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Updated: 10 जून, 2018 02:04 PM
पारुल चंद्रा
पारुल चंद्रा
  @parulchandraa
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इस दुनिया में शायद ही कोई महिला हो जो अपने जीवन में कभी छेड़खानी की शिकार न हुई हो. स्कूल जाने वाली लड़कियां हों या उन लड़कियों की मां, ईव टीजिंग के लिए सिर्फ उनका औरत होना ही काफी है. सड़कों पर गंदे इशारे देखकर नजरें झुका लेना, गंदे कमेंट सुनकर भी ऐसे रिएक्ट करना जैसे कुछ हुआ ही न हो. पर उनपर रिएक्ट करना शायद आज भी महिलाओं को नहीं आया. उनके खिलाफ आवाज उठाने वाली महिलाएं और ही होती हैं और दुख की बात है कि बहुत कम होती हैं.

हर रोज सड़कों पर अपमानित होने वाली महिलाओं के लिए ये आम बात है जिसका जिक्र भी वो अपने घर में नहीं किया करतीं. उनके पति, पिता, भाई या उनके बेटे शायद यही समझते हैं कि उनकी मां, बहन, बेटी या पत्नी के साथ ऐसा कुछ नहीं होता होगा. खुद ईव टीजिंग की शिकार माओं के बेटे भी सड़कों पर ईव टीजिंग करते हैं, बिना इस बात की चिंता किए कि उनकी मां के साथ कोई दूसरा भी इस तरह की हरकत कर रहा होगा. ये चक्र ऐसे ही चलता रहता है, क्योंकि महिलाओं की चुप्पी इस चक्र को चलने देती है.

महिलाओं को आवाज उठानी होगी, अपनी कहानी अपने अपनों को सुनानी होगी, कुछ ऐसी ही सोच के साथ Breakthrough India नाम की संस्था ने  #ShareYourStory नाम से एक कैंपेन शुरू किया है. समाज को बदलने की दिशा में काम कर रही इस संस्था की ये पहल काबिले तारिफ है. इसी कैंपेन के लिए दो वीडियो बनाए गए हैं, और ईव टीजिंग की शिकार उन महिलाओं से उम्मीद की जा रही है कि वो इन्हें देखकर कुछ सीखें और अपनी कहानी अपने जीवन से जुडे मर्दों को बताएं. फिर चाहे वो उनके बेटे हों, पति हों, पिता हों या फिर भाई.

ये हैं वो वीडियो जिसे हर किसी को देखना चाहिए:-      

 

 

ईव टीजिंग, शोषण, महिला अपराध

लेखक

पारुल चंद्रा पारुल चंद्रा @parulchandraa

लेखक इंडिया टुडे डिजिटल में पत्रकार हैं

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