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क्या 'नया पाकिस्तान' महिलाओं के प्रति सोच बदल पाएगा?

    • पारुल चंद्रा
    • Updated: 03 अप्रिल, 2019 05:43 PM
  • 03 अप्रिल, 2019 05:43 PM
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पाकिस्तान की महिला का वायरल वीडियो बता रहा है कि मुस्लिम समाज महिलाओं के प्रति दोहरी मानसिकता रखता है. महिलाओं पर अत्याचार करने के लिए धर्म का सिर्फ सहारा लिया जाता है.

इन दिनों एक पाकिस्तानी महिला का वीडियो वायरल है जिसमें वो लोगों से मदद की गुहार लगा रही है. ये महिला है आसमा अज़ीज़ जो लाहौर की रहने वाली है. वीडियो में आसमा ने बताया है कि उसके पति और उसके दोस्तों ने उसे मारा-पीटा और सिर के सारे बाल सिर्फ इसलिए उतार दिए क्योंकि उसने पति के दोस्तों के सामने नाचने से इनकार कर दिया था. अब वो अपने लिए इंसाफ की मांग कर रही है.

आसमा का कहना है कि उसका पति फैज़ल उसे अपने दोस्तों के सामने नाचने के लिए मजबूर किया करता था. लेकिन इस बार भी उसके दो दोस्त घर आए और उसने मुझे शराब पीने और उनके सामने नाचने को कहा. जब आसमा ने मना कर दिया तो पति ने उसके पैर बांध दिए और उसे प्रताड़ित करने लगा. नौकरों के ही सामने पति ने आसमा के कपड़े उतारे और नौकरों ने आसमा को पकड़ा और पति ने उसके सिर के बाल काट दिए. इसे पाइप से बांधकर और पंखे से लटकाने की कोशिश कर रहा था.

घरेलू हिंसा की शिकार हुई महिलाओं की पुलिस भी नहीं सुनती

जब उसने भागने की कोशिश की तो पति ने इसे फिर मारा-पीटा. अगले दिन जैसे-तैसे वो वहां से बचकर निकली. आसमा शिकायत करने के लिए सीधे थाने पहुंची. लेकिन आसमा जैसों के तकलीफें और बढ़ाने के लिए पाकिस्तान की पुलिस भी कम नहीं है. पुलिस वालों ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की क्योंकि उन्हें रिपोर्ट लिखने के लिए पैसे चाहिए थे. आसमा को इलाज की जरूरत थी लेकिन इलाज करवाने के लिए भी पुलिस वालों ने 5000 रुपए मांगे. जब पुलिस ने कुछ न किया तो सोशल मीडिया के जरिए आसमा ने अपनी आवाज लोगों तक पहुंचाई और लोगों से अपने लिए मदद की उम्मीद की.

4 साल पहले आसमा और फैज़ल की शादी हुई ती लेकिन शादी...

इन दिनों एक पाकिस्तानी महिला का वीडियो वायरल है जिसमें वो लोगों से मदद की गुहार लगा रही है. ये महिला है आसमा अज़ीज़ जो लाहौर की रहने वाली है. वीडियो में आसमा ने बताया है कि उसके पति और उसके दोस्तों ने उसे मारा-पीटा और सिर के सारे बाल सिर्फ इसलिए उतार दिए क्योंकि उसने पति के दोस्तों के सामने नाचने से इनकार कर दिया था. अब वो अपने लिए इंसाफ की मांग कर रही है.

आसमा का कहना है कि उसका पति फैज़ल उसे अपने दोस्तों के सामने नाचने के लिए मजबूर किया करता था. लेकिन इस बार भी उसके दो दोस्त घर आए और उसने मुझे शराब पीने और उनके सामने नाचने को कहा. जब आसमा ने मना कर दिया तो पति ने उसके पैर बांध दिए और उसे प्रताड़ित करने लगा. नौकरों के ही सामने पति ने आसमा के कपड़े उतारे और नौकरों ने आसमा को पकड़ा और पति ने उसके सिर के बाल काट दिए. इसे पाइप से बांधकर और पंखे से लटकाने की कोशिश कर रहा था.

घरेलू हिंसा की शिकार हुई महिलाओं की पुलिस भी नहीं सुनती

जब उसने भागने की कोशिश की तो पति ने इसे फिर मारा-पीटा. अगले दिन जैसे-तैसे वो वहां से बचकर निकली. आसमा शिकायत करने के लिए सीधे थाने पहुंची. लेकिन आसमा जैसों के तकलीफें और बढ़ाने के लिए पाकिस्तान की पुलिस भी कम नहीं है. पुलिस वालों ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की क्योंकि उन्हें रिपोर्ट लिखने के लिए पैसे चाहिए थे. आसमा को इलाज की जरूरत थी लेकिन इलाज करवाने के लिए भी पुलिस वालों ने 5000 रुपए मांगे. जब पुलिस ने कुछ न किया तो सोशल मीडिया के जरिए आसमा ने अपनी आवाज लोगों तक पहुंचाई और लोगों से अपने लिए मदद की उम्मीद की.

4 साल पहले आसमा और फैज़ल की शादी हुई ती लेकिन शादी के 6 महीने बाद ही पति का व्यवहार बदलने लगा था. आसमा तीन बच्चों की मां है. शराब पीने के बाद पति उसे मारा-पीटा करता था और अपने बेशर्म दोस्तों को घर पर पार्टी के लिए बुला लेता था.

आसमा की वीडिया वायरल हुआ तब कार्रवाई की गईआसमा का वीडियो वायरल होने के बाद पाकिस्तान की मानवाधिकार मंत्री शिरीन माजरी ने ट्विटर पर कहा कि आसमा के पति और नौकर को गिरफ्तार करने के आदेश दे दिए गए हैं. मामले की जांच चल रही है और तब तक आसमा पुलिस प्रोटेक्शन में है. आसमा की मैडिकल रिपोर्ट पुष्टी करती है कि उसे बहुत बुरी तरह मारा-पीटा गया था.

इस मामले में एमनेस्टी इंटरनेशनल का कहना है कि 'खुशी है कि आसमा के केस में तुरंत एक्शन लिया गया, लेकिन घरेलू हिंसा के दर्ज मामलों में खतरनाक तरह से वृद्धि हुई है. एक-एक केस के हिसाब से कार्रवाई नहीं की जा सकती. महिलाओं की सुरक्षा के लिए सिस्टम में बदलाव जरूरी है'

पाकिस्तान से आया ये मामला भले ही घरेलू हिंसा का हो, लेकिन वहां महिलाओं रहने वाली महिलाओं के प्रति अपनी सोच साफ दिखाता है. साथ ही कई बातों पर सवाल खड़े करता है. एक तरफ पाकिस्तान में एक वीडियो वायरल होता है जिसमें शादी में कुछ महिलाएं ताली बजाती हुई गीत गा रही थीं और 2 लड़के नाच रहे थे तो इस्‍लामी कट्टरपंथियों को ये नाच गाना धर्म के खिलाफ लगा और उन्होंने वीडियो में दिखाई देने वाले सभी लोगों को मौत के घाट उतार दिया. वजह सिर्फ एक कि नाच गाना इस्लाम के खिलाफ है और महिलाओं के लिए तो ये कत्ल करने लायक गुनाह है. लेकिन इस्लाम को मानने वाला समाज खुद अपने घर की महिलाओं को अपने दोस्तों के सामने नाचने के लिए कहता है. जब ये अपनी मर्जी से महिलाओं को नाचने के लिए और शराब पीने के लिए कहते हैं तब इन्हें कोई कानून याद नहीं रहता. लेकिन अगर कोई महिला इनकी मर्जी के बगैर ताली भी बजाए तो वो कभ न माफ करने वाला गुनाह हो जाता है.

और अफसोस की बात तो ये है कि पाकिस्तान की पुलिस न तो उन कट्टरपंथियों के खिलाफ एक्शन लेती है और न इन लोगों के जो अपने घरों में महिलाओं के साथ ये सुलूक करते हैं. असल मामला है महिला विरोधी सोच का जिसके चलते इस तरह की ज्यादती पाकिस्तान में आम है.

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इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं. ये जरूरी नहीं कि आईचौक.इन या इंडिया टुडे ग्रुप उनसे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है.

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