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Updated: 02 सितम्बर, 2020 08:42 PM
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LAC पर भारत-चीन तनाव (India-China standoff) के बीच भले ही वार्ताओं का दौर ठीकठाक चला हो लेकिन चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा. नियमों का उल्लंघन बदस्तूर जारी है जिसके चलते सरहद पर तनाव व्याप्त है. पूर्व की तरह वर्तमान सरकार ने चीन के हमेशा के इस दोगले रवैये को नजरअंदाज नहीं किया है और चीन की अर्थव्यवस्था (Economy) को निशाने पर लिया है. केंद्र की मोदी सरकार ने लगातार तीसरे भार चीन पर डिजिटल स्ट्राइक (Digital Strike) की है और पबजी (Pubg Banned In India) समेत 118 मोबाइल ऐप पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने धारा 69ए के तहत इन मोबाइल ऐप्स पर बैन लगाने का फैसला किया है. 

Pubg Ban, Pubg, India, China,Galwan Valley, Modi Governmentपब्जी को बैन कर मोदी सरकार ने तीसरी बार चीन को बड़ा झटका दिया है

बताया जा रहा है कि इन एप्स विशेषकर पब्जी के संदर्भ में केंद्र सरकार को लगातार शिकायतें मिल रही थीं और उन शिकायतों पर एक्शन लेते हुए सरकार ने ये जरूरी फैसला लिया है. मामले में सरकार की तरफ से एक बयान भी आया है जिसमें इन ऐप्स को देश के लिए एक बड़ा खतरा बताया गया है.

पब्जी समेत 118 चाइनीज ऐप्स पर प्रतिबंध लगाते हुए सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने ये भी कहा है कि ये सभी 118 मोबाइल ऐप्स विभिन्न प्रकार के खतरे उत्पन्न कर रही थीं, जिसके चलते इन्हें ब्लॉक किया गया है.' मंत्रालय मानता है कि ने ये ऐप्स ऐसी गतिविधियों में लगे हुए हैं, जो भारत की संप्रभुता और अखंडता, सुरक्षा के लिए नुकसानदायक है.

कौन कौन से ऐप्स आए हैं सरकार के रडार पर

वो चाइनीज ऐप्स जिनपर इस बार गाज गिरी है उनमें APUS लॉन्चर प्रो थीम, APUS सिक्योरिटी-एंटीवायरस, APUS टर्बो क्लीनर 2020, शाओमी की शेयर सेव, फेसयू, कट कट, बायडु, कैमकार्ड शामिल हैं. इनके अतिरिक्त वीचैट रीडिंग, पिटू, इन नोट, स्मॉल क्यू ब्रश, साइबर हंटर, लाइफ आफ्टर आदि ऐप्स को भी सरकार ने देश के लिए खतरा बताते हुए बैन कर दिया है.

गौरतलब है कि सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय को हालिया दिनों में अलग अलग माध्यमों के जरिये सूचना मिली थी कि आईओएस और प्ले स्टोर पर मौजूद कुछ ऐप्स यूजर्स के डेटा या कहें कि गुप्त जानकारियों को चुरा रहे हैं. सरकार इन शिकायतों पर गंभीर हुई और इन पर त्वरित एक्शन लेते हुए उन सभी ऐप्स पर नकेल कसी जिनपर उसे शक़ लग रहा था.बताते चलें कि ये तीसरी बार है जब सरकार देश को नुकसान पहुंचाने वाली इन ऐप्स के प्रति गंभीर हुई है.

इससे पहले सरकार ने जून 2020 में 59 चाइनीज चीनी मोबाइल एप्स पर एक्शन लेते हुए उनपर प्रतिबंध लगाया था. तब सरकार ने टिकटॉक, शेयर इट, यूसी ब्राउजर, हेलो, विगो, जैसे ऐपऐप्स को बैन किया था. इसके बाद, जुलाई 2020 में सरकार ने पुनः47 चीनी मोबाइल ऐप्स को बैन किया. बात पब्जी के बैन पर हुई है तो बता दें कि तभी मान लिया गया था कि सरकार पब्जी को निशाने पर लेगी और उसे बैन करेगी.

बहरहाल एक ऐसे समय में जब LAC पर चीन ने अपनी सारी हदें लांघ दीं हों. इस फैसले का स्वागत इसलिए भी देश और देश की जनता को करना चाहिए क्योंकि भारत की तरफ किया गया ये वार ड्रैगन को बुरी तकलीफ देने वाला है. कुल मिलाकर ये वार इतना जबरदस्त है जिसने ड्रैगन को निढाल कर दिया है.

अब जबकि टिक टॉक, हेलो, शेयर हिट के बाद भारत पब्जी को बैन कर चुका है वो वक़्त आ गया है जब चीन को अपनी हदों में रहना सीख लेना चाहिए. चीन को समझना होगा कि अब भारत वो पुराना भारत नहीं है अगर सौ वार सुनार करेगा तो एक वार लुहार का भी होगा जो उसकी रीढ़ तोड़ने के लिए पर्याप्त है.

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