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Updated: 08 अगस्त, 2019 01:25 PM
बिलाल एम जाफ़री
बिलाल एम जाफ़री
  @bilal.jafri.7
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एक ऐसे समय में जब देश में पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की मौत की खबर लोगों के बीच सुर्ख़ियों की वजह बनी हो. एक अन्य वीडियो चर्चा की बड़ी वजह बना हुआ है. वीडियो राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल का है जो शोपियां पहुंचे हैं और आम लोगों के साथ न सिर्फ घुलते मिलते बल्कि खाना खाते और बातें करते नजर आ रहे हैं. ज्ञात हो कि एनएसए अजीत डोभाल अनुच्छेद 370 और 35 ए हटाए जाने के बाद शोपियां दौरे पर हैं. शोपियां पहुंचकर डोभाल ने अलग अलग इलाकों का दौरा किया और वहां की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. बताया जा रहा है कि आम नागरिकों के साथ भोजन करने के बाद डोभाल ने पुलसी महकमे के आला अधिकारियों से भी मुलाकात की और सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद बनाने के निर्देश दिए.

अजीत डोभाल, कश्मीर, आर्टिकल 370, मोदी सरकार, Ajit Doval   अजीत डोभाल ने अब तक जैसा काम किया है साफ है कि उन्होंने अपने पद को नए आयाम दिए हैं

अजीत डोभाल की इस यात्रा की एक खास बात ये भी है कि, अब तक शायद ही हमने इतनी मुस्तैदी के साथ देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार को देश की आंतरिक गतिविधियों का अवलोकन करते देखा हो. कह सकते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में अजीत डोभाल ऐसा बहुत कुछ कर चुके हैं कि अब जब भविष्य में देश की आंतरिक सुरक्षा की बात होगी अजीत डोभाल का जिक्र जरूर होगा और बार बार होगा.

इंटरनेट पर वायरल हुए इस वीडियो का ही यदि अवलोकन किया जाए तो मिलता है बड़ी ही गंभीरता से वो मौके का जायजा ले रहे हैं. उनका ऐसा करना ये साफ बता रहा है कि कहीं न कहीं ये मोदी सरकार की नीतियां ही हैं जिसके कारण डोभाल सड़क पर आए हैं और ग्राउंड रियलिटी देख रहे हैं. ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि यहां सिर्फ देश के प्रधानमंत्री या फिर भाजपा के निर्देश का पालन हुआ. किसी भी चीज में इंटरेस्ट महत्वपूर्ण है. इस मामले में भी ऐसा ही हुआ. वीडियो में जैसा रवैया डोभाल का था साफ है कि वो खुद मामले में रूचि ले रहे हैं. साथ ही डोभाल अपने अनुभव के आधार पर बहुत हद तक तमाम तरह की समस्याओं पर अंकुश लगाने का निर्णय भी खुद ही लेते नजर आ रहे हैं.

बात इसी वीडियो के परिदृश में हो रही है तो ये बताना भी बेहद ज़रूरी है कि शोपियां के इस दौरे में हमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के दो चेहरे नजर आ रहे हैं. एक में आत्मीयता के साथ वो लोगों से बात कर रहे हैं उनके साथ भोजन कर रहे हैं जबकि दूसरे में उनका पुलिस और अधिकारियों को सुरक्षा के लिहाज ससे निर्देशित करना खुद उनके कार्यकौशल का बखान कर देता है.

केरल काडर के एक साधारण IPS से आज देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बने डोभाल ने जो भी अर्जित किया है वो उन्होंने अपनी सूझ बूझ से कमाया है. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में अजीत 2014 से मोदी सरकार के साथ जुड़े हैं. चाहे पुलवामा हमले के बाद बालाकोट में हुई एयर स्ट्राइक हुई हो. या फिर 2014 में इराक के तिकरित में फंसी 46  भारतीय नर्सों को सकुशल भारत लाने की जिम्मेदारी हो. जिस खूबी के साथ डोभाल ने अपने काम को अंजाम दिया है वो अपने आप में सराहनीय है.

कुल मिलाकर बात का सार बस इतना है कि आने वाले वक़्त में जब भी देश की सुरक्षा की बात होगी लोग अजीत डोभाल का नाम जरूर लेंगे. हो ये भी सकता है कि आने वाले वक़्त में केवल इस पद को एक नया स्टारडम देने के लिए डोभाल बरसों तक याद किये जाएं. 

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लेखक इंडिया टुडे डिजिटल में पत्रकार हैं.

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