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Updated: 29 अप्रिल, 2020 08:34 PM
बिलाल एम जाफ़री
बिलाल एम जाफ़री
  @bilal.jafri.7
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कोरोना वायरस (Coronavirus) को लेकर पूरा देश गफलत में है. बिमारी अपने पैर और न पसारे इसलिए सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) को बल देते हुए लॉकडाउन (Lockdown) किया गया है. लॉक डाउन की अवधि 3 मई को समाप्त हो रही है मगर जिस तेजी के साथ बीमारों की संख्या बढ़ रही है और मौत का ग्राफ (Coronavirus deaths in India) ऊपर जा रहा है माना यही जा रहा है सरकार लॉक डाउन में ढील नहीं देगी और लोग अभी कुछ दिन और अपने अपने घरों में रहेंगे. कोरोना वायरस का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था (Economy) पर पड़ा है और जैसे हालात बने हैं वो सरकार और जनता को विचलित करने वाले हैं. जनता का हाल हमें पता है मगर इस लॉक डाउन ने सरकार की उलझन कैसे बढ़ाई है यदि इस बात को समझना हो तो हम श्रम मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले EPFO का रुख कर सकते हैं. EPFO से गुजरे महीने के दौरान 8.2 लाख लोगों ने तकरीबन 3,245 करोड़ रुपए निकाल कर सरकार को सकते में डाल दिया है.

Lockdown, Economy, PM Modi, EPFOईपीएफओ से जिस तरह देश की एक बड़ी आबादी ने अपना पैसा निकाला है वो कई मायनों में विचलित करता है

EPFO से आई इस ख़बर के बाद इतना तो तय हो गया है कि भारतीय डरे हुए हैं और उनके इस डर का खामियाजा प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से देश की सरकार को भुगतना पड़ रहा है. गुजरे एक महीने के दौरान जिस हिसाब से लोगों ने अपने अपने खातों से पैसे निकाले हैं ये इस बात की भी तस्दीख कर देता है कि शायद लोग जल्दबाजी में हैं और उनका अपनी सरकार के प्रति भरोसा कम हुआ है.

ध्यान रहे कि लॉक डाउन के इस दौर में इस जानलेवा बीमारी से निपटने और लोगों की ज़रूरत को ध्यान में रखते हुए EPFO ने पीएफ से पैसे निकालने की विशेष सुविधा दी है. सरकार द्वारा दी गयी इस सुविधा का फायदा लोगों ने भी उठाया है और इस क्रम में तकरीबन 8 लाख लोग अपने पीएफ से पैसा निकाल चुके हैं.

मामले पर श्रम मंत्रालय ने कुछ आंकड़े पेश लिए हैं. यदि इन आंकड़ों पर नजर डालें तो मिलता है कि लॉक डाउन के दौरान 8 लाख से ऊपर लोगों ने EPFO और निजी पीएफ ट्रस्टों से 3, 245 करोड़ रुपए की निकासी सिर्फ एक महीने में की है. ध्यान रहे कि लोगों को हो रही परेशानियों के मद्देनजर EPFO ने गुजरे महीने की 28 तारीख को संगठित क्षेत्रों के श्रमिकों को अपने पीएफ एकाउंट से नॉन रिफेंडबल एडवांस निकालने की अनुमति दी थी.

बताते चलें कि लेबर मिनिस्ट्री की ओर से जारी हुए बयान में इस बात का जिक्र किया गया है कि, ''केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाले EPFO ने कुल 12.91 लाख क्लेम का निपटारा किया है. जिसमें प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (PMGKY) पैकेज के तहत 7.40 लाख कोविड-19 क्लेम भी शामिल हैं. EPFO ने अब तक कोविड-19 से जुड़े 2,368 करोड़ रुपये के दावों का निपटान किया है. ध्यान रहे कि पैसों की ये निकासी पूरी तरह से ऑनलाइन है जिससे जरूरतमंदों को एक बड़ी राहत मिल रही है.

गौरतलब है कि PMGKY स्कीम के तहत कोविड-19 से लड़ाई के लिए लागू किये गए लॉकडाउन के दौरान वेतनभोगी तबके के लिए EPF स्कीम से निकासी का प्रावधान किया गया था. इस प्रावधान के तहत पीएफ सब्सक्राइबर्स तीन माह का वेतन और महंगाई भत्ता या पीएफ अकाउंट में मेंबर के अंशदान में जमा राशि में जो भी कम हो, उसकी निकासी कर सकते हैं. साथ ही सरकार की तरफ से ये भी कहा गया था कि यदि आपने ये राशि पीएफ खातों में से निकाली है तो इसपर आपको इनकम टैक्स भी नहीं देना होगा.

बहरहाल जिस हिसाब से लोग धड़ल्ले से अपने पीएफ खातों का इस्तेमाल कर रहे हैं और जैसे इसमें निकासी हो रही है साफ़ तौर पर नुक्सान सरकार का हो रहा है. भले ही ये पैसा जनता का हो मगर जिस तरह जनता ने जल्दबाजी का परिचय दिया और एक एक मुश्त में पैसे निकाले कई सवालों के जवाब खुद बी खुद मिल गए हैं.

ये अपने आप में दुर्भाग्यपूर्ण है कि लोगों के इस बर्ताव ने इतना तो साफ़ कर ही दिया है कि हम कोरोना वायरस के रूप में एक महामारी के खिलाफ एकजुट होकर नहीं बल्कि अलग अलग होकर लड़ाई लड़ रहे हैं. अब जब हालात ऐसे जटिल और लोगों का रवैया ऐसा हो हम शायद ही कभी कोरोना को परास्त कर पाएं.

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Coronavirus, Lockdown, EPFO

लेखक

बिलाल एम जाफ़री बिलाल एम जाफ़री @bilal.jafri.7

लेखक इंडिया टुडे डिजिटल में पत्रकार हैं.

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