफरत भी जमकर फैलाई. केरल की बाढ़ को धर्म के तराजू में तौला गया और कहा गया कि केरल में बीफ खाने की वजह से बाढ़ आई है. लेकिन सबके बावजूद केरल में जिंदगी धीरे-धीरे पटरी पर आने लगी है. 

बाढ़ से परेशान लोगों के अलावा कुछ ऐसे भी हैं, जिनका इस आपदा से सिर्फ इतना ही लेना-देना है कि नफरत फैलाई जाए. केरल और बीफ को लेकर पिछले दिनों सोशल मीडिया पर खूब मैसेज वायरल हुए. इसी क्रम में हिंदू महासभा के लीडर स्वामी चक्रपाणि महाराज ने कई विवादित बयान दिए, जिसमें केरल की बाढ़ और बीफ का जिक्र था. इस मामले ने तूल पकड़ा तो केरल के एक कथित समूह ने हिंदू महासभा की वेबसाइट हैक कर ली. उसके बाद जो हुआ, उसने नफरत की इस आग में घी डालने का काम किया.

हैकिंग, केरल बाढ़, हिंदू महासभा, बीफहिंदू महासभा के लीडर स्वामी चक्रपाणि महाराज

कथित तौर पर केरल के एक हैकर समूह 'केरल साइबर वॉरियर' ने हिंदू महासभा की वेबसाइट abhm.org.in को हैक किया. और उसके होमपेज को कुछ ऐसा बना दिया:

हैकिंग, केरल बाढ़, हिंदू महासभा, बीफहिंदू महासभा की वेबसाइट पर पोस्ट की गई बीफ की रेसिपी

हैकरों ने वेबसाइट पर बीफ स्टेक और केरल की बीफ करी की रेसिपी भी पोस्ट कर दी.

चक्रपाणि ने केरल बाढ़ पीड़ितों के बारे में कहा था कि, 'बीफ खाने वालों को बचाना पाप है. जो जानवरों की हत्या नहीं करते उनकी मदद की जाए.' चक्रपाणि ने ये भी कहा था कि बाढ़ में मासूम लोग भी मर रहे हैं और ये सिर्फ उन लोगों के कारण जो बीफ खाते हैं. चक्रपाणि के मुताबिक ये बाढ़ आई ही बीफ खाने की वजह से है. चक्रपाणि के मुताबिक जब रोटी उपलब्ध थी तो केरल में लोगों ने गाय को काटकर खाया इस कारण ही बाढ़ आई. ऐसे सिर्फ चक्रपाणि ही नहीं बल्कि कई लोग हैं जो मानते हैं कि बीफ खाने की वजह से केरल वासियों को इतनी समस्या झेलनी पड़ी.

इस वेबसाइट को हैक करने वाला एक हैकर जो GH0057_R007 कोडनेम से हैकिंग करता है वो लिखता है कि हम लोगों को उनके कैरेक्टर के लिए इज्जत देते हैं न कि उनके खाने-पीने की आदतों के कारण.

नफरत का बदला नफरत से क्यों लिया?

ये सच है कि सोशल मीडिया पर जो नफरत फैलाई जा रही है, ये सच है कि लोग केरल वासियों के बारे में गलत बोल रहे हैं. किसी के कुछ खाने या न खाने के कारण कभी बाढ़ या कोई प्राकृतिक आपदा नहीं आ सकती. लेकिन अगर कोई नफरत फैला रहा है तो उसका इलाज नफरत से नहीं दिया जा सकता.

केरल साइबर वॉरियर्स ने कई बार हैकिंग की है. अगस्त 2016 में वो 50 पाकिस्तानी वेबसाइट हैक कर चुके हैं, सितंबर 2017 में इस ग्रुप ने 7 साल के बच्चे की मौत के लिए रयान स्कूल की वेबसाइट को हैक कर लिया था. अप्रैल 2018 में 8 साल की आसिफा के लिए इंसाफ की मांग में जम्मू-कश्मीर की भाजपा की वेबसाइट हैक कर ली थी.

केरल के इस साइबर ग्रुप ने जितनी भी हैकिंग की है वो किसी न किसी मकसद से की है और हमेशा इसके इरादे नेक ही रहे हैं, पर इस बार उन्‍होंने नफरत का रास्‍ता अपनाया है. गलत हिंदू महासभा के अध्यक्ष का वो भाषण भी था तो गलत ये लोग भी हैं. विरोध के लिए सिर्फ वेबसाइट हैक करना माना जा सकता है, लेकिन बीफ की रेसिपी भी पोस्ट करना कुछ हजम नहीं हुआ.

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लेखक

श्रुति दीक्षित श्रुति दीक्षित @shruti.dixit.31

लेखक इंडिया टुडे डिजिटल में पत्रकार हैं.

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