होम -> सियासत

 |  3-मिनट में पढ़ें  |  
Updated: 18 मार्च, 2017 09:51 PM
आईचौक
आईचौक
  @iChowk
  • Total Shares

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योगी आदित्यनाथ के कंधों पर यूपी की जिम्मेदारी सौंप कर 2019 के लिए अपना एजेंडा साफ कर दिया है. योगी के साथ यूपी में दो डिप्टी सीएम केशव मौर्या और दिनेश शर्मा होंगे - यानी यूपी में एक ऐसी सरकार बन रही है जिसमें कट्टर हिंदुत्व के साथ साथ अगड़ों पिछड़ों को पिट कर समीकरणों को बैलेंस करने का रास्ता निकाला गया है.

इंडिया टुडे कॉनक्लेव में शिरकत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने समझाया कि सबका साथ और सबका विकास न तो महज नारा है और न ही सिर्फ उनकी अकेली सोच है.

विकास सर्वोपरि, लेकिन...

विधायक दल का नेता घोषित किये जाने के बाद योगी आदित्यनाथ के मुहं से जो पहला शब्द निकला वो था - विकास. माना जाना चाहिये कि योगी आदित्यनाथ अब आगे से पश्चिम यूपी में कश्मीर जैसी स्थिति की बात नहीं करेंगे - और मान भी लिया जाना चाहिये कि वो बातें भी बाकियों की तरह चुनावी जुमले थे.

बीजेपी ने यूपी में मिले बहुमत के हिसाब से सूबे के नेतृत्व को सामूहिकता तो दी है, लेकिन ये भी साफ कर दिया है कि वो हिंदुत्व के एजेंडे से बिलकुल भी पीछे नहीं हटी है. वैसे भी चुनाव घोषणा पत्र में बीजेपी ने संवैधानिक दायरे में राम मंदिर के निर्माण की बात कही है. बहरहाल, लोग सभा चुनाव में अभी दो साल का वक्त बाकी है और तब तक बहुत उतार चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं.

modi-conclave_650_031817093420.jpgसबको अवसर, सबको प्रोत्साहन...

कुल मिलाकर योगी आदित्यनाथ के सहयोग के लिए बीजेपी ने हर तबके को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है - और उम्मीद की जानी चाहिये कि नये मुख्यमंत्री भी सबका साथ और सबका विकास के रास्ते पर राज्य को आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगे.

जैसे आजादी का आंदोलन

इंडिया टुडे कॉनक्लेव में प्रधानमंत्री मोदी ने साफ किया कि सबका साथ और सबका विकास उनके लिए महज नारा नहीं है. मोदी ने बताया कि ये आजादी के आंदोलन की तरह है जो विकास का आंदोलन है और उसके पीछे मकसद कलेक्टिव एस्पिरेशन है - जिस पर न्यू इंडिया की नींव रखी गई है. मोदी ने कहा कि न्यू इंडिया का आशय ऐसी व्यवस्था से है जहां उपकार नहीं बल्कि सभी के लिए अवसर होंगे और नारा दिया - 'सभी को अवसर, सभी को प्रोत्साहन'

विरोधियों को टारगेट करते हुए मोदी ने कहा कि कुछ लोग जनभावनाओं को नहीं समझ पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार की मुहिम के साथ पूरा देश खड़ा हो गया. इसके जरिये उन्होंने पर्सनल और नेशनल एस्पिरेश में फर्क का भी जिक्र किया.

निश्चित रूप से मोदी का इशारा यूपी चुनाव में मिली बीजेपी को सपोर्ट की ओर था जहां विपक्षी दलों के सारे दावे लोगों ने पूरी तरह नकार दिये. प्रधानमंत्री मोदी ने समझाया कि गलतियों में सुधार रिफॉर्म होता है - जबकि वो उससे काफी आगे ट्रांसफॉरमेशन में यकीन रखते हैं.

विरोधियों को बार बार टारगेट करते हुए मोदी ने बगैर किसी का नाम लिये चुटकी ली कि कुछ लोगों को लगता है कि सत्ता के गलियारे से ही देश बदलता है... ये गलत है...

प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी सरकार के ढाई साल की मिसाल पेश करते हुए कहा कि लोगों ने सरकार की नीति, निर्णय और नीयत देखी है और यही न्यू इंडिया की नींव को मजबूत करेगी.

ऐसा लगा जैसे मोदी उन लोगों को संबोधित कर रहे हों जो यूपी में योगी आदित्यनाथ के आने से अलग माहौल को लेकर संशकित है. शायद यही वजह है कि मोदी ने केसरिया होली के साथ साथ बीजेपी नेताओें और कार्यकर्ताओं को भी विनम्र होने की सलाह दी थी.

इन्हें भी पढ़ें :

योगी की सुनी - अनसुनी बातें और यूपी की नई सरकार !

योगी की ताकत ही उनकी कमजोरी है

बदलते वक्त का नया स्लोगन है - सिर्फ 'दो साल यूपी खुशहाल'

Conclave 2017, India Today Conclave, Narendra Modi

लेखक

आईचौक आईचौक @ichowk

इंडिया टुडे ग्रुप का ऑनलाइन ओपिनियन प्लेटफॉर्म.

iChowk का खास कंटेंट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक करें.

आपकी राय