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Updated: 28 अगस्त, 2019 09:37 PM
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बीजेपी नेता चिन्मयानंद एक बार फिर यौन शोषण के आरोपों के घेरे में हैं. चिन्मयानंद जिस लॉ कॉलेज के डायरेक्टर हैं, वहीं की LLM की छात्रा ने अपने साथ साथ कई और भी लड़कियों के यौन शोषण का आरोप लगाया है.

चिन्मयानंद पर आठ साल पहले भी यौन शोषण का आरोप लगा था - और अभी वो केस कोर्ट में चल ही रहा है. ये केस भी शाहजहांपुर का ही है. तब चिन्मयानंद पर रेप का आरोप लगाने वाली उनकी शिष्या बतायी गयी थी.

चिन्मयानंद पर आरोप लगने के बाद दिल्ली के कुछ वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी देकर कहा है कि वे उन्नाव जैसा एक और केस नहीं चाहते. तकरीबन यही बात कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी कही है. चिन्मयानंद पर यौन शोषण का दोबारा आरोप ऐसे वक्त लगा है जब उन्नाव केस की पीड़ित का जिंदगी के लिए संघर्ष अभी चल ही रहा है. सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद उन्नाव केस का दिल्ली ट्रांसफर हो गया है - और ट्रायल चल रहा है.

चिन्मयानंद फिर आरोपों के घेरे में

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में एक लॉ कॉलेज है - एसएस लॉ कॉलेज. बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद इस कॉलेज के सर्वेसर्वा हैं. चिन्मयानंद NDA की वाजपेयी सरकार में गृह राज्य मंत्री रह चुके हैं. साथ ही, राम मंदिर आंदोलन से भी जुड़े रहे हैं. 24 अगस्त को सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया था. वीडियो में लॉ कॉलेज की ही एक छात्रा 'संत समाज के एक बड़ा नेता' पर यौन शोषण का इल्जाम लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार कर रही है.

वायरल वीडियों में छात्रा कह रही है, 'मैं शाहजहांपुर से हूं और एसएस कॉलेज से एलएलएम की पढ़ाई कर रही हूं. संत समाज का एक बड़ा नेता, जिसने कई लड़कियों की जिंदगी बर्बाद की है, मुझे जान से मारने की धमकी दे रहा है. मेरे पास उसके खिलाफ पूरे सबूत हैं. मैं मोदी जी और योगी जी से मदद करने की गुजारिश करती हूं. उसने मेरे परिवार को भी जान से मारने की धमकी दी है. सिर्फ मुझे मालूम है कि क्या चल रहा है. मोदी जी, प्लीज मेरी मदद कीजिए, वो एक संन्यासी है और धमकी दे रहा है कि पुलिस, डीएम और बाकी सब उसकी तरफ हैं. मैं आप सभी से इंसाफ की गुजारिश करती हैं.’

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फिर हुआ ये कि इधर वीडियो वायरल होने लगा और छात्रा गायब हो गयी. वीडियो में छात्रा ने अपनी भी और परिवार वालों की जान का खतरा बताया है. पहले तो घरवालों को पुलिस ने खूब टहलाया लेकिन जब मामला चर्चित होने लगा तो 27 अगस्त की देर रात चिन्मयानंद के खिलाफ FIR दर्ज भी हो गयी.

दरअसल, छात्रा ने अपने घरवालों से कहा था कि अगर फोन बंद रहे तो समझना किसी मुसीबत में हूं - और इसी बात को आधार बनाकर दिल्ली के कुछ वकीलों ने ये केस सुप्रीम कोर्ट के सामने उठाया है.

अब दोबारा 'उन्नाव केस' नहीं देखना

चिन्मयानंद पर आरोप लगाने वाली छात्री कॉलेज के ही हॉस्टल में रहती है - और रक्षाबंधन पर घर गयी थी. घर वालों ने मीडिया और पुलिस को बताया है कि लड़की काफी परेशान थी और बहुत पूछताछ करने पर बोली - अगर दो दिन तक मेरा फोन बंद रहे तो समझना किसी मुसीबत में हूं. घरवालों के मुताबिक 23 अगस्त को उसका फोन बंद हो गया. छात्रा का वीडियो एक दिन बाद का है.

दिल्ली के कुछ वकीलों ने ये मामला सुप्रीम कोर्ट के सामने उठाया है. सुप्रीम कोर्ट में अर्जी देकर अदालत से स्वतः संज्ञान लेते हुए छात्रा और उसके परिवार वालों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुजारिश की गयी है. सीनियर एडवोकेट इंदिरा जय सिंह ने इस बारे में ट्विटर पर जानकारी भी साझा किया है.

याचिका में वकीलों का कहना है कि वे एक और उन्नाव जैसा केस नहीं चाहते. आपको याद होगा, उन्नाव केस की पीड़ित जेल में बंद अपने चाचा से मिलने जा रही थी तभी रास्ते में सामने से आ रहे एक ट्रक ने टक्कर मार दी और वो बुरी तरह घायल हो गयी. इस हादसे में पीड़ित का वकील भी गंभीर रूप से घायल है जबकि पीड़ित के परिवार के दो लोगों की मौत हो गयी थी.

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी चिन्मयानंद के खिलाफ हुई शिकायत को उन्नाव केस से ही जोड़ते हुए महिलाओं की सुरक्षा का मामला उठाया है. प्रियंका गांधी ने ट्विटर पर लिखा है, 'उत्तर प्रदेश में ये उन्नाव मामले जैसा ही दोहराव लग रहा है. अगर कोई महिला BJP नेता के खिलाफ शिकायत करती है, तो उसको न्याय मिलना तो दूर की बात, उसकी खुद की सुरक्षा की भी गारंटी नहीं रहती.'

प्रियंका गांधी ने तो उन्नाव और कठुआ रेप के मामलों को लेकर दिल्ली में इंडिया गेट पर आधी रात को कैंडल मार्च भी किया था. प्रियंका गांधी इस वक्त यूपी के दौरे पर हैं और योगी सरकार को चिन्मयानंद केस को लेकर टारगेट कर रही हैं. इससे पहले सोनभद्र नरसंहार को लेकर प्रियंका गांधी योगी सरकार को घेरने में काफी हद तक सफल रही हैं.

जून, 2011 में चिन्मयानंद के आश्रम की ही एक शिष्या ने यौन शोषण और रेप तक का आरोप लगाया था. आठ साल बाद एक बार फिर चिन्मयानंद पर बिलकुल वैसा ही आरोप लगा है. बल्कि इसी बार पीड़ित ने अपने साथ साथ कई और लड़कियों के शिकार होने की बात कही है. आखिर बात क्या है कि चिन्मयानंद पर बार बार यौन शोषण के आरोप लगते हैं? हैरानी की बात तो ये है कि चिन्मयानंद पर जब दोबारा आरोप लगा है, पहले वाला केस खत्म नहीं हुआ है.

चिन्मयानंद और उन्नाव के बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर दोनों ही मामलों में योगी सरकार का एक जैसा ही रवैया सामने आ रहा है - सरकार दोनों ही आरोपियों के साथ खड़ी नजर आ रही है.

उन्नाव केस देखें तो मालूम होता है कि यूपी पुलिस ने आखिर तक बीजेपी एमएलए कुलदीप सेंगर को गिरफ्तार नहीं किया. गिरफ्तारी तभी मुमकिन हो पायी जब केस सीबीआई को सौंपा गया और इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सख्ती दिखायी. वरना, यूपी पुलिस के आला अफसरान तो बस 'माननीय विधायक जी' को हर संभव तकलीफों से बचाने में ही लगे रहे.

कितने ताज्जुब की बात है कि जब चिन्मयानंद के खिलाफ कोर्ट में केस खत्म नहीं हो पा रहा था तो बीजेपी सरकार ने मुकदमा ही वापस ले लिया. वो तो पीड़ित पक्ष ने सरकार के फैसले को कोर्ट में चैलेंज कर दिया, वरना, सब रफा दफा कब का हो चुका होता. फिलहाल, चिन्मयानंद के खिलाफ केस में हाई कोर्ट ने स्थगन आदेश दे रखा है.

सवाल है कि क्या कुलदीप सेंगर और चिन्मयानंद के खिलाफ मामले एक जैसे ही हैं? एक सवाल और भी है कि आखिर चिन्मयानंद पर यौन शौषण के आरोप बार बार लगते क्यों हैं?

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