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Updated: 02 दिसम्बर, 2020 03:47 PM
बिलाल एम जाफ़री
बिलाल एम जाफ़री
  @bilal.jafri.7
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कहीं की ईंट, कहीं का रोड़ा.

भानुमती ने कुनबा जोड़ा.

उपरोक्त पंक्ति में कवि की कल्पना क्या हो इसे सोचने में भले ही आप और हम पंद्रह-बीस मिनट लगाएं लेकिन जो इन पंक्तियों का उत्तर फिलवक्त चंद सेकंड्स में दे देगा वो फ़ूड डिलीवरी एप Swiggy है, जिसने न सिर्फ उड़ता तीर लिया बल्कि उस तीर को ख़ुद में घोंपकर खुद ही को घायल कर लिया (Swiggy Controversy On Twitter). एक ऐसे वक्त में जब दिल्ली का सिंहासन किसान आंदोलन (Farmer Protest) से हिलने की कगार पर हो, ट्विटर (Swiggy On Twitter) में आंदोलन का समर्थन करते हुए Swiggy ने एक पैरोडी एकाउंट के ट्वीट पर चकरा देने वाला कमेंट किया. Swiggy का ये अंदाज कथित 'राष्ट्रवादियों' को कुछ इस हद तक नागवार गुजरा कि मुद्दे को दरकिनार कर अब बात #BoycottSwiggy पर आकर ठहर गई है. यानी मशहूर फ़ूड डिलीवरी एप ने क्या सोचा और क्या से क्या हो गया देखते देखते.

Swiggy Controversy, Swiggy, Boycott Swiggy, Troll, Swiggy On Farmer Protestकिसान मामले में अपना समर्थन देकर स्विगी ने मुसीबत खुद मोल ली है

दरअसल मैटर कुछ यूं था कि ट्विटर पर एक Nirmala Tai 2.0 (@Cryptic_Miind) नाम का एकाउंट है. एकाउंट की जैसी हरकत या कहें कि जिस तरह के ट्वीट वो करता है साफ हो जाता है कि वो एक पैरोडी एकाउंट है. इस एकाउंट से एक ट्वीट हुआ था जिसमें उसने Swiggy को मेंशन करते हुए कृषि बिल 2020 के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करने के लिए दिल्ली पहुंचे किसानों की खिल्ली उड़ाई.

ट्वीट में कहा गया कि 'किसानों के प्रदर्शन पर एक भक्त दोस्त के साथ बहस हुई. उसने कहा कि हम खाने के लिए किसानों पर निर्भर नहीं हैं. हम हमेशा Swiggy से खाना आर्डर कर सकते हैं. वो जीत गया.

इंटरनेट पर वायरल हो रहे इस ट्वीट पर तफरीह मजाक चल ही रहा था कि न जाने कहां से Swiggy कूदा और उसने ये उड़ता हुआ तीर लपक लिया.

पता नहीं उस ट्वीट पर कमेंट करते हए Swiggy के सोशल मीडिया एग्जीक्यूटिव की तरफ से कुछ सोचा गया या नहीं लेकिन उसने इस ट्वीट पर जवाब दे दिया. Swiggy की तरफ से लिखा गया कि 'क्षमा करें, हम एजुकेशन को रिफंड नहीं कर सकते.'

अब Swiggy की तरफ से एक अलग तरह की बात पर अलग तरह का कमेंट क्यों हुआ ये एक रहस्य है लेकिन तब तक देर हो गई. बाण, धनुष से छूट चुका था. सारा मुद्दा किनारे हो गया और Zomato के बाद Swiggy 'कथित राष्ट्रवादियों' के निशाने पर आ गया. मांग की जा रही है कि swiggy को अपनी इस गलती की सजा मिलनी ही चाहिए.

फिलहाल ट्विटर पर नौबत Swiggy के Boycott की है. लोग एक के बाद एक कमेंट कर रहे हैं और बता रहे हैं कि अब वो वक़्त आ गया है जब swiggy जैसे 'देशविरोधी' प्लेटफॉर्म को सरजमीन ए पाकिस्तान भेज देना चाहिए. आइए नजर डालें कुछ चुनिंदा रिप्लाई पर और देखें कि Swiggy का ये अंदाज लोगों को किस हद तक बुरा लगा.

ट्विटर पर पूरा मुद्दा इधर उधर है और अब बात सीधे स्विग्गी के बॉयकॉट पर आकर रुक गयी है.

देश में ज्ञान मुफ्त में मिलता है इस मामले में भी ऐसा ही हो रहा है. लोग गंभीर हैं और चाहे वो जोमैटो हो या फिर स्विग्गी ज्ञान भरपूर दिया जा रहा है.

बहरहाल इस पूरे मामले पर एक से एक ट्वीट हैं मगर जो बात है Swiggy को मजाक को मजाक की तरह लेना था. उसे इतना धीर गंभीर होने की कोई जरूरत नहीं थी. अब चूंकि गलती हुई है तो उसका खामियाजा भी उसे खुद भुगतना होगा. बाकी इस मामले में स्विग्गी को एक सबक जरूर मिला है. स्विग्गी समझ चुका है कि पड़ी लकड़ी या उड़ते तीर लेने में बुराई नहीं है. बुराई है उसे अपने अंदर घोंपने में जैसा उसने किया। बाकी बात किसानों की है तो वो जहां हैं वहां इतना रिस्क है कि Swiggy वाले भइया शायद ही वहां फ़ूड की डिलीवरी करने जाएं.

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लेखक

बिलाल एम जाफ़री बिलाल एम जाफ़री @bilal.jafri.7

लेखक इंडिया टुडे डिजिटल में पत्रकार हैं.

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