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भारत में ये है काला जादू की राजधानी

    • मोहित चतुर्वेदी
    • Updated: 08 मार्च, 2017 08:48 PM
  • 08 मार्च, 2017 08:48 PM
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देश का ऐसा मेट्रो शहर जिसे हम आईटी कैपिटल भी कहते हैं अब वो काले जादू की गिरफ्त में आ गया है. कहें तो तात्रिकों का गढ़ बन चुका है...

बैंगुलरु... यानी आईटी हब, या कहें तो देश की साइंस कैपिटल. नाम सुनते ही हमारे दिमाक में ऊंची-ऊंची बिल्डिंग और सूट बूट में लोग नजर आते हैं. लेकिन शहर में काला जादू करने वालों और ओझा-गुनियों का बाजार भी तेजी से फल-फूल रहा है. कहें तो तात्रिकों का गढ़ बनता जा रहा है. हम आपको बता रहे हैं आईटी सिटी के पीछे छिपा एक काला सच. जी हां, एक ऐसा काला सच जिसे सुनकर आपके भी चौंक जाएंगे...

पढ़े-लिखे लोग हैं इसमें शामिल

अपने क्लायंट की खुशहाली और समृद्धि पर बुरी नजर रखने वालों को परेशान करने के साथ ही दंड के तौर पर उन्हें मार भी पहुंचा सकते हैं. इन लोगों के क्लायंट लिस्ट में सिर्फ प्रेम में ठोकर खा चुके प्रेमी ही नहीं होते बल्कि बड़े-बड़े कॉर्पोरेट कर्मचारी, रेसिंग कार ड्राइवर, पारिवारिक और आर्थिक कष्ट झेल रहे पढ़े-लिखे लोग शामिल हैं.

500 से लाख रुपए तक की फीस

काला जादू अब गली-मुहल्ले से निकलकर अब ऑनलाइन वर्ल्ड में पहुंच चुका है. अब बकायदा लोगों के पास फोन में मैसेज आता है और काले जादू के बारे में हर तरह की जानकारी दी जाती हैं. आपने देखा होगा कि फेसबुक पर किसी भी पोस्ट के नीचे आपको काले जादू का एक एड मिल ही जाएगा. जिसका जादू-टोने वालों को खूब फायदा पहुंच रहा है. उनके क्लायंट उन्हें व्यक्तिगत पोर्टल के साथ ही सोशल मीडिया के जरिए भी कॉन्टैक्ट करते हैं. ऐसे लोग, किसी व्यक्ति विशेष या ग्रुप पर भी काला जादू करवाते हैं और 500 रुपये से लेकर लाख रुपये तक खर्च कर देते हैं.

केरल का एक तांत्रिक जोड़ा बेंगलुरु में जादू-टोना में दिलचस्पी लेने वालों को पूरा पैकेज मुहैया कराता है....

बैंगुलरु... यानी आईटी हब, या कहें तो देश की साइंस कैपिटल. नाम सुनते ही हमारे दिमाक में ऊंची-ऊंची बिल्डिंग और सूट बूट में लोग नजर आते हैं. लेकिन शहर में काला जादू करने वालों और ओझा-गुनियों का बाजार भी तेजी से फल-फूल रहा है. कहें तो तात्रिकों का गढ़ बनता जा रहा है. हम आपको बता रहे हैं आईटी सिटी के पीछे छिपा एक काला सच. जी हां, एक ऐसा काला सच जिसे सुनकर आपके भी चौंक जाएंगे...

पढ़े-लिखे लोग हैं इसमें शामिल

अपने क्लायंट की खुशहाली और समृद्धि पर बुरी नजर रखने वालों को परेशान करने के साथ ही दंड के तौर पर उन्हें मार भी पहुंचा सकते हैं. इन लोगों के क्लायंट लिस्ट में सिर्फ प्रेम में ठोकर खा चुके प्रेमी ही नहीं होते बल्कि बड़े-बड़े कॉर्पोरेट कर्मचारी, रेसिंग कार ड्राइवर, पारिवारिक और आर्थिक कष्ट झेल रहे पढ़े-लिखे लोग शामिल हैं.

500 से लाख रुपए तक की फीस

काला जादू अब गली-मुहल्ले से निकलकर अब ऑनलाइन वर्ल्ड में पहुंच चुका है. अब बकायदा लोगों के पास फोन में मैसेज आता है और काले जादू के बारे में हर तरह की जानकारी दी जाती हैं. आपने देखा होगा कि फेसबुक पर किसी भी पोस्ट के नीचे आपको काले जादू का एक एड मिल ही जाएगा. जिसका जादू-टोने वालों को खूब फायदा पहुंच रहा है. उनके क्लायंट उन्हें व्यक्तिगत पोर्टल के साथ ही सोशल मीडिया के जरिए भी कॉन्टैक्ट करते हैं. ऐसे लोग, किसी व्यक्ति विशेष या ग्रुप पर भी काला जादू करवाते हैं और 500 रुपये से लेकर लाख रुपये तक खर्च कर देते हैं.

केरल का एक तांत्रिक जोड़ा बेंगलुरु में जादू-टोना में दिलचस्पी लेने वालों को पूरा पैकेज मुहैया कराता है. सबसे पहले तो यह लोग अपने एजेंट्स के जरिए क्लायंट के लिए शुरुआती पूजाओं की व्यवस्था करते हैं और फिर आगे के कठिन अनुष्ठान और काला जादू विशेषज्ञ से मुलाकात के लिए क्लायंट को केरल बुलवाते हैं. कुल मिलाकर पूरे बैंगलुरु में ये जाल फैल चुका है.

जादू-टोना करने वाले के 2 ऑफिस

काले जादू को करने वाले एक शख्स ने बताया कि वो इस काम को करीब 30 सालों से कर रहा है. उसके शहर में दो ऑफिस हैं, जो सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक काम करते हैं. अगर किसी को ऑफिस नहीं आना, तो वो पूरी डिटेल उनके मोबाइल पर मेसेज कर सकते हैं या फिर उन्हें Mail भी कर सकते हैं. सोचिए आईटी हब कहने वाले बैगलुरु शहर में ऐसा काम चल रहा है जिसकी किसी को उम्मीद न थी. वो भी टेक्नोलॉजी के साथ.

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इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं. ये जरूरी नहीं कि आईचौक.इन या इंडिया टुडे ग्रुप उनसे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है.

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