New

होम -> सोशल मीडिया

 |  2-मिनट में पढ़ें  |  
Updated: 05 सितम्बर, 2015 07:02 PM
पारुल चंद्रा
पारुल चंद्रा
  @parulchandraa
  • Total Shares

ये तीन वीडियो खास हैं क्योंकि इसमें ब्यूटी टिप दे रही है एक ऐसी लड़की जिसे देखना भी लोग शायद पसंद न करें, उसका चेहरा जला हुआ है, एक आंख भी नहीं है, वो एक एसिड अटैक विक्टिम है, नाम है रेशमा. वो खास इसलिए भी है क्योंकि उसने अपना चेहरा अपने दुपट्टे से नहीं ढका, बल्कि सच को जिया और उसे दिखाने की हिम्मत रखी.

रेशमा अपने तीनों वीडियो में लिपस्टिक लगाने, आईलाइनर लगाने और चेहरे के दाग धब्बे हटाने के आसान तरीके बता रही हैं, लेकिन वीडियो के अंत में वो ये भी कहती हैं कि 'ये उतना ही आसान है, जितना कि एसिड डालना' और 'ये लाइनर बाज़ार में 100 रूपए में मिलता है लेकिन एसिड सिर्फ 30 रुपये में मिल जाता है'. एसिड अटैक का शिकार हुई लड़कियों की पीड़ा रेशमा के इन शब्दों में साफ दिखती है.

इस अवेयनेस वीडियो में रेश्मा एक पिटिशन साइन करने की बात कह रही हैं जिसमें एसिड की खुले आम बिक्री पर रोक लगाने की मांग की जा रही है. 'Make Love, Not Scars' नाम की संस्था रेशमा और उनके जैसी कई लड़कियों की मदद कर रही है और इन अटैक्स के प्रति लोगों को जागरुक कर रही है.

वैसे तो एसिड अटैक को लेकर कई कैम्पेन चलाए जा रहे हैं, बहुत से NGO ऐसिड अटैक सरवाइवर्स का जीवन सुधारने के लिए काम कर रहे हैं. लेकिन फिरभी देश में एसिड अटैक्स के मामले कम होते नज़र नहीं आ रहे. आज भी एसिड खुले आम हर जगह बिकता है. बदला लेने की नीयत से कोई भी शख्स किसी भी लड़की का चेहरा खराब करने के लिए बिलकुल आज़ाद है. आंकडों के हिसाब से भारत में हर रोज एक लड़की एसिड अटैक का शिकार बनती है.

 

#एसिड अटैक, #एसिड अटैक विक्टिम, #रेशमा, एसिड अटैक, एसिड अटैक विक्टिम, रेश्मा

लेखक

पारुल चंद्रा पारुल चंद्रा @parulchandraa

लेखक इंडिया टुडे डिजिटल में पत्रकार हैं

iChowk का खास कंटेंट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक करें.

आपकी राय