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सेक्स स्लेव तलाशते तालिबानी लाशों से ही संबंध बनाने लगे, सुनिए अफगान पुलिसकर्मी की दास्तान

    • ज्योति गुप्ता
    • Updated: 25 अगस्त, 2021 04:30 PM
  • 25 अगस्त, 2021 04:30 PM
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तालिबान की दरिंदगी और क्रूरता झेलने वाली महिलाओं के उपर क्या बीत रही इसकी जानकारी वहां की महिला पुलिसकर्मी ने बताई है जो तालिबानी चुंगल से किसी तरह बचकर निकल पाई है.

तालिबान शासन के बाद अफगानिस्तान की महिलाओं का क्या हाल है यह अब दुनियां के सामने जगजाहिर है. महिलाओं को क्या-क्या तकलीफें सहनी पड़ रही हैं. यह बताते हुए भी हमें शर्मिंदगी महसूस हो रही है. हालात के चलते ही महिलाएं अपने ही देश छोड़कर भागने को मजबूर हैं.

किसी महिला को बुर्का ना पहनने की वजह से मारा गया तो किसी मासूम बच्ची को तालिबानी लड़ाके जबरदस्ती घर से उठा ले गए. किसी महिला की नौकरी छीन ली गई तो किसी लड़की के पढ़ने जाने पर मार दिया गया. तालिबान की दरिंदगी और क्रूरता झेलने वाली महिलाओं के उपर क्या बीत रही इसकी जानकारी वहां की महिला पुलिसकर्मी ने बताई है जो तालिबानी चुंगल से किसी तरह बचकर निकल पाई हैं.

उन्होंने मेरी सहकर्मी को अगवा करके दरिंदगी की 

महिला पुलिसकर्मी ने बताया कि तालिबानियों ने महिलाओं को उठा लिया और उनकी वासना पूरी ना होने पर उन्हें गोली मार दी. तालिबानियों के वहशीपन का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि वे तालिबानी लड़ाके महिलाओं की लाशों से भी शारीरिक संबंध बनाते हैं. अफगानिस्तान से दिल्ली आईं मुस्कान काबुल पुलिस में काम कर चुकी हैं. उन्होंने तालिबानियों के जुर्म की वजह से अपना देश छोड़ दिया. मुस्कान ने बताया कि वे अफगानिस्तान के हर घर से लड़की चाहते हैं. असल में लाशों के साथ यौन संबंध बनाने की प्रथा को 'नेक्रोफिलिया' कहा जाता है. जिसकी आड़ में तालिबानी वहां की महिलाओं को अपनी हवस का शिकार बना रहे हैं.

मुस्कान ने बताया कि वहां कामकाजी महिलाओं को काम पर ना जाने की धमकी मिलती है. मुस्कान के अनुसार, जिहादी समूह से उसकी जान को खतरा था. उन लोगों से मुस्कान को कई बार चेतावनी मिली की अगर काम पर गई तो तुम और तुम्हारा परिवार खतरे में है. मुस्कान ने बताया कि वे लोग पहले काम करने वाली महिलाओं को...

तालिबान शासन के बाद अफगानिस्तान की महिलाओं का क्या हाल है यह अब दुनियां के सामने जगजाहिर है. महिलाओं को क्या-क्या तकलीफें सहनी पड़ रही हैं. यह बताते हुए भी हमें शर्मिंदगी महसूस हो रही है. हालात के चलते ही महिलाएं अपने ही देश छोड़कर भागने को मजबूर हैं.

किसी महिला को बुर्का ना पहनने की वजह से मारा गया तो किसी मासूम बच्ची को तालिबानी लड़ाके जबरदस्ती घर से उठा ले गए. किसी महिला की नौकरी छीन ली गई तो किसी लड़की के पढ़ने जाने पर मार दिया गया. तालिबान की दरिंदगी और क्रूरता झेलने वाली महिलाओं के उपर क्या बीत रही इसकी जानकारी वहां की महिला पुलिसकर्मी ने बताई है जो तालिबानी चुंगल से किसी तरह बचकर निकल पाई हैं.

उन्होंने मेरी सहकर्मी को अगवा करके दरिंदगी की 

महिला पुलिसकर्मी ने बताया कि तालिबानियों ने महिलाओं को उठा लिया और उनकी वासना पूरी ना होने पर उन्हें गोली मार दी. तालिबानियों के वहशीपन का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि वे तालिबानी लड़ाके महिलाओं की लाशों से भी शारीरिक संबंध बनाते हैं. अफगानिस्तान से दिल्ली आईं मुस्कान काबुल पुलिस में काम कर चुकी हैं. उन्होंने तालिबानियों के जुर्म की वजह से अपना देश छोड़ दिया. मुस्कान ने बताया कि वे अफगानिस्तान के हर घर से लड़की चाहते हैं. असल में लाशों के साथ यौन संबंध बनाने की प्रथा को 'नेक्रोफिलिया' कहा जाता है. जिसकी आड़ में तालिबानी वहां की महिलाओं को अपनी हवस का शिकार बना रहे हैं.

मुस्कान ने बताया कि वहां कामकाजी महिलाओं को काम पर ना जाने की धमकी मिलती है. मुस्कान के अनुसार, जिहादी समूह से उसकी जान को खतरा था. उन लोगों से मुस्कान को कई बार चेतावनी मिली की अगर काम पर गई तो तुम और तुम्हारा परिवार खतरे में है. मुस्कान ने बताया कि वे लोग पहले काम करने वाली महिलाओं को धमकी देते हैं, अगर वे नहीं मानती तो उन्हें उठा ले जाते हैं या गोली मार देते हैं.

इसी कारण मुझे अपना देश छोड़ना पड़ा. मेरी एक सहकर्मी के साथ भी यही हुआ. “उन्होंने मेरी सहकर्मी को अगवा करके दरिंदगी की. उसके शव के साथ भी संबंध बनाएं. उन्हें इस बात की परवाह नहीं थी कि वह मर गई है जिंदा है. इसके बाद उन्होंने शव परिवार को लौटाते हुए किसी को ना बताने की धमकी दी. यह कैसा पागलपन है? क्या आप इसकी कल्पना कर सकते हैं?'' बात साफ है, अगर कोई महिला सरकार के लिए काम करती है तो उसके साथ यही सब होगा.

सुनिए तालिबानियों के बारे में रोंगटे खड़े करने वाला ये वीडियो:

वे लोग मीडिया के सामने झूठ बोल रहे हैं कि हम बदल चुके हैं, जबकि वे 10 से 12 साल की बच्चियों को भी उठा ले जाते हैं. महिला अधिकार और आजादी की बातें मजह एक दिखावा है. वे तो इतने जाहिल हैं कि लड़कियों को दवाई देकर ताबूत में रखते थे और उनके शव को पाकिस्तान भेज देते हैं. तालिबान के लोग लड़कियों को पाकिस्तान भेजते समय यह कहते हैं कि वे उनकी शादी करवाना चाहते हैं जबकि असल में वो इन्हें गुलाम बनाकर रखते हैं, ताकि जब आंकतवादी चाहें उनसे शारीरिक संबंध बना सकें.

मुस्कान की इन बातों ने तालिबानियों के चेहरे से सच में नकाब हटा दिया है. वे अपने मंसूबे में कामयाब होने के लिए छलावा कर रहे हैं, लेकिन उनकी फिदरत कभी नहीं बदलने वाली और यह बात अब दुनियां जानती है…


इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं. ये जरूरी नहीं कि आईचौक.इन या इंडिया टुडे ग्रुप उनसे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है.

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