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'पृथ्वीराज' से 'गंगूबाई' तक, जिंदगी की सच्ची दास्तां को रूपहले पर्दे पर पेश करेंगी ये 5 फिल्में

    • मुकेश कुमार गजेंद्र
    • Updated: 01 जनवरी, 2022 02:22 PM
  • 01 जनवरी, 2022 02:22 PM
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Hindi Movies Based on True Stories: बॉलीवुड सुपरस्टार अक्षय कुमार की फिल्म 'पृथ्वीराज' पर बवाल शुरू हो गया है. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और व्यक्ति पर आधारित सच्ची कहानियों पर बनने वाली फिल्मों के साथ अक्सर ऐसा होता है. आइए जानते हैं कि साल 2022 में ऐसी कौन सी फिल्में रिलीज हो रही हैं.

हिंदुस्तान का गौरवशाली और रोचक इतिहास फिल्म इंडस्ट्री को हमेशा लुभाता रहा है. इसकी सबसे बड़ी वजह ऐतिहासिक तथ्यों, विषयों और व्यक्ति विशेष पर बनने वाली फिल्मों की सफलता है. इसी तरह राजनीति, खेल और अपराध जगत से जुड़े चर्चित व्यक्तियों पर बनने वाली फिल्में भी बॉक्स ऑफिस पर बेहतर कारोबार करती रही हैं. टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की बायोपिक 'एमएस धोनी' से लेकर झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की जीवन गाथा पर आधारित फिल्म 'मणिकर्णिका' तक, की कमाई पर नजर डालेंगे तो समझ में आ जाएगा कि जिंदगी की सच्ची दास्तान पर आधारित फिल्मों को दर्शक कितना पसंद करते हैं. ऐसी ही एक फिल्म 'पृथ्वीराज' अगले साल जनवरी में रिलीज होने वाली है, जो हिंदुस्तान के अंतिम हिंदू सम्राट पृथ्वीराज चौहान की जिंदगी पर आधारित है.

यशराज फिल्म्स के बैनर तले बन रही फिल्म 'पृथ्वीराज' में बॉलीवुड के सुपरस्टार अक्षय कुमार महान योद्धा पृथ्वीराज चौहान का किरदार कर रहे हैं. उनके साथ संजय दत्त, मानुषी छिल्लर, सोनू सूद, आशुतोष राणा और साक्षी तंवर भी मुख्य भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं. इस फिल्म का डायरेक्शन डॉक्टर चंद्र प्रकाश द्विवेदी ने किया है. फिल्म 21 जनवरी 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है, लेकिन इससे पहले ही राजस्थान में बवाल शुरू हो गया है. राजस्थान के गुर्जर समाज ने फिल्म की स्क्रीनिंग रोकने की धमकी दी है. उनका कहना है कि यदि पृथ्वीराज चौहान के लिए 'राजपूत' शब्द का उपयोग किया जाता रहेगा तो वह फिल्म रिलीज नहीं होने देंगे. उनका दावा है कि पृथ्वीराज चौहान गुर्जर जाति के थे, राजपूत नहीं. दूसरी ओर राजपूतों ने गुर्जरों के दावे को खारिज कर दिया है.

21 जनवरी 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज को तैयार फिल्म 'पृथ्वीराज' को अभी कोरोना से भी लड़ना...

हिंदुस्तान का गौरवशाली और रोचक इतिहास फिल्म इंडस्ट्री को हमेशा लुभाता रहा है. इसकी सबसे बड़ी वजह ऐतिहासिक तथ्यों, विषयों और व्यक्ति विशेष पर बनने वाली फिल्मों की सफलता है. इसी तरह राजनीति, खेल और अपराध जगत से जुड़े चर्चित व्यक्तियों पर बनने वाली फिल्में भी बॉक्स ऑफिस पर बेहतर कारोबार करती रही हैं. टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की बायोपिक 'एमएस धोनी' से लेकर झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की जीवन गाथा पर आधारित फिल्म 'मणिकर्णिका' तक, की कमाई पर नजर डालेंगे तो समझ में आ जाएगा कि जिंदगी की सच्ची दास्तान पर आधारित फिल्मों को दर्शक कितना पसंद करते हैं. ऐसी ही एक फिल्म 'पृथ्वीराज' अगले साल जनवरी में रिलीज होने वाली है, जो हिंदुस्तान के अंतिम हिंदू सम्राट पृथ्वीराज चौहान की जिंदगी पर आधारित है.

यशराज फिल्म्स के बैनर तले बन रही फिल्म 'पृथ्वीराज' में बॉलीवुड के सुपरस्टार अक्षय कुमार महान योद्धा पृथ्वीराज चौहान का किरदार कर रहे हैं. उनके साथ संजय दत्त, मानुषी छिल्लर, सोनू सूद, आशुतोष राणा और साक्षी तंवर भी मुख्य भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं. इस फिल्म का डायरेक्शन डॉक्टर चंद्र प्रकाश द्विवेदी ने किया है. फिल्म 21 जनवरी 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है, लेकिन इससे पहले ही राजस्थान में बवाल शुरू हो गया है. राजस्थान के गुर्जर समाज ने फिल्म की स्क्रीनिंग रोकने की धमकी दी है. उनका कहना है कि यदि पृथ्वीराज चौहान के लिए 'राजपूत' शब्द का उपयोग किया जाता रहेगा तो वह फिल्म रिलीज नहीं होने देंगे. उनका दावा है कि पृथ्वीराज चौहान गुर्जर जाति के थे, राजपूत नहीं. दूसरी ओर राजपूतों ने गुर्जरों के दावे को खारिज कर दिया है.

21 जनवरी 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज को तैयार फिल्म 'पृथ्वीराज' को अभी कोरोना से भी लड़ना है.

यह पहली बार नहीं है कि जब किसी सच्ची घटना या किसी व्यक्ति विशेष पर बन रही फिल्म को लेकर बवाल न हुआ हो. इससे पहले दिग्गज फिल्म मेकर संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावत' और 'बाजीराव मस्तानी', आशुतोष गोवारिकर की फिल्म 'जोधा अकबर', आयुष्मान खुराना की फिल्म 'आर्टिकल 15' पर भी बवाल हो चुका है. लेकिन इस बवाल से चाहे जितना भी तनाव हुआ हो, अंतत: फिल्म मेकर्स को इसका फायदा ही हुआ है. वैसे सच कहें तो किसी ऐतिहासिक विषय या व्यक्ति पर फिल्म बनाना बहुत धैर्य और मेहनत का काम है. इसके लिए बहुत ज्यादा रिसर्च वर्क की जरूरत होती है. निर्माता-निर्देशक को हर कदम बहुत फूंक-फूंक कर रखना पड़ता है. क्या पता किस बात से किसकी भावना आहत हो जाए और फिल्म संकट में आ जाए. लेकिन बॉलीवुड ऐसी कहानियों को पेश करने में महारथ हासिल कर चुका है.

आइए नए साल में रिलीज होने वाली बॉलीवुड की उन फिल्मों पर नजर डालते हैं, जो जिंदगी की सच्ची दास्तां को रूपहले पर्दे पर पेश करने वाली हैं...

1. फिल्म- गंगूबाई काठियावाड़ी

स्टोरी- संजय लीला भंसाली के निर्देशन में तैयार हुई फिल्म गंगूबाई काठियावाड़ी मुंबई के कमाठीपुरा की माफिया क्वीन गंगूबाई की असल कहानी पर आधारित है. गंगूबाई को कम उम्र में ही कोठे पर बेच दिया गया था, जिसके बाद वो संघर्ष करके मुंबई की माफिया क्वीन बनी थीं. एक 16 साल की वो लड़की जो मुंबई के रेड लाईट एरिया में आई, लेकिन एक डॉन के घर बेखौफ घुसकर उसे राखी बांधकर भाई बना लिया. इतना ही नहीं गंगूबाई रेड लाईट एरिया में काम करने वाली महिलाओं के अधिकारों के लिए प्रधानमंत्री तक पहुंच गई थी. कहा जाता है कि कमाठीपुरा रेडलाइट एरिया में काम करने वाली हर औरत गंगूबाई की तस्वीर अपने पास रखा करती थी. हुसैन जैदी की किताब 'माफिया क्वीन्स ऑफ मुंबई' पर आधारित इस फिल्म में आलिया भट्ट ने गंगूबाई और अजय देवगन ने करीम लाला का किरदार निभाया है.

रिलीज डेट- 18 फरवरी, 2022

स्टारकास्ट- आलिया भट्ट और अजय देवगन

डायरेक्टर- संजय लीला भंसाली

2. फिल्म- पृथ्वीराज

स्टोरी- अक्षय कुमार और मानुषी छिल्लर स्टारर फिल्म 'पृथ्वीराज' की कहानी हिंदुस्तान के अंतिम हिंदू सम्राट पृथ्वीराज चौहान के राजकवि चंदबरदाई की किताब 'पृथ्वीराज रासो' पर आधारित है. इस कविता की रचना 12वीं सदी में चन्द्रबरदाई ने की थी. उन्होंने पृथ्वीराज चौहान को संबोधित करते हुए लिखा था, ''चार बांस चौबीस गज अंगुल अष्ट प्रमाण ता ऊपर सुल्तान है मत चूके चौहान!'' यहां सुल्तान यानी मोहम्मद गोरी का जिक्र किया गया है, जिसने धोखे से सम्राट को कैद कर लिया था. गोरी को 16 बार युद्ध में हराने वाले पृथ्वीराज ने उसे हर बार माफ किया था. लेकिन 17वीं बार उसने कन्नौज के राजा जयचंद की मदद से सम्राट को पराजित कर दिया था. लेकिन गोरी की कैद में रहते हुए सम्राट ने चंदरबरदाई की मदद से सिंहासन पर मौजूद सुल्तान को तीर मारकर मौत की नींद सुला दिया था.

रिलीज डेट- 21 जनवरी 2022

स्टारकास्ट- अक्षय कुमार, मानुषी छिल्लर, संजय दत्त और सोनू सूद

डायरेक्टर- चंद्र प्रकाश द्विवेदी

3. फिल्म- मैदान

स्टोरी- फिल्म 'मैदान' पूर्व फुटबॉल कोच सयैद अब्दुल रहमान की जिंदगी पर है. भारतीय फुटबॉल के स्वर्णिम काल में ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए उन्हें ही श्रेय दिया जाता है. रहीम को एक फाइटर माना जाता है. उन्होंने कैंसर से जूझते हुए भी अंतराष्ट्रीय स्तर पर टीम इंडिया को गोल्ड मेडल दिलवाया था. सैयद रहीम 1950 से 1963 तक इंडियन नैशनल फुटबॉल टीम के कोच और मैनेजर रहे थे. कहा जाता है कि जब साल 1962 में जकार्ता एशियन गेम्स खेले जा रहे थे, तब सैयद साहब कैंसर से जूझ रहे थे. भारतीय टीम का फाइनल मैच साउथ कोरिया से होना था. यह टीम बहुत मजबूत थी और भारतीय टीम के दो खिलाड़ी घायल, गोलकीपर बीमार थे. लेकिन कोच के उत्साहवर्धन की वजह से तीनों खिलाड़ी फाइनल खेलने उतरे और भारत ने मैच 2-1 से अपने नाम करते हुए गोल्ड मेडल जीत लिया.

रिलीज डेट- 3 जून 2022

स्टारकास्ट- अजय देवगन, कीर्ति सुरेश और प्रियमणि

डायरेक्टर- अमित शर्मा

4. फिल्म- शाबाश मिट्ठू

स्टोरी- फिल्म 'शाबाश मिट्ठू' की कहानी भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान मिताली राज की जिंदगी पर आधारित है. इस फिल्म में बॉलीवुड अभिनेत्री तापसी पन्नू क्रिकेटर मिताली राज के रोल में नजर आने वाली हैं. क्रिकेट में मिताली राज के नाम पर ढेरों रिकॉर्ड हैं. उनको महिला क्रिकेट टीम का सचिन तेंदूलकर कहा जाए, तो अतिश्योक्ति नहीं होगी. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 10 हजार रन बनाने वाली ये पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बचपन में बहुत आलसी थी. उनके पिता उनका आलस दूर करने के लिए स्पोर्ट्स के नजदीक लाए, लेकिन उन्हें क्या पता कि एक दिन वो क्रिकेट जैसे खेल में महिलाओं का प्रतिनिधित्व करेंगी. लेकिन मिताली ने इसे साबित किया. वह एकमात्र ऐसी क्रिकेटर हैं (पुरुष या महिला), जिन्होंने एक से अधिक आईसीसी वर्ल्ड कप फाइनल में भारतीय टीम की कप्तानी की है.

रिलीज डेट- 4 फरवरी, 2022

स्टारकास्ट- तापसी पन्नू और विजय राज

डायरेक्टर- श्रीजीत मुखर्जी

5. फिल्म- सैम बहादुर

स्टोरी- भारतीय सेना के फील्ड मार्शल सैम मानेक शॉ की जिंदगी पर आधारित फिल्म 'सैम बहादुर' में बॉलीवुड एक्टर विक्की कौशल लीड रोल में नजर आने वाले हैं. फिल्म को 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के बैकड्रॉप में तैयार किया गया है, जहां मानेक शॉ के चलते 90 हजार पाकिस्तानी सैनिकों ने हथियार डाल दिए थे. देश की आजादी के बाद अभी तक शौर्य और साहस की जितनी कहानियां सुनी और सुनाई जाती हैं, उनमें फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ की वीरगाथा सबसे अलग है. भारत के सबसे बड़े दुश्मन मुल्क पाकिस्तान की कमर तोड़कर दो हिस्सों में विभाजित कराने वाले सैम मानेकशॉ शूरता और वीरता की मिसाल थे. साल 1973 में सैम मानेकशॉ को फील्ड मार्शल की उपाधि से नवाजा गया. वह इस पद से सम्मानित होने वाले पहले भारतीय जनरल थे. साल 1972 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया था. 1973 में सेना प्रमुख के पद से रिटायर होने के बाद वे वेलिंगटन चले गए, जहां साल 2008 में उनका निधन हो गया.

रिलीज डेट- साल 2022

स्टारकास्ट- विक्की कौशल

डायरेक्टर- मेघना गुलजार

इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं. ये जरूरी नहीं कि आईचौक.इन या इंडिया टुडे ग्रुप उनसे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है.

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