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Updated: 15 मई, 2019 05:00 PM
अनुज मौर्या
अनुज मौर्या
  @anujmaurya87
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लोकसभा चुनाव के 6 चरण निपट चुके हैं और आखिरी दौर का चुनाव 19 मई को होना है. अभी भाजपा के सामने जिस राज्य में घुसना सबसे बड़ी चुनौती है, वह है पश्चिम बंगाल. मंगलवार को तो पश्चिम बंगाल में टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने अमित शाह के रोडशो का विरोध किया, जिसके बाद अगजनी और हिंसा तक हो गई. अब यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल के बारासात में पहुंचकर वहां ममता बनर्जी पर खूब निशाना साधा.

योगी आदित्यनाथ ने सिर्फ ममता के खिलाफ ही बातें नहीं कहीं, बल्कि उन्होंने एक बार फिर धार्मिक टिप्पणी की है. आपको बता दें कि पिछली बार जब वायनाड में राहुल गांधी की रैली हुई थी, तो उन्होंने मुस्लिम लीग के हरे झंडे को 'हरा वायरस' कहा था. इसके बाद चुनाव आयोग ने उन पर 72 घंटे का बैन लगा दिया था. अब एक बार फिर से योगी आदित्यनाथ ने धार्मिक टिप्पणी की है. अब सवाल ये है कि क्या इस बार भी योगी पर बैन लगेगा? और अगर एक बार योगी पर बैन लग चुका है तो दोबारा भी उन्होंने वही गलती क्यों की?

योगी आदित्यनाथ, ममता बनर्जी, पश्चिम बंगाल, लोकसभा चुनाव 2019योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर से अपनी रैली के दौरान धार्मिक टिप्पणी की है.

बैन से अब क्या डरना !

भाजपा के लिए इस समय पश्चिम बंगाल को जीतना सबसे बड़ी चुनौती है. वहां पर टीएमसी के कार्यकर्ता हर तरीके से भाजपा को जीतने नहीं देना चाहते हैं. ममता बनर्जी ने भी भाजपा को जीत से दूर करने के लिए अपनी सारी ताकत झोंक दी है. ऐसे में योगी आदित्यनाथ भी हर मुमकिन कोशिश करना चाहते हैं, जिससे बंगाल को जीता जा सके. जैसा कि वह अक्सर हिंदू-मुस्लिम को लेकर टिप्पणी करते हैं, तो इस बार भी उन्होंने ऐसा ही किया. रही बात बैन की, तो अब लोकसभा चुनाव का आखिरी चरण है, बैन लग भी गया तो क्या फर्क पड़ता है. कुछ दिन बाद तो बैन खत्म ही हो जाएगा और हो सकता है कि हिंदुत्ववादी बातें कर के बंगाल की सत्ता हासिल करने में आसानी हो जाए.

मोहर्रम को लेकर पीटी छाती

सातवें चरण में पश्चिम बंगाल के अलावा बिहार और यूपी में भी चुनाव होने हैं. लेकिन योगी आदित्यनाथ ये समझ चुके हैं कि अब मुस्लिम वोट उनकी ओर आकर्षित नहीं होंगे. ऐसे में वह खुलकर सामने आ गए हैं और सीधे अपनी हिंदुत्ववादी बातें कह रहे हैं. इसके साथ ही वह ये भी जता रहे हैं कि भाजपा हिंदुओं की हितैषी है, जबकि टीएमसी मुस्लिमों का पक्ष लेती है.

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ममता बनर्जी ने दुर्गा पूजा पर बैन लगा दिया, क्योंकि मोहर्रम और दुर्गा पूजा एक ही दिन थे. वह बोले कि यूपी में उन्होंने साफ कर दिया था कि कोई बैन नहीं लगेगा. दुर्गा पूजा समय पर होगी. भव्य तरीके से होगी. जरूरत पड़ी तो हेलिकॉप्टर से फूलों की बारिश भी की जाएगी. साथ ही यह भी कहा कि मुहर्रम का जुलूस निकालने वालों से साफ कह दिया कि अगर उद्दंडता हुई तो ये आखिरी जुलूस होगा, इसके बाद जुलूस नहीं निकाल पाएंगे.

योगी ने पश्चिम बंगाल के गुंडाटैक्स का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि जैसे यहां पर टीएमसी के गुंडे गुंडाटैक्स वसूलते हैं, वैसे लोग यूपी में भी थे. जब से भाजपा आई है या तो वह जेल में हैं या फिर उनका राम नाम सत्य कर दिया गया है. जो बचे हैं वो गले में तख्ती लटकाए घूम रहे हैं और कह रहे हैं कि हम ठेला लगा लेंगे, लेकिन किसी गरीब पर गोली नहीं चलाएंगे. यूपी में गुंडा टैक्स मांगने वालों को टैक्स तो नहीं मिला, गोली जरूर मिली. यहां भी अगर भाजपा आई तो गुंडा टैक्स खत्म कर दिया जाएगा.

अमित शाह के रोडशो में टीएमसी कार्यकर्ताओं के हंगामे पर उन्होंने कहा कि यूपी में किसानों के खाते में दो किस्तों में 4 हजार रुपए पहुंच चुके हैं. पश्चिम बंगाल के किसान इससे वंचित हैं, क्योंकि दीदी (ममता बनर्जी) ने किसानों की सूची नहीं भेजी. वह बोले कि दीदी को हंगामे करने और हिंसा करवाने से फुर्सत नहीं है. अमित शाह के रोडशो को रोकने के लिए भी हिंसा करवाई गई.

पश्चिम बंगाल में हुई रैली में योगी आदित्यनाथ ने हर तरफ से ममता बनर्जी को घेरने और सभी हिंदुओं को एकत्र करते हुए भाजपा की ओर आकर्षित करने की पूरी कोशिश की. दुर्गा पूजा और मोहर्रम का जिक्र करने के अलावा उन्होंने बांग्लादेश से आए लोगों से बाहर निकालने की बात भी कही. उन्होंने यह साफ कर दिया कि जब तक भाजपा की सरकार पश्चिम बंगाल में नहीं आ जाती, तब तक यहां कुछ नहीं बदलेगा. आखिरी चरण के चुनाव के लिए वोटर्स को अपनी ओर खींचने की योगी आदित्यनाथ की ये कोशिश रंग लाई या नहीं, ये तो 23 मई को नतीजे आने के बाद ही पता चलेगा.

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