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Updated: 19 फरवरी, 2019 02:52 PM
बिलाल एम जाफ़री
बिलाल एम जाफ़री
  @bilal.jafri.7
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लोकसभा चुनावों से पहले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बड़ा दाव खेलते हुए महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ हाथ मिला लिया है. लोकसभा चुनावों के मद्देनजर दोनों ही दलों में गठबंधन पर सहमति बन गई है. पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की अगुवाई में उद्धव ठाकरे के साथ मंच साझा करते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि 48 लोकसभा सीटों में से भाजपा 25 और शिवसेना 23 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. वहीं इस गठबंधन पर उद्धव ठाकरे का कहना है कि हमारे (भाजपा और शिवसेना ) बीच गलतफहमियां थीं. लेकिन अगर ये बनी रहतीं तो इसका फायदा वो लोग उठा लेते जिनसे हमारी लड़ाई पिछले 50 सालों से चली आ रही है. दूसरी तरफ इस गठबंधन पर खुशी जताते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि हमारे बीच मनमुटाव था जो इस गठबंधन के बाद खत्म हो गया है.

शिवसेना, भाजपा, उद्धव ठाकरे, अमित शाह    महाराष्ट्र में शिवसेना भाजपा गठबंधन को अमित शाह का एक बड़ा दाव माना जा रहा है

अमित शाह ने किया शिव सैनिकों को इमोशनल

मौके पर चौका मारते हुए अमित शाह ने शिवसेना कार्यकर्ताओं को जज्बात के समंदर में भी बहाने का काम किया. अमित शाह ने कहा कि भाजपा के सबसे पुराने सहयोगी दल शिवसेना और अकाली दल हैं. इन दोनों दलों ने हर परिस्थिति में हमारा साथ दिया है. अगर हमारे बीच थोड़ा मनमुटाव था तो आज वह इसी क्षण, इसी टेबल पर खत्म हो गया है. इसके अलावा अमित शाह ने ये भी कहा कि,' हमें इस बात का आनंद है. यह केवल एक राजनीतिक गठबंधन नहीं है. यह सैद्धांतिक गठबंधन भी है. कुछ दिन पहले मैंने पुणे में भी कहा था कि महाराष्ट्र की 48 में से 45 सीटें हमारा गठबंधन हासिल करेगा.

गठबंधन की मेज पर छाया रहा राम मंदिर का मुदा

इस गठबंधन पर खुशी जताते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि भाजपा और शिवसेना देश की राजनीति में 25 साल से एक साथ हैं. बीच में हमारे बीच मतभेद रहे, लेकिन सैद्धांतिक रूप से दोनों हिंदुत्ववादी पक्ष हैं. इसलिए इनके विचार एक से हैं. पिछले साढ़े चार साल से हम केंद्र और राज्य में एक साथ हैं. फडणवीस ने बताया कि  "शिवसेना की तरह भाजपा भी मूल रूप से मानती है कि अयोध्या में भगवान राम का मंदिर बनना चाहिए.

पूर्व में भाजपा और पीएम मोदी को कोस चुके हैं उद्धव ठाकरे

भारत में राजनीति बड़ी अजीब चीज है. आज भले ही भाजपा और शिवसेना हम प्याला और हम निवाला बन रहे हों मगर अभी ज्यादा दिन नहीं हुए हैं जब शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पीएम मोदी पर तीखा हमला किया था और कई गंभीर आरोप लगाए थे. बात 10 जनवरी की है जहां एक तरफ पीएम मोदी सोलापुर में थे तो वहीं उद्धव ठाकरे मराठावाड़ा के बीड में थे.

उद्धव ने राममंदिर के मुद्दे पर सवाल पूछते हुए कहा कि, 'मंदिर कौन बनाएगा? वहीं तब उन्होंने प्रधानमंत्री के कृषि बीमा योजना को राफेल से बड़ा घोटाला कहा था. अपनी रैली में उद्धव ने पीएम मोदी को संबोधित करते हुए कहा था कि न तुम किसानों की समस्या हल कर पाए. न मंदिर का मुद्दा हल कर पाए. अगर अदालत को ही फैसला देना है तो. तुमने अपने घोषणापत्र में मंदिर निर्माण का वचन क्यों दिया था ?

खैर वो कोई पहला मौका नहीं था जब उद्धव ने भाजपा या प्रधानमंत्री को लेकर कुछ कहा हो. अभी कुछ दिनों पहले ही उद्धव अयोध्या आए थे वहां उन्होंने सरयू आरती की तथा मोदी सरकार की कार्यप्रणाली को एक बार फिर सवालों के घेरे में रखा.

बहरहाल, अब जबकि ये गठबंधन हो गया है और भाजपा 25 और शिवसेना 23 सीटों पर लड़ने वाली हैं.

देखना दिलचस्प रहेगा कि ये गठबंधन सुगमता से चलता है. या फिर हमेशा की तरह एक बार फिर कुछ ऐसा होगा जिसके बाद एक बार फिर उद्धव, भाजपा से दूरी बनाकर बगावत का बिगुल फूकेंगे और प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ चले जाएंगे. बाक़ी इस गठबंधन को अमित शाह की साख से भी जोड़कर देखा जा रहा है तो देखना ये भी मजेदार रहेगा कि कैसे अमित शाह पीएम मोदी और उद्धव ठाकरे के बीच बैलेंस बनाते हैं और एक बार फिर भाजपा को पूर्ण बहुमत दिलवाते हैं.

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लेखक

बिलाल एम जाफ़री बिलाल एम जाफ़री @bilal.jafri.7

लेखक इंडिया टुडे डिजिटल में पत्रकार हैं.

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