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Rocket Boys पसंद आई तो इन फिल्मों में दुनिया के प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों की कहानी देख सकते हैं

    • मुकेश कुमार गजेंद्र
    • Updated: 08 फरवरी, 2022 07:21 PM
  • 08 फरवरी, 2022 07:21 PM
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ओटीटी प्लेटफॉर्म सोनी लिव पर स्ट्रीम हो रही वेब सीरीज 'रॉकेट ब्वॉयज' देश के महान वैज्ञानिक डॉ. होमी जहांगीर भाभा और डॉ. विक्रम साराभाई की जीवनी पर आधारित है. बॉलीवुड में वैज्ञानिकों के जीवन या उनकी उपलब्धियों पर आधारित सिनेमा बहुत कम देखने को मिलता है, लेकिन इन फिल्मों के जरिए आप दुनिया के प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों की कहानी देख सकते हैं.

बॉलीवुड में साइंस आधारित फिल्में बहुत कम बनती हैं. इसकी जगह साइंस फिक्शन जॉनर की फिल्मों को तरहीज ज्यादा दी जाती है. इसकी पीछे की सबसे बड़ी वजह ये है कि साइंस फिक्शन फिल्मों में मेकर्स के पास सिनेमाई स्वतंत्रता रहती है, जबकि साइंस जॉनर की फिल्में वास्तविक होती हैं. ये किसी न किसी बड़े दिग्गज साइंटिस्ट की बायोपिक हो सकती हैं. जैसे कि इन दिनों ओटीटी प्लेटफॉर्म सोनी लिव पर वेब सीरीज 'रॉकेट ब्वॉयज' स्ट्रीम हो रही है, जो देश के दो महान वैज्ञानिकों डॉ. होमी जहांगीर भाभा और डॉ. विक्रम साराभाई की जीवनी पर आधारित है. इसमें दोनों वैज्ञानिकों की जीवनी के जरिए हिंदुस्तान की न्यूक्लियर और अंतरिक्ष विज्ञान की विकास यात्रा को बहुत सलीके से दिखाया गया है. बहुत दिनों बाद साइंस पर आधारित कोई परेफ्ट सिनेमा देखने को मिला है.

साइंस फिक्शन जॉनर की फिल्में बॉलीवुड की बजाए हॉलीवुड में बड़े पैमाने पर बनाई जाती है. वहां की ज्यादातर फिल्में आप इसी जॉनर की देख सकते हैं. हॉलीवुड में इस जॉनर की फिल्मों को बनाने की शुरूआत आज से 100 साल पहले ही हो चुकी थी. साल 1902 में सबसे पहले साइंस फिक्शन रिलीज की गई थी. फ्रेंच निर्देशक जॉर्ज मेलिएस की इस फिल्म का नाम 'ए ट्रिप टू मून' था. यह फिल्म सिनेमा के इतिहास में साइंस फिक्शन फिल्मों की सूची में पहले नंबर पर आती है. इसमें खगोलशास्त्रियों के एक समूह की कहानी दिखाई गई थी जो चांद की यात्रा पर जाते हैं. करीब सोलह मिनट की इस ब्लैक एंड व्हाइट फिल्म को उस समय एक लंबी फिल्म माना गया था. इसके बाद सिनेमा जब रंगीन होकर बोलना शुरू किया, तो हॉलीवुड में साइंस फिक्शन फिल्मों की बाढ़ सी आ गई है.

आइए साइंस जॉनर की प्रमुख पांच फिल्मों के बारे में जानते हैं...

1. फिल्म- मिशन मंगल

रिलीज डेट- 13 अगस्त 2019

कहां देख सकते हैं- डिज्नी...

बॉलीवुड में साइंस आधारित फिल्में बहुत कम बनती हैं. इसकी जगह साइंस फिक्शन जॉनर की फिल्मों को तरहीज ज्यादा दी जाती है. इसकी पीछे की सबसे बड़ी वजह ये है कि साइंस फिक्शन फिल्मों में मेकर्स के पास सिनेमाई स्वतंत्रता रहती है, जबकि साइंस जॉनर की फिल्में वास्तविक होती हैं. ये किसी न किसी बड़े दिग्गज साइंटिस्ट की बायोपिक हो सकती हैं. जैसे कि इन दिनों ओटीटी प्लेटफॉर्म सोनी लिव पर वेब सीरीज 'रॉकेट ब्वॉयज' स्ट्रीम हो रही है, जो देश के दो महान वैज्ञानिकों डॉ. होमी जहांगीर भाभा और डॉ. विक्रम साराभाई की जीवनी पर आधारित है. इसमें दोनों वैज्ञानिकों की जीवनी के जरिए हिंदुस्तान की न्यूक्लियर और अंतरिक्ष विज्ञान की विकास यात्रा को बहुत सलीके से दिखाया गया है. बहुत दिनों बाद साइंस पर आधारित कोई परेफ्ट सिनेमा देखने को मिला है.

साइंस फिक्शन जॉनर की फिल्में बॉलीवुड की बजाए हॉलीवुड में बड़े पैमाने पर बनाई जाती है. वहां की ज्यादातर फिल्में आप इसी जॉनर की देख सकते हैं. हॉलीवुड में इस जॉनर की फिल्मों को बनाने की शुरूआत आज से 100 साल पहले ही हो चुकी थी. साल 1902 में सबसे पहले साइंस फिक्शन रिलीज की गई थी. फ्रेंच निर्देशक जॉर्ज मेलिएस की इस फिल्म का नाम 'ए ट्रिप टू मून' था. यह फिल्म सिनेमा के इतिहास में साइंस फिक्शन फिल्मों की सूची में पहले नंबर पर आती है. इसमें खगोलशास्त्रियों के एक समूह की कहानी दिखाई गई थी जो चांद की यात्रा पर जाते हैं. करीब सोलह मिनट की इस ब्लैक एंड व्हाइट फिल्म को उस समय एक लंबी फिल्म माना गया था. इसके बाद सिनेमा जब रंगीन होकर बोलना शुरू किया, तो हॉलीवुड में साइंस फिक्शन फिल्मों की बाढ़ सी आ गई है.

आइए साइंस जॉनर की प्रमुख पांच फिल्मों के बारे में जानते हैं...

1. फिल्म- मिशन मंगल

रिलीज डेट- 13 अगस्त 2019

कहां देख सकते हैं- डिज्नी प्लस हॉटस्टार

वैज्ञानिक की कहानी- ISRO की महिला वैज्ञानिक रितु करिधल, नंदिनी हरिनाथ और अनुराधा टीके

केप ऑफ गुड फिल्म्स, होप प्रोडक्शंस और फॉक्स स्टार स्टूडियो के बैनर तले बनी फिल्म 'मिशन मंगल' भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के वैज्ञानिकों की कहानी पर आधारित है, जिन्होंने मार्स ऑर्बिटर में योगदान दिया है. इनमें ईसरो की तीन महिला वैज्ञानिकों रितु करिधल (उप संचालन निदेशक, मार्स ऑर्बिटर मिशन), नंदिनी हरिनाथ (उप संचालन निदेशक) और अनुराधा टीके (इसरो सैटेलाइट सेंटर में जियोसैट कार्यक्रम निदेशक) के बारे में दिखाया गया है. जगन शक्ति द्वारा निर्देशित फिल्म में अक्षय कुमार, विद्या बालन, तापसी पन्नू, नित्या मेनन, कीर्ति कुल्हारी, शरमन जोशी, एचजी दत्तात्रेय और सोनाक्षी सिन्हा जैसे कलाकार अहम किरदारों में हैं.

2. फिल्म- परमाणु: दी स्टोरी ऑफ पोखरण

रिलीज डेट- 25 मई, 2018

कहां देख सकते हैं- नेटफ्लिक्स

वैज्ञानिक की कहानी- एपीजे अब्दुल कलाम आजाद और राजगोपाल चिदंबरम

डायरेक्टर अभिषेक शर्मा की फिल्म 'परमाणु: द स्टोरी ऑफ पोखरण' साल 1998 पोखरण परमाणु परीक्षण पर बनी है. फिल्म सच्ची घटना पर आधारित है, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे यूएस द्वारा सेटेलाइट के माध्यम से नजर रखने के बावजूद इंडियन साइंटिस्ट परमाणु परीक्षण को सफलतापूर्वक अंजाम देते हैं. जेए एंटरटेनमेंट, जी स्टूडियो, केवायटीए प्रोडक्शन के बैनर तले बनी इस फिल्म में जॉन अब्राहम, डायना पेंटी, बोमन ईरानी, अनुजा साठे लीड रोल में हैं. फिल्म को वास्तविकता के नजदीक दर्शाने के लिए रियल फुटेज का भी यूज किया गया है. इसमें अटल बिहारी वाजपेयी और एपीजे अब्दुल कलाम के भाषण भी शामिल हैं. पोखरण में हुए इस परमाणु परीक्षण का नेतृत्व तत्कालीन डीआरडीओ प्रमुख डॉ एपीजे अब्दुल कलाम और परमाणु ऊर्जा के प्रमुख राजगोपाल चिदंबरम ने किया था.

3. फिल्म- द थियोरी ऑफ एवरीथिंग

रिलीज डेट- 7 नवंबर, 2014

कहां देख सकते हैं- अमेजन प्राइम वीडियो

वैज्ञानिक की कहानी- नोबेल पुरस्कार से सम्मानित महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग

महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग ने ब्लैक होल और बिग बैंग सिद्धांत को समझने में अहम योगदान निभाया था. उन्हें तकरीबन 12 डिग्रियां प्राप्त थीं और अमेरिका का सबसे उच्च नागरिक का दर्जा भी प्राप्त था. उनकी जिंदगी, थ्योरी और किताबों पर बहुत सी फिल्में बन चुकी हैं. पर उनकी लिखी एक किताब 'द थियोरी ऑफ एवरीथिंग' पर भी एक फिल्म बनी है, जो इसी नाम से है. हॉलिवुड के मशहूर फिल्म निर्देशक जेम्स मार्श ने इस किताब पर फिल्म बनाई थी. फिल्म में स्टीफन की जिंदगी के हर एक पहलू को बहुत ही खूबसूरती के साथ दिखाया गया है. यह फिल्म टोरंटो इंटरनैशनल फिल्म फेस्टीवल में 7 सितंबर 2014 को रिलीज हुई, जबकि यूनाइटेड किंगडम में फिल्म को 1 जनवरी 2015 को रिलीज किया गया. इस फिल्म को 87वें अकेडमी अवॉर्ड में 5 नोमिनेशन मिले थे. एक्टर एडी रेडमायने ने स्टीफन का रोल किया है.

4. फिल्म- द मैन हू न्यू इनफिनिटी

रिलीज डेट- 17 सितंबर, 2015

कहां देख सकते हैं- अमेजन प्राइम वीडियो

वैज्ञानिक की कहानी- गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन

भारतीय गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन पर आधारित ब्रिटिश बायोपिक फिल्म 'द मैन हू न्यू इनफिनिटी' का निर्देशन मैथ्यू ब्राउन ने किया है. यह फिल्म रॉबर्ट कनिगेल की किताब पर आधारित है, जो इसी नाम पर है. फिल्म में 'स्लम डॉग मिलिनेयर' फेम एक्टर देव पटेल रामानुजन के रोल में हैं. वहीं, प्रफेसर जी. एच. हार्डी का रोल जेरेमी आयरंस ने किया है. पटेल ने मैथ्स की बेहद मुश्किल इक्वेशन को समझने के लिए प्रोफेसर केन ओनो से मदद ली थी. मद्रास के इरोड के रहने वाले रामानुजन गणित पर लिखे अपने एक लेख की वजह से कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के प्रफेसर जी.एच. हार्डी से मिल पाए थे. उन्होंने ही रामानुजन को इंग्लैंड बुलाया. यहां ट्रिनिटी कॉलेज में स्टडी शुरू कराई थी. गणित को लेकर किए गए उनके विश्लेषण ने दुनियाभर में हलचल मचा दी. उनके जीवन के इसी ताने बाने को फिल्म में बुना गया है.

5. फिल्म- राइज ऑफ द प्लैनेट ऑफ द एप्स

रिलीज डेट- 5 अगस्त, 2011

कहां देख सकते हैं- डिज्नी प्लस हॉटस्टार

अमेरिकी साइंस फिक्शन एक्शन थ्रिलर फिल्म 'राइज ऑफ द प्लैनेट ऑफ द एप्स' का निर्देशन रूपर्ट वायट ने किया है. इसमें एंडी सर्किस, जेम्स फ्रेंको, फ्रीडा पिंटो, जॉन लिथगो, ब्रायन कॉक्स, टॉम फेल्टन, और डेविड ओयेलोवो जैसे हॉलीवुड के कलाकार अहम रोल में हैं. इस फिल्म में किस प्रकार शोध और अविष्कार की ललक प्रकृति के नियमों से खिलवाड़ कर सकती है, उसके बारे में दिखाया गया है. अलजाइमर की एक दवा की खोज के दौरान वैज्ञानिकों द्वारा बंदरों पर परीक्षण किया जाता है. इसका गलत असर होने से बंदरों की बुद्धि अप्रत्याशित रूप से बढ़ जाती है. इसके बाद जो तांडव होता है, उसे फिल्म में दिखाया गया है. इस फिल्म के जरिए ये समझा जा सकता है कि विज्ञान जितना इंसानों की मदद करता है, उतना ही ज्यादा प्रकृति का नुकसान करता है. एक गलती का भयानक परिणाम हो सकता है.

इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं. ये जरूरी नहीं कि आईचौक.इन या इंडिया टुडे ग्रुप उनसे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है.

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