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शादी और फिर मां बनने का दबाव लड़कियों की जिंदगी 'प्रेशर कुकर' बना देता है

    • ज्योति गुप्ता
    • Updated: 17 जुलाई, 2021 06:55 PM
  • 17 जुलाई, 2021 06:53 PM
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आखिर ये कौन-सी घड़ी है जिसकी बढ़ती टिक-टिक की वजह से लड़कियों की जिंदगी प्रेशर कुकर बनती जा रही है. हां इस टिक-टिक की चिक-चिक सिर्फ महिलाओं के ही साथ होती है. शायद इसलिए लड़के शाहरुख खान वाले अंदाज में कहते हैं कि हम तो हमेशा ऐसे ही रहेंगे सिमरन, तुमने क्या सोचा है.

बढ़ती उम्र यानी 25 की उम्र पार करती हुई हर लड़की का ‘बायोलॉजिकल क्लॉक’ वाली घड़ी से कभी ना कभी पाला जरूर पड़ा होगा. कभी किसी दोस्त ने मैसेज में ही ताने मार दिए होंगे तो किसी बेगाने की शादी में दिवानी हुई आंटी जी ने, जिन्हें बस मोहल्ले की लड़कियों की शादी (right age of marriage) की ही चिंता सताती रहती है.

आखिर ये कौन-सी घड़ी है जिसकी बढ़ती टिक-टिक की वजह से लड़कियों की जिंदगी प्रेशर कुकर बनती जा रही है. हां इस टिक-टिक की चिक-चिक सिर्फ महिलाओं के ही साथ होती है. शायद इसलिए लड़के शाहरुख खान वाले अंदाज में कहते हैं कि हम तो हमेशा ऐसे ही रहेंगे सिमरन, तुमने क्या सोचा है. माने यह कि बढ़ती उम्र की चिंता तुम करो हम तो जवान ही बने रहेंगे. अब लड़के ऐसा क्यों कहते हैं इसकी चर्चा हम आगे करेंगे. अब बताते हैं कि लोग हाल-चाल पूछने के बाद एक 25 के पार करती हुई लड़ीक से पूछते क्या हैं.

लड़कियों की शादी क्या सिर्फ बच्चा पैदा करने के लिए होती है

हेलो, कैसी है...और सब ठीक. अच्छा आगे का क्या प्लान है, मेरा मतलब है शादी का क्या सोचा है. अपने साथ की लगभग सारी लड़कियों की शादी हो गई, तू ही बची है बस. हां लड़के तो बहुत है जिनकी शादी नहीं हुई, लेकिन लड़कों की कहां जल्दी होती है शादी. अब कर ले यार, वैसे कितनी साल की हो गई है, 27 की तो हो ही गई होगी या फिर 30 की…(ये मजाक वाला ताना है) वरना बाद में दिक्कत हो जाएगी. 30 तक सब कर लो तो सही रहता है. अब बायोलॉजिकल क्लॉक भी तो कुछ होती है. जो ये सब बोलते हैं उनकी खुद शादी नहीं हुई रहती. दूसरी बात उनकी उम्र भी ज्यादा होती है, लेकिन वे खुद को जवान और आपको बूढ़ा समझते हैं.

ये सब बोलने वालों को एक बार यह भी सोच लेना चाहिए कि हो सकता है कि सामने वाला किसी परेशानी से जूझ रहा...

बढ़ती उम्र यानी 25 की उम्र पार करती हुई हर लड़की का ‘बायोलॉजिकल क्लॉक’ वाली घड़ी से कभी ना कभी पाला जरूर पड़ा होगा. कभी किसी दोस्त ने मैसेज में ही ताने मार दिए होंगे तो किसी बेगाने की शादी में दिवानी हुई आंटी जी ने, जिन्हें बस मोहल्ले की लड़कियों की शादी (right age of marriage) की ही चिंता सताती रहती है.

आखिर ये कौन-सी घड़ी है जिसकी बढ़ती टिक-टिक की वजह से लड़कियों की जिंदगी प्रेशर कुकर बनती जा रही है. हां इस टिक-टिक की चिक-चिक सिर्फ महिलाओं के ही साथ होती है. शायद इसलिए लड़के शाहरुख खान वाले अंदाज में कहते हैं कि हम तो हमेशा ऐसे ही रहेंगे सिमरन, तुमने क्या सोचा है. माने यह कि बढ़ती उम्र की चिंता तुम करो हम तो जवान ही बने रहेंगे. अब लड़के ऐसा क्यों कहते हैं इसकी चर्चा हम आगे करेंगे. अब बताते हैं कि लोग हाल-चाल पूछने के बाद एक 25 के पार करती हुई लड़ीक से पूछते क्या हैं.

लड़कियों की शादी क्या सिर्फ बच्चा पैदा करने के लिए होती है

हेलो, कैसी है...और सब ठीक. अच्छा आगे का क्या प्लान है, मेरा मतलब है शादी का क्या सोचा है. अपने साथ की लगभग सारी लड़कियों की शादी हो गई, तू ही बची है बस. हां लड़के तो बहुत है जिनकी शादी नहीं हुई, लेकिन लड़कों की कहां जल्दी होती है शादी. अब कर ले यार, वैसे कितनी साल की हो गई है, 27 की तो हो ही गई होगी या फिर 30 की…(ये मजाक वाला ताना है) वरना बाद में दिक्कत हो जाएगी. 30 तक सब कर लो तो सही रहता है. अब बायोलॉजिकल क्लॉक भी तो कुछ होती है. जो ये सब बोलते हैं उनकी खुद शादी नहीं हुई रहती. दूसरी बात उनकी उम्र भी ज्यादा होती है, लेकिन वे खुद को जवान और आपको बूढ़ा समझते हैं.

ये सब बोलने वालों को एक बार यह भी सोच लेना चाहिए कि हो सकता है कि सामने वाला किसी परेशानी से जूझ रहा हो. हो सकता है कि उसे सही जीवन साथी की तलाश हो. हो सकता है कि उसके घरवाले रिश्ता भी देख रहे हों, हो सकता है कि उनकी आर्थिक स्तिथी कमजोर हो, हो सकता है कि उनकी शादी तय हो, हो सकता है कि उसकी तय की हुई शादी टूट गई हो, या फिर उसने अपनी शादी के लिए सबकुछ तय कर लिया हो...हो सकता है कि उसे शादी से कोई परेशानी ना हो लेकिन उसे सही समय का इंतजार हो.

ऐसे लोग क्यों किसी के पीछे पड़ जाते हैं, क्या ये लोग उस लड़की की शादी करवाएंगे या उसकी शादी का खर्चा उठाएंगे...अगर इनको लड़कियों की सच में फिक्र है तो सही तरीके से बात तो कर सकते हैं, लेकिन इस तरह उसका उपहास बना कर उसकी चिंता करने का ढोंग तो मत करें. हर दिन, हर जगह, हर बात और मुलाकता में शादी-शादी करके ये लोग उस लड़की को और घबराहट देते रहते हैं.

डॉक्टर दीपा शर्मा को झेलनी पड़ी यातना

बायोलॉजिकल क्लॉक’ और ‘प्रेग्नेंसी प्रेशर’ के नाम पर डॉक्टर दीपा शर्मा का भी सामना हुआ. जिसकी जानकरी इन्होंने अपने ट्वीटर पर साझा की है. दीपा पेशे से एक डॉक्टर हैं और शादी के लिए लड़का भी खोज रही हैं, लेकिन एक महाशय से इनकी बात हुई कि ये झल्ला गईं. इनकी जगह पर कोई भी लड़की होती तो उसका भी यही हाल होता. इन्होंने शादी के लिए उस लड़के से बात की, पसंद नहीं आया तो मना कर दिया, लेकिन उस लड़के को दीपा पसंद थीं. दीपा के मना करने के बाद जो उस लड़के ने मैसेज किया वह सच में अजीब था. इसे पढ़ने के बाद तो समझ आ ही गया कि दीपा ने उसे क्यों शादी के लिए मना किया होगा.

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‘बायोलॉजिकल क्लॉक’ लगातार चल रही है. टिक-टॉक, टिक-टॉक, टिक-टॉक. अच्छा हुआ कि हमारी ये बातचीत हो गई. काफी कुछ क्लीयर हो गया.” “आदमियों पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ता. हमारे ऊपर प्रेगनेंट होने का कोई प्रेशर नहीं होता. आप खुद एक डॉक्टर हैं. आपको यह जानना चाहिए.” ‘बायोलॉजिकल क्लॉक’, ‘प्रेग्नेंसी प्रेशर’. ‘आदमी तो हमेशा जवान रहते हैं’.

इतना ही नहीं जब दीपा ने उसे ब्लॉक कर दिया तो उसने अपनी मर्दानगी दिखाने के लिए टेक्स्ट मैसेज भेजे. उस व्यक्ति की घिनौनी हरकत के बारे में दीपा ने अपने ट्वीटर अकाउंट काफी कुछ लिखा है. सोचिए वो इंसान थोड़ी देर पहले दीपा से शादी करना चाहता था और शादी से इनकार करने पर अपना असली चेहरा दिखा दिया.

क्या सिर्फ इस दबाव में आकर दीपा किसी भी गलत इंसान से शादी कर लें, शादी का मतलब सिर्फ बच्चा पैदा करना तो होता नहीं है. हमारे समाज के लोग लड़कियों को बोलते हैं कि तुम किसी से भी शादी कर लो लेकिन कर लो. वहीं लड़कों को क्या सिखाते हैं कि वो बड़े होकर इसतरह से बात करते हैं.

असल में बायोलॉजिकल क्लॉक का मतलब बढ़ती उम्र से होता है. जिसतरह बढ़ती उम्र शरीर पर दिखती है उसी तरह शरीर के अंदर के अंगो पर ही दिखती है. वहीं महिलाओं के ओवरीज पर इसका खास असर होता है, क्योंकि जो महिलाओं की अंडपिंड होती है उसकी भी उम्र बढ़ती है. महिलाओं की बढ़ती उम्र के साथ ओवरीज़ में जो एग्स होते हैं वो भी कम हो जाते हैं और खराब हो जाते हैं. भले बड़ी उम्र ही महिला बाहर से दिखने में छोटी लगे लेकिन ओवरीज उतनी ही साल की होगी जितनी उस महिला की उम्र होगी.

वहीं पुरुषों के जो स्पर्म्स हैं, वो हर दो महीने में नए बनते हैं. लेकिन फीमेल्स में जो एग्स हैं, वो जन्म के साथ ही होते हैं. ऐसे में महिलाओं की उम्र बढ़ती है तो एग्स की भी बढ़ जाती है. वहीं मेडिकल साइंस में IVF ट्रीटमेंट है, एग फ्रीज़ करने और सेरोगेसी का भी विकल्प मौजूद है.

हालांकि पुरुषों में भी कई कारणों से स्पर्म्स की संख्या कम होने लगती है. ऐसे कई मामले सामने आते हैं कि कमी पुरुष में होती है और लोग बांझ महिलाओं को बोलते हैं. लोगों को समझना होगा कि सेटल होने का मतलब सिर्फ शादी नहीं होता, इसलिए भले ही थोड़ी देरी से शादी हो लेकिन सही इंसान के साथ ही हो...

इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं. ये जरूरी नहीं कि आईचौक.इन या इंडिया टुडे ग्रुप उनसे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है.

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