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Hyderabad encounter: तस्वीरों ने बता दिया कि Hyderabad Police ने अपना खोया भरोसा वापस पा लिया है

    • पारुल चंद्रा
    • Updated: 06 दिसम्बर, 2019 09:10 PM
  • 06 दिसम्बर, 2019 09:10 PM
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Hyderabad rape case के बाद लोग जितने आक्रोशित थे, आज Hyderabad encounter से उतने ही उत्साहित दिखाई दिए. हैदराबाद से आने वाली तस्वीरें ये बताने के लिए काफी हैं कि Hyderabad Police ने अपना खोया भरोसा वापस पा लिया है.

Hyderabad rape case के अपराधियों के लिए मौत से कम सजा तो कोई हो ही नहीं सकती थी. फांसी तो उन्हें मिलती ही, लेकिन हमारी न्यायपालिका के भरोसे केवल 10 दिन में फैसला हो पाना असंभव था. जो काम निर्भया के केस में न हो सका वो Hyderabad Police ने कर दिखाया. और हैदराबाद की डॉक्टर दिशा का रेप और मर्डर करने वाले चारों आरोपियों को पुलिस ने एनकाउंटर में खत्म कर दिया. केस एक बार में ही बंद, न कोर्ट, न कचहरी और न ही बार बार की सुनवाइयों का दौर.

पुलिस के इस एनकाउंटर पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं, जो उठने भी चाहिए. लेकिन जब आम इंसानों की तरफ देखते हैं तो लगता है जैसे इस देश को ऐसे ही न्याय की जरूरत थी. जितनी बर्बरता दिशा के साथ की गई थी उसके बाद हर शख्स ने आरोपियों के लिए सिर्फ मौत मांगी थी, और आज उन्हें मौत मिल भी गई. तेलंगाना पुलिस ने लोगों की नजरों में निर्णायक रही जिसने दिशा के साथ न्याय किया.

महिलाएं सड़क पर उतरीं और मिठाइयां बांटी गईं

लोग इस घटना के बाद जितने आक्रोशित थे, आज उतने ही उत्साहित दिखाई दिए. आज हैदराबाद से आने वाली कुछ तस्वीरें ये बताने के लिए काफी हैं कि तेलंगाना पुलिस ने अपना खोया भरोसा वापस पा लिया है.

जैसे ही ये खबर आई कि चारों आरोपी मारे गए, उसके बाद से ही देश भर में खुशी की लहर दौड़ पड़ी. हर किसी की जुबान पर यही शब्द थे कि जो हुआ अच्छा ही हुआ. यही होना था. जबकि हैदराबाद में तो जश्न सा माहौल था. खुशी के मारे लोग सड़कों पर उतर आए थे और पुलिस वालों को धन्यवाद दे रहे थे. पटाखे फोड़े जा रहे थे. पुलिस को गोद में उठाकर झुलाया जा रहा था. लोग किस कदर खुश थे आप ये नजारे देखकर समझ सकते हैं-

Hyderabad rape case के अपराधियों के लिए मौत से कम सजा तो कोई हो ही नहीं सकती थी. फांसी तो उन्हें मिलती ही, लेकिन हमारी न्यायपालिका के भरोसे केवल 10 दिन में फैसला हो पाना असंभव था. जो काम निर्भया के केस में न हो सका वो Hyderabad Police ने कर दिखाया. और हैदराबाद की डॉक्टर दिशा का रेप और मर्डर करने वाले चारों आरोपियों को पुलिस ने एनकाउंटर में खत्म कर दिया. केस एक बार में ही बंद, न कोर्ट, न कचहरी और न ही बार बार की सुनवाइयों का दौर.

पुलिस के इस एनकाउंटर पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं, जो उठने भी चाहिए. लेकिन जब आम इंसानों की तरफ देखते हैं तो लगता है जैसे इस देश को ऐसे ही न्याय की जरूरत थी. जितनी बर्बरता दिशा के साथ की गई थी उसके बाद हर शख्स ने आरोपियों के लिए सिर्फ मौत मांगी थी, और आज उन्हें मौत मिल भी गई. तेलंगाना पुलिस ने लोगों की नजरों में निर्णायक रही जिसने दिशा के साथ न्याय किया.

महिलाएं सड़क पर उतरीं और मिठाइयां बांटी गईं

लोग इस घटना के बाद जितने आक्रोशित थे, आज उतने ही उत्साहित दिखाई दिए. आज हैदराबाद से आने वाली कुछ तस्वीरें ये बताने के लिए काफी हैं कि तेलंगाना पुलिस ने अपना खोया भरोसा वापस पा लिया है.

जैसे ही ये खबर आई कि चारों आरोपी मारे गए, उसके बाद से ही देश भर में खुशी की लहर दौड़ पड़ी. हर किसी की जुबान पर यही शब्द थे कि जो हुआ अच्छा ही हुआ. यही होना था. जबकि हैदराबाद में तो जश्न सा माहौल था. खुशी के मारे लोग सड़कों पर उतर आए थे और पुलिस वालों को धन्यवाद दे रहे थे. पटाखे फोड़े जा रहे थे. पुलिस को गोद में उठाकर झुलाया जा रहा था. लोग किस कदर खुश थे आप ये नजारे देखकर समझ सकते हैं-

कॉलेज जाने वाली लड़कियों ने बस में से ही चीखकर इस बात का इशारा किया कि वो कितनी खुश थीं. वो इसी अंदाज में पुलिसवालों को चियर कर रही थीं.

दिशा के पड़ोस में रहने वाली महिलाएं तो इतनी भावुक हो गईं कि उन्होंने हैदराबाद पुलिस वालों को रक्षक मानकर उन्हें राखी बांधी. राखी बांधना इस बात का सुबूत ही था कि वो पुलिस वालों को एक भाई की तरह सम्मान दे रही हैं. वो भाई जिन्होंने दिशा के साथ इंसाफ किया.

लोग भले ही पुलिस एनकाउंटर को फर्जी कह रहे हों, उसपर सवाल उठा रहे हों लेकिन हैदराबाद के लोगों के दिलों में पुलिस वालों के लिए सिर्फ सम्मान था. तेलंगाना पुलिस की इतनी जयजयकार शायद ही पहले कभी हुई हो.

घटना स्थल पर जहां दिशा को जलाया गया था वहां फ्लाइओवर पर पहुंचकर लोगों ने फूलों की बारिश की. वहां 'जय केसीआर' के नारे लगाए गए, पुलिस जिंदाबाद के नारे लगाए गए और तो और पुलिस वालों पर फूलों की बारिश भी की गई.

वाह-वाही चलती रही, डीसीपी एसीपी जिंदाबाद जिंदाबाद !!

सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं ये साफ-साफ बता रही थीं कि लोग hyderabad rape case encounter एनकाउंटर से कितने आश्वस्त थे. लोगों का यही भरोसा था कि एनकाउंटर भले ही किस भी तरह से किया गया हो, सही या गलत लेकिन इस बात ने बाकी अपराधियों को आगे के लिए एक सबक दिया है. अब किसी भी लड़की के साथ रेप करने से पहले लोग कम से कम इस एनकाउंटर को याद जरूर कर लेंगे. जो भी हो लोग खुश हैं, हैदराबाद खुश है. और सबसे बड़ी बात- दिशा के पिता के मुंह से निकली हुई ये बात सबसे सुकून भरी थी कि- 'मेरी बेटी की आत्म को अब जाकर शांति मिलेगी'

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इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं. ये जरूरी नहीं कि आईचौक.इन या इंडिया टुडे ग्रुप उनसे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है.

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