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Updated: 22 जुलाई, 2018 07:36 PM
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पिछले 100 सालों में इंसानों ने काफी तरक्की कर ली है. प्लेग, कोढ़, पीलिया, टीबी जैसी बीमारियों का इलाज है और इससे लाखों लोगों की मौत नहीं होती. एक तरफ जहां इंसान हाईटेक और एडवांस हुए हैं वहीं बीमारियां भी हाईटेक और एडवांस हो गई हैं. अब इबोला, सार्स, ज़ीका वायरस ने महामारी की शक्ल ले ली है. कुछ समय पहले आए स्वाइन फ्लू और बर्ड फ्लू को भी इस लिस्ट में शामिल किया जा सकता है.

जहां इन बीमारियों के बारे में लोगों को पता है वहीं, अब एक नई महामारी दस्तक दे सकती है. दरअसल, WHO के मुताबिक डिसीज X (Disease X) जल्द ही एक नई बीमारी की शक्ल ले सकती है.

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ये रहस्यपूर्ण नाम दरअसल एक प्रोजेक्ट की तरह है जो ऐसे जीवाणुओं की पड़ताल करता है जो इंसानों में कोई महामारी फैला सकते हैं. WHO ने अपनी वेबसाइट में 2018 annual review of the Blueprint list of priority diseases (प्राथमिकता वाले रोगों की खाका सूची, 2018 की वार्षिक समीक्षा) में इस बीमारी का जिक्र किया है.

इस बीमारी को लेकर WHO तैयारी कर रहा है और रिसर्च चल रही है. इसके बारे में ज्यादा कुछ बताया तो नहीं गया, लेकिन इसके बारे में लगातार जांच चल रही हैं. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन का 8 महामारी फैलाने वाले वायरस की लिस्ट में डिसीज X को जोड़ना यकीनन एक बड़ी बहस को जन्म देता है.

ये किसी छोटे इन्फेक्शन की तरह भी हो सकती है और ये किसी बड़ी महामारी की तरह भी हो सकती है. सबसे पहले ये लिस्ट 2015 में जारी की गई थी और उसके बाद से ये हर साल रिव्यू की जाती है.

और कौन-कौन से वायरस हैं इस लिस्ट में...

WHO की लिस्ट में Disease X के अलावा, 7 अन्य वायरस और बीमारियों का जिक्र है.

1. Crimean-Congo haemorrhagic fever (CCHF)

2. Ebola virus disease and Marburg virus disease

3. Lassa fever

4. Middle East respiratory syndrome coronavirus (MERS-CoV) and Severe Acute Respiratory Syndrome (SARS)

5. Nipah and henipaviral diseases

6. Rift Valley fever (RVF)

7. Zika

ये सभी वो वायरस या बीमारियां हैं जो किसी महामारी की तरह फैल सकती हैं और इनको लेकर WHO अभी रिसर्च पूरी भी नहीं कर पाया है. रिपोर्ट में लिखा है कि इन सभी बीमारियों को लेकर रिसर्च और डेवलपमेंट की जरूरत है. बाकी बीमारियां तो यकीनन जानी पहचानी हैं, लेकिन भला कोई कैसे उस बीमारी को लेकर तैयारी कर सकता है जिसके बारे में कुछ पता ही नहीं और वो लाखों लोगों की जान पर खतरे की तरह मंडरा रही है.

2015 में जब जीका वायरस फैला था तब डॉक्टर इसके लिए तैयार नहीं थे और इसके कारण ये इतना खतरनाक बन गया. स्वाइन फ्लू के साथ भी कुछ-कुछ ऐसा ही हुआ और इबोला बहुल इलाकों में भी यही हुआ. अब कुछ यही हालात इस नई बीमारी के साथ बन सकते हैं.

हालांकि, अभी इस बीमारी और बीमारी फैलाने वाले जीवाणु के बारे में कोई जानकारी नहीं है. असल में WHO इसके बारे में कहना चाह रहा है कि ये कुछ भी हो सकता है. विसकॉन्सिन डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ के ब्यूरो ऑफ कम्युनिकेबल डिसीज की डायरेक्टर डॉक्टर स्टेफिनी स्माइली का कहना है कि असल में WHO चाहता है कि डॉक्टर हर तरीके की समस्या और बीमारी के लिए तैयार रहें. इस दौर में कोई भी बीमारी आसानी से फैल सकती है. इसमें सरकारों का लोकल जगहों के साथ मिलकर ऐसा प्लान तैयार करने का है कि किसी प्राकृतिक आपदा, बीमारी या टॉक्सिक कैमिकल अटैक तक सब कुछ संभालने की हद में हो.

हालांकि, कुछ लोगों का ये भी मानना है कि असल में कोई बड़ी बीमारी या उसके जीवाणु का पता चल गया है और वो इंसानों पर एक बड़े खतरे की तरह मंडरा रहा है.

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