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Updated: 16 अप्रिल, 2017 05:12 PM
श्रुति दीक्षित
श्रुति दीक्षित
  @shruti.dixit.31
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स्नैपचैट के सीईओ का कथित बयान अब ट्विटर को भी अपनी चपेट में ले चुका है. मसला ये है कि एक एक्स स्नैपचैट कर्मचारी एन्थोनी पॉम्प्लिआनो ने ये दावा किया है कि सीईओ इवान स्पीगल ने भारत को गरीब देश कहा.

पॉम्प्लिआनो के अनुसार जब उन्होंने इवान के सामने स्नैपचैट को बढ़ाने के लिए भारत और स्पेन जैसे बाजारों पर फोकस करने का सुझाव दिया तो इवान ने कहा कि उनका एप सिर्फ अमीर लोगों के लिए है भारत जैसे गरीब देश के लिए नहीं.

अब इस बात का खंडन तो किया जा रहा है, लेकिन तब से ही स्नैपचैट को लेकर ट्विटर पर #boycottsnapchat ट्रेंड चलने लगा. स्नैपचैट को लेकर लोगों का गुस्सा कुछ इस तरह से फूटा कि उन्होंने एप को 1 स्टार देना शुरू कर दिया.

कुछ ये भी जान लें स्नैपचैट के बारे में....

- भारत में तकरीबन 4 मिलियन स्नैपचैट यूजर्स हैं. - 2011 में लॉन्च होने के बाद 2014 तक स्नैपचैट के यूजरबेस का 9% भारत बन चुका था. - फिलहाल ये आंकड़ा कम है. - स्नैपचैट में करीब 150 मिलियन डेली एक्टिव यूजर हैं.

जैसे ही स्नैपचैट की ये खबर वायरल होना शुरू हुई वैसे ही गूगल प्ले स्टोर पर एप रेटिंग गिरती चली गई. 4.4 के बाद इस एप की रेटिंग 4.0 हो गई और 1 स्टार देने वालों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है.

snapchat_650_041617050704.jpgये हो गई स्नैपचैट की रेटिंगएन्थोनी पॉम्प्लिआनो के अनुसार ये बात इवान ने 2015 में कही थी. अब अगर उस समय के आंकड़ों को भी देखें तो भी 9% मार्केट शेयर वाला देश गरीब तो नहीं हो सकता है. बहरहाल, अगर इवान ने ये कहा है तो एप रेटिंग और ट्विटर रिएक्शन देखकर उनकी सोच में थोड़ा बदलाव हुआ हो शायद.

इस पूरे मामले में किसी ने अरविंद केजरीवाल का स्नैपचैट वीडियो बनाया. अब देखिए केजरीवाल क्या कह रहे हैं मोदी के बारे में...

 

 

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श्रुति दीक्षित श्रुति दीक्षित @shruti.dixit.31

लेखक इंडिया टुडे डिजिटल में पत्रकार हैं.

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