• होम
  • सियासत
  • समाज
  • स्पोर्ट्स
  • सिनेमा
  • सोशल मीडिया
  • इकोनॉमी
  • ह्यूमर
  • टेक्नोलॉजी
  • वीडियो
होम
समाज

'पीली' और 'नीली' नाम से मशहूर हुईं ये चुनाव अधिकारी महिलाएं आपके ही घर की तो नहीं?

    • पारुल चंद्रा
    • Updated: 13 मई, 2019 10:23 PM
  • 13 मई, 2019 10:23 PM
offline
लोगों ने फिल्मों में ही हीराइनों को बने-ठने देखा है. लेकिन अगर कोई महिला रियल लाइफ में हीरोइनों की तरह दिखाई दे तो लोगों का उत्साह दुगना हो जाता है. लोकसभा चुनाव में ड्यूटी देने निकलीं दो महिला कर्मचारियों को सोशल मीडिया पर सेंसेशन बना दिया गया है.

पीली साड़ी, कट स्लीव ब्लाउज़, खुले बाद, लाल लिपस्टिक, और आंखों पर काला चश्मा पहने हुए ये महिला इन दिनों सोशल मीडिया सेंसेशन बनी हुई है. शायद ही कोई व्यक्ति ऐसा होगा जिसने अपने मोबाइल पर इस महिला पीठासीन अधिकारी की तस्वीर नहीं देखी होगी. जिनके बारे में ये प्रचार किया जा रहा है कि इनकी खूबसूरती की बदौलत मतदाता उमड़े और इनके पोलिंग बूथ में 100 प्रतिशत मतदान हुआ.

हमारे देश के लोग इस महिला को देखकर इस कदर पगला गए जैसे उन्होंने शहर की सड़कों पर किसी फिल्मी हीरोइन के दर्शन कर लिए हों. लोगों को इस महिला की तस्वीरों में अत्यंत तेज और गजब का आकर्षण महसूस हुआ कि वो इसे शेयर करने से रोक नहीं पाए.

पीली साड़ी वाली इस महिला की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हैं

अब इससे पहले कि मैं इनका नाम और पता आपको बताऊं एक और महिला को भी देख लेते हैं जो इन्हीं की तरह सुर्खियों में हैं. इनकी भी ड्यूटी चुनाव में लगी थी. फर्क सिर्फ इतना है कि इन्होंने पीली साड़ी नहीं बल्कि नीली स्लीव लेस ड्रेस पहन रखी थी. अब इनमें भी वही खासियत है जो पीली साड़ी वाली मैडम में थी. इसलिए इनकी भी निजी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं.

नीली ड्रेस में चुनाव ड्यूटी पर जा रही ये महिला क्या अनोखी है?

असल में हमारे यहां के आम लोगों ने फिल्मों में ही हीराइनों को बने-ठने देखा है. लेकिन अगर कोई महिला रियल लाइफ में हीरोइनों की तरह दिखाई दे तो लोगों का उत्साह दुगना हो जाता है. वो भी इस कदर कि इनका मन फिर सिर्फ तस्वीरों से नहीं भरता. इन्हें और...

पीली साड़ी, कट स्लीव ब्लाउज़, खुले बाद, लाल लिपस्टिक, और आंखों पर काला चश्मा पहने हुए ये महिला इन दिनों सोशल मीडिया सेंसेशन बनी हुई है. शायद ही कोई व्यक्ति ऐसा होगा जिसने अपने मोबाइल पर इस महिला पीठासीन अधिकारी की तस्वीर नहीं देखी होगी. जिनके बारे में ये प्रचार किया जा रहा है कि इनकी खूबसूरती की बदौलत मतदाता उमड़े और इनके पोलिंग बूथ में 100 प्रतिशत मतदान हुआ.

हमारे देश के लोग इस महिला को देखकर इस कदर पगला गए जैसे उन्होंने शहर की सड़कों पर किसी फिल्मी हीरोइन के दर्शन कर लिए हों. लोगों को इस महिला की तस्वीरों में अत्यंत तेज और गजब का आकर्षण महसूस हुआ कि वो इसे शेयर करने से रोक नहीं पाए.

पीली साड़ी वाली इस महिला की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हैं

अब इससे पहले कि मैं इनका नाम और पता आपको बताऊं एक और महिला को भी देख लेते हैं जो इन्हीं की तरह सुर्खियों में हैं. इनकी भी ड्यूटी चुनाव में लगी थी. फर्क सिर्फ इतना है कि इन्होंने पीली साड़ी नहीं बल्कि नीली स्लीव लेस ड्रेस पहन रखी थी. अब इनमें भी वही खासियत है जो पीली साड़ी वाली मैडम में थी. इसलिए इनकी भी निजी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं.

नीली ड्रेस में चुनाव ड्यूटी पर जा रही ये महिला क्या अनोखी है?

असल में हमारे यहां के आम लोगों ने फिल्मों में ही हीराइनों को बने-ठने देखा है. लेकिन अगर कोई महिला रियल लाइफ में हीरोइनों की तरह दिखाई दे तो लोगों का उत्साह दुगना हो जाता है. वो भी इस कदर कि इनका मन फिर सिर्फ तस्वीरों से नहीं भरता. इन्हें और चाहिए. वो इन्हें और करीब से जानना चाहते हैं. Intertainment की डो़ज़ थोड़ी और बढ़ाई गई और सोशल मीडिया पर इन्हें हर जगह ढूंढा गया और तब कहीं जाकर टिकटॉक एप पर पीली साड़ी वाली महिला के कुछ वीडियो मिले, जिन्हें जमकर शेयर किया जा रहा है.

सोशल मीडिया ही नहीं लोगों की जिज्ञासा शांत करने के लिए बहुत सारे न्यूज़ वेबसाइट ने इन मोहतरमा का पूरा बायोडेटा बता दिया है. तो किसी ने तो इनके वीडियो को 'हॉट वीडियो' भी बता डाला. वाट्सएप्प पर एक मैसेज में इनकी तस्वीरों के साथ इनके घर और ऑफिस का पता और बाकी जानकारियां भी थीं. 

अब जब इंटरनेट पर दो महिलाओं की ये तस्वीरें वायरल हो ही गईं तो लोग इनपर चुटकियां भी लेने लगे. असल में महिलाओं की ये तस्वीरें सार्वजनिक होकर लोगों के लिए मनोरंजन बन गईं. लोग इनपर व्यंग कर रहे हैं. चुनाव आयोग को भी सुझाव दे रहे हैं कि इन दोनों की वजह से ज्यादा से ज्यादा लोग वोटिंग के लिए आएंगे. इसलिए 'चुनाव आयोग चाहे तो ये नुस्खा हर बूथ पर आजमाया जा सकता है.'

लोग इन महिलाओं पर व्यंग कर रहे हैं

क्यों अच्छा नहीं है इन तस्वीरों का वायरल होना

देखिए तीन तरह के लोग हैं, एक जो ऐसी तस्वीरों की तह तक जाते हैं जानकारियां जुटाते हैं, दूसरे जो बिना सोच समझे उसे आगे फॉर्वर्ड करते हैं. और तीसरे वो जो सिर्फ देखते हैं लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं देते. महिला की तस्वीरें किसी फोटो जर्नलिस्ट ने लीं वो तो वायरल होनी ही थीं, हर जगह छपनी थीं. लेकिन इसके बाद जो खोजबीन लोगों ने की और उनकी निजी जानकारियां सोशल मीडिया पर फॉर्वर्ड कीं (उनके घर का एड्रेस भी) वो अच्छा नहीं है. लोग sarcasm यानी व्यंग के रूप में इसे आगे फॉर्वर्ड कर रहे हैं. बिना ये सोचे समझे कि वो एक सामान्य महिला की तस्वीरें वायरल कर रहे हैं जो कोई सेलिब्रिटी नहीं है, एक आम इंसान है. जिसकी निजता का ख्याल रखना हर किसी की जिम्मेदारी होनी चाहिए. लेकिन लोगों के लिए वो पब्लिक प्रॉपर्टी है. माना कि महिला के टिकटॉक वीडियो पब्लिक ही हैं उन्हें बनाया ही इसलिए गया है जिससे लोग उन्हें देखें. लेकिन उन्ही वीडियो को 'हॉट वीडियो' कहकर प्रचारित करना कहां की शराफत है. ऐसे में उन तीसरी तरह के लोगों के लिए तालियां.

लेकिन इन तस्वीरों का एक दूसरा पहलू भी है

पुरुषों ने जिस भी वजह से इन्हें शेयर किया हो, लेकिन पहली बार इन दोनों महिलाओं की तस्वीरें देखने के बाद एक महिला होने के नाते मुझे तो बहुत अच्छा लगा. इसलिए क्योंकि समाज में सरकारी कर्मचारियों की जो छवि लोगों के जेहन में बसी होती है, ये तस्वीरें उसे तोड़ने का काम कर रही थीं. सरकारी नौकरी करने वाले लोग यानी काले सफेद बाल, पेट निकला हुआ, चैक शर्ट और पैंट पहने पुरुष जबकि सामान्य साड़ी पहने महिलाएं, बालों में क्लिप या जूड़ा, आंखे पर नजर का चश्मा और पेट बाहर. लेकिन ये सरकारी कर्मचारी बाकियों से अलग थीं. और जो अलग दिखाई देते हैं वो आंखों को भी अच्छे लगते हैं. जरा याद कीजिए जब बारिश आती है तो वही तस्वीरें नजर आती हैं जिनमें लड़कियां छतरी थामे हों या बारिश से बचने की कोशिश कर रही हों. इसी तरह चुनाव ड्यूटी पर जा रहे तमाम सरकारी कर्मचारियों में ये दो ही महिलाएं ऐसी थीं जिनपर हर किसी की निगाह टिकी थी.

ये आज के जमाने की महिलाएं हैं जो आत्मविश्वास से भरी हैं

ये दोनों महिलाएं बाकी महिलाओं और सरकारी कर्मचारियों के लिए inspiration भी हैं. जिन्होंने खुद को मेंटेन किया हुआ है, समय के हिसाब से कपड़े पहने हुए हैं. वो खुद भी अच्छा दिखना चाहती हैं और गर्मी में भी बेहद फ्रेश नजर आ रही हैं. आत्मविश्वास से भरी हुई हैं. सबसे अच्छी बात है कि इनके चेहरे पर मुस्कुराहट है, जबकि मैंने चुनावी ड्यूटी पर जा रहे लोगों के माथे पर तनाव ही देखा है. तो अगर इन महिलाओं को देखकर बाकी महिलाओं को भी अच्छा दिखने की इच्छा होती है तो ये प्रेरणा हैं.

अब जानिए कि ये हैं कौन

इन दोनों महिलाओं के बारे में सारी जानकारी अब तक बाहर आ ही चुकी है. इनका नाम पता सार्वजनिक करने के पक्ष में मैं नहीं हूं. लेकिन इतना जरूर कहूंगी कि ये दोनों हमारे और आपके जैसे सामान्य परिवारों से ही आई महिलाएं हैं. जो आज अपने पहनावे की वजह से इंटरनेट सेंसेशन बन गई हैं. हर घर में महिलाएं हैं और हर महिला खूबसूरत लगना चाहती है. कारण बहुत से हो सकते हैं कि वो स्लीवलेस नहीं पहनतीं, लाल लिपस्टिक नहीं लगातीं और बाल खुले नहीं रखतीं. लेकिन यकीन मानें अगर हर महिला इन दोनों की तरह तैयार हो तो वो भी इनसे कम नहीं लगेगी.

लेकिन अगर आपके घर की महिलाओं की प्रोफाइल पिक्स इस तरह वायरल होंगी तो आपको अच्छा नहीं लगेगा. इसलिए मजाक-मजाक में तस्वीरें शेयर करने से पहले ये जरूर सोच लें कि हर सामान्य महिला खूबसूरत दिख सकती है.

ये भी पढ़ें-

पिता अपनी बेटियों के हीरो होते हैं, लेकिन शाहिद अफरीदी वो पिता नहीं

शौहर को हिजाब में देखकर पाकिस्‍तानी सोशल मीडिया आग-बबूला हो गया!

पति को मंगलसूत्र पहनाने वाली इन महिलाओं को कोसने से पहले सोच को समझिए

 


इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं. ये जरूरी नहीं कि आईचौक.इन या इंडिया टुडे ग्रुप उनसे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है.

ये भी पढ़ें

Read more!

संबंधि‍त ख़बरें

  • offline
    आम आदमी क्लीनिक: मेडिकल टेस्ट से लेकर जरूरी दवाएं, सबकुछ फ्री, गांवों पर खास फोकस
  • offline
    पंजाब में आम आदमी क्लीनिक: 2 करोड़ लोग उठा चुके मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा का फायदा
  • offline
    CM भगवंत मान की SSF ने सड़क हादसों में ला दी 45 फीसदी की कमी
  • offline
    CM भगवंत मान की पहल पर 35 साल बाद इस गांव में पहुंचा नहर का पानी, झूम उठे किसान
Copyright © 2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today.

Read :

  • Facebook
  • Twitter

what is Ichowk :

  • About
  • Team
  • Contact
Copyright © 2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today.
▲