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इकोनॉमी

 |  6-मिनट में पढ़ें  |   11-11-2017
श्रुति दीक्षित
श्रुति दीक्षित
  @shruti.dixit.31
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दिल्ली और मुंबई जैसे शहर में क्या कार लेना फायदेमंद है या फिर ओला, उबर, जुगनू जैसी राइड्स लेना? इसका जवाब कई लोग अलग-अलग देंगे. जब अधिकतर लोगों से ये सवाल पूछा गया तो इसका जवाब भी सरल सा था. आखिर कौन ओला/उबर में पैसे बर्बाद करे.. अपनी गाड़ी शान की सवारी होती है. न सर्ज प्राइसिंग और न ही कोई चिंता. बिलकुल सही.. अपनी गाड़ी तो शान की सवारी होती ही है, लेकिन क्या वाकई ओला/उबर में पैसे बर्बाद होते हैं.

कार, मारुति, टाटा, फोर्ड, सुरक्षा, एक्सिडेंट

यहां सिर्फ ओला/ऊबर या किसी अन्य टैक्सी सर्विस की बात नहीं हो रही बल्कि नॉर्मल ऑटो सर्विस और रिक्शे को भी देखा जा रहा है. किसी जगह जाने के लिए कितनी किफायती हो सकती है अपनी कार और कितनी महंगी या सस्ती हो सकती है कोई टैक्सी सर्विस...

पहले करते हैं कार का कैलकुलेशन...

1. सबसे पहले कार खरीदनी होगी .. एक एवरेज कार 3.50 लाख से 6 लाख के बीच आएगी. चलिए अपनी कार की कीमत लेते हैं 4 लाख... आसानी से आने वाली.

2. 5 साल बाद इसकी कीमत 75000 से 1 लाख.

3. कितने दिन इस्तेमाल किया... 1825 दिन

4. हमने कितनी कीमत वसूली 5 साल में वो होगी 3 लाख.. 165 रुपए प्रति दिन लगभग

5. कार की इंश्योरेंस 12000 एक साल के लिए मतलब 60,000 अगले 5 साल के लिए.. यानि 33 रुपए प्रति दिन

6. कार के लिए टैक्स और बाकी खर्च.. 24000 प्रति साल... तो 5 साल में ये हुआ 1 लाख 20 हजार. यानि 66 रुपए प्रति दिन

7. एक दिन का पेट्रोल कम से कम 100 रुपए मान लिया यानि 5 साल में 1,82,500 रुपए. पेट्रोल हालांकि, इससे ज्यादा ही लगेगा, लेकिन फिर भी मान लिया कार कम इस्तेमाल होती है और इसे ले लिया.

8. हर 2.5 साल में कार की बैटरी और टायर बदलवाने को देखा जाए तो 25000 रुपए लगभग एक बार में लगता है... यानि 5 साल के 50000 रुपए. यानि 27-30 रुपए प्रति दिन के हिसाब से खर्च.

9. सालाना मेंटेनेंस को देखें तो लगभग 10000 मान लेते हैं. यानि 27-30 रुपए प्रति दिन का मेंटेनेंस.

10. अब अगर कार लोन पर ली है तो उसका इंट्रेस्ट मान लीजिए सबसे सस्ता है तो भी 9 से 9.25 यानि 4 लाख का 9% जो साल भर का 37000 रुपए हुआ यानि दिन का 102 रुपए के बीच. (पहले साल.. फिर रकम कम होने के साथ इंट्रेस्ट का अमाउंट भी कम होगा)

11. अब इसमें पार्किंग, टोल और बाकी चार्ज मिला लीजिए... जो गिरी से गिरी हालत में 50000 रुपए के आस-पास हो ही जाएंगे साल भर के.. तो दिन का 27-30 रुपए के आस-पास.

12. कार खरीदने के बाद कुल खर्च....

कार, मारुति, टाटा, फोर्ड, सुरक्षा, एक्सिडेंट

30+30+30+100+66+33+165 = 454 रुपए (इसमें इंट्रेस्ट नहीं मिलाया गया है)

इसमें टोल और पेट्रोल का खर्च इस्तेमाल के हिसाब से बढ़ जाएगा. इस गणित में अभी भी एक अहम खर्च जुड़ना बाकी है और वो है मासिक लोन की किश्त का... हमने अभी सिर्फ इंट्रेस्ट रेट जोड़ा है. मान लीजिए लोन 5 साल का है और किश्त इंट्रेस्ट मिलाकर 8916 रुपए है. यानि दिन का 325 रुपए.

(कैसे आया ये आंकड़ा?)

4 लाख का लोन लिया. सालाना इंट्रेस्ट 37000 रुपए. पहले साल चुकाई गई मूल रकम में से एक्स्ट्रा दिए गए पैसे घटा दिए जाएंगे ... उदाहरण के तौर पर साल भर में 1 लाख 20 हजार (इंट्रेस्ट के साथ) पैसे चुकाए हैं तो. साल भर में 83000 चुका दिए. अब 4 लाख में से 83000 घटा दिए जाएंगे और अगले साल इंट्रेस्ट 3 लाख 17 हजार रुपए पर लगेगा. तो इस हिसाब से सालाना इंट्रेस्ट में लगभग 5 से 7 हजार कम हो जाएंगे. यानी कुल 5 साल का इंट्रेस्ट

37000+32000+27000+22000+17000 = 135000 रुपए कार के लिए ज्यादा देने होंगे.

कुल लोन हो जाएगा 535000 यानि 107000 रुपए सालाना.. 8917 रुपए मासिक और 298 रुपए दिन के...

454+298= 752 रुपए प्रति दिन कार का खर्च...

ये तो एवरेज कॉस्ट हुई और इससे काफी ज्यादा पेट्रोल और टोल जैसे खर्च में लग जाता है. हालांकि, ये पूरी तरह से उस इंसान पर निर्भर करता है जो कार चला रहा है.

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अब किसी भी टैक्सी या ऑटो का खर्च देखते हैं...

अगर कोई बस, मेट्रो या लोकल से सफर करना पसंद नहीं करता तो भी...

1. ऑटो...

अगर ऑटो का इस्तेमाल सिर्फ काम पर जाने और आने के लिए करते हैं और मसलन घर थोड़ा दूर है तो भी 150-200 रुपए एक साइड से ज्यादा के लिए ऑटो का इस्तेमाल नहीं होगा. यानि 400 रुपए प्रति दिन अब अगर पास में कहीं घूमने गए तो 200 और जोड़ लीजिए यानि 600 रुपए प्रति दिन जो कार के मुकाबले सस्ता है.

2. साइकल रिक्शा...

अगर घर पास है और रिक्शा से जा रहे हैं तो मान लीजिए 50 रुपए एक तरफ से (यकीन मानिए ये भी काफी दूर होगा) दिन का 100 रुपए और अगर कहीं घूमने जाते हैं तो भी 100 रुपए ही मान लीजिए तो दिन का 200 रुपए.

3. ओला/उबर...

मान लीजिए घर ज्यादा दूर है और रिक्शा और ऑटो कोई ऑप्शन नहीं है तो घर से लेकर ऑफिस तक सिर्फ उबर या ओला करके जाना है तो?

ट्रैवल मान लीजिए 20 किलोमीटर का है (कार के लिए हमने पेट्रोल कम लिया था 20 किलोमीटर के हिसाब से दिन का 40 किलोमीटर होगा और पेट्रोल कॉस्ट अपने आप 100 रुपए से 300 रुपए हो जाएगी.) समय आने-जाने का लगता है 40 मिनट.

कार, मारुति, टाटा, फोर्ड, सुरक्षा, एक्सिडेंट

ऊबर...

- बेस प्राइज 40 रुपए, प्रति मिनट 1 रुपए और प्रति किलोमीटर 8 रुपए

- अगर चले तो दो तरफ का किराया 80 रुपए + दो तरफ का समय मिलाकर भी हुआ 80 रुपए और 8 रुपए प्रति किलोमीटर सिर्फ 6 किलोमीटर के किराए पर लगेगा (15 किलोमीटर के बाद ये प्राइस आता है). यानि कुल हुआ 48 रुपए.

- बिल पूरे दिन का... 208 रुपए.. अगर इसकी जगह घर दूर है तो पूरे दिन का बिल भी उस हिसाब से बढ़ेगा. इसमे ऑफिस टाइम का सर्ज प्राइस मिला दिया जाए तो 1.8X या 2.5X के हिसाब से कीमत बढ़ेगी यानि अगर 10 रुपए देते हैं तो 18 या 25 रुपए देने होंगे. इस हिसाब से देखें तो 160 रुपए एक साइड से है उसकी जगह 28.8 रुपए ज्यादा देने होंगे. इसके बाद भी कुल चार्ज आएगा 266 रुपए.

ओला मिनी...

- बेस प्राइज 100 रुपए, प्रति मिनट 1 रुपए और प्रति किलोमीटर 8 रुपए. यानि कुल खर्च होगा 200+80+48.. 328 रुपए. सर्ज प्राइस में 384 रुपए प्रति दिन...

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इतनी सारी गणित का सिर्फ एक ही नतीजा है कि किस मोड ऑफ ट्रांसपोर्ट में फायदा होता है. भले ही अपनी कार महंगी दिख रही है, लेकिन अगर किसी का घर 50-80 किलोमीटर दूर है जैसे गुड़गांव में ऑफिस और नोएडा या साउथ दिल्ली में घर. तो उस समय कार सस्ती पड़ेगी क्योंकि 15 किलोमीटर के बाद प्रति किलोमीटर का खर्च बढ़ता जाएगा और पेट्रोल ज्यादा करने के बाद भी अपनी खुद की कार का खर्च कम होगा.

अगर शहर के बाहर जाना है तो भी अपनी कार किफायती रहेगी. पर अगर कम दूरी है तो अपनी कार में पैसा लगाने से ज्यादा बेहतर इस तरह के पब्लिक ट्रांसपोर्ट रहेंगे. इसके अलावा, अगर दिन में एक से ज्यादा बार बाहर निकलना है तो अपनी गाड़ी बेहतर रहेगी.

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लेखक

श्रुति दीक्षित श्रुति दीक्षित @shruti.dixit.31

लेखक इंडिया टुडे डिजिटल में पत्रकार हैं.

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