New

होम -> सिनेमा

 |  4-मिनट में पढ़ें  |  
Updated: 02 जनवरी, 2023 04:51 PM
मुकेश कुमार गजेंद्र
मुकेश कुमार गजेंद्र
  @mukesh.k.gajendra
  • Total Shares

'द कश्मीर फाइल्स' की अप्रत्याशित सफलता से उत्साहित फिल्म के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री अपनी नई फिल्म 'द वैक्सीन वॉर' की शूटिंग में जुट गए हैं. उनकी फिल्म की शूटिंग उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हो रही है. शूटिंग के दौरान इस बात का खुलासा हुआ है कि इस फिल्म में अभिनेता नाना पाटेकर लीड रोल कर रहे हैं. उनके साथ पल्लवी जोशी, दिव्या सेठ और गोपाल सिंह जैसे सितारे भी अहम भूमिका में हैं. फिल्म में नाना का होना उसकी सफलता की संभावना को बढ़ाता है, लेकिन एक बात हैरान कर रही है कि विवेक अग्निहोत्री और नाना पाटेकर एक साथ काम करने के लिए तैयार कैसे हो गए हैं. क्योंकि दोनों के स्वभाव के बारे में हर कोई जानता है. नाना तुनकमिजाज हैं, तो विवेक का स्वभाव थोड़ा उग्र है. ऐसे में शूटिंग के दौरान एक्टर और डायरेक्टर के बीच कैसा सामंजस्य रहने वाला है, ये देखना दिलचस्प होगा. इसी से फिल्म का भविष्य तय होने वाला है.

इसमें कोई दो राय नहीं है कि नाना पाटेकर एक अद्भुत अभिनेता हैं. वो जिस तरह से अपने किरदारों में उतर जाते हैं, वैसा बहुत कम कलाकार कर पाते हैं. लेकिन उनका स्वभाव बहुत कड़क है. वो शूटिंग के वक्त सेट पर ज्यादातर चुप रहते हैं. लेकिन यदि कोई बात बुरी लग गई तो बहुत जल्दी नाराज भी हो जाते हैं. लोग उनको तुनक मिजाज भी कहते हैं. उनकी फिल्मों को डायरेक्टर उनसे डरे हुए रहते हैं. इतना ही नहीं नाना कई बार फिल्मों में बदलाव अपने हिसाब से भी करवाते हैं. यदि कोई फिल्म मेकर उनकी बात मानने से इंकार करता है, तो वो फिल्म बीच में छोड़कर चले जाते हैं. उनका कहना है कि वो फिल्म पैसे के लिए नहीं अपनी कला के प्रदर्शन के लिए करते हैं. इधर विवेक अग्निहोत्री का स्वभाव भी थो़ड़ा उग्र है. वो जिस तरह से किसी बात प्रतिक्रिया देते हैं, उससे साफ समझ आता है कि वो किसी की बातों में आने वाले नहीं है. अपनी फिल्म अपने हिसाब से बनाते हैं.

nana_650_123122080618.jpgफिल्म 'द वैक्सीन वॉर' में नाना पाटेकर लीड रोल में नजर आएंगे.

इसके अलावा दोनों के बीच वैचारिक मतभेद भी है. विवेक अग्निहोत्री दक्षिणपंथी विचारधारा के पोषक हैं, तो नाना पाटेकर खुद को सेक्युलर कहलाना पसंद करते हैं. ज्यादा दिन नहीं हुए, विवेक की फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' की रिलीज के बाद सड़के से लेकर सोशल मीडिया तक लोग दो धड़ों में बंद गए थे. कुछ लोग फिल्म की तारीफ कर रहे थे, तो कुछ लोग इसकी बुराई करते हुए इस मुस्लिमों के खिलाफ प्रोपेगेंडा फिल्म बता रहे थे. इस फिल्म की आलोचना करते हुए नाना ने विवेक को आड़े हाथों लिया और कहा था, ''भारत के हिंदू और मुसलमान यहीं के रहने वाले हैं. दोनों ही कौम के लिए अमन और शांति से रहना जरूरी है. दोनों समुदायों को एक-दूसरे की जरूरत है. समाज में दोनों ही एक-दूसरे के बगैर रह नहीं सकते. ऐसे में किसी एक फिल्म के कारण विवाद खड़ा करना ठीक नहीं है. जब सभी लोग अमन-शांति से रह रहे हैं, तब ऐसे बखेड़ा खड़ा करना ठीक नहीं है. जो ऐसा कर रहे हैं उनसे जवाब मांगना चाहिए. फिल्म देखने के बाद समाज के दो टुकड़े हो जाएंगे, समाज में इस तरह दरार डालना ठीक नहीं है. ऐसी फिल्में बनाना बंद कर देना चाहिए.''

अब बताइए, विवेक अग्निहोत्री, उनकी सोच और उनकी फिल्मों के बारे में ऐसी राय रखने वाले नाना पाटेकर कैसे उनकी फिल्म पूरी कर पाएंगे. यदि फिल्म की जरूरत देखते हुए विवेक ने अपने स्वभाव से समझौता कर लिया, तब तो ठीक है, वरना नाना से ऐसी उम्मीद करना बेमानी है. वो अपने उसूलों के पक्के हैं. वो चाहते हैं, वहीं करते हैं. हालांकि, नाना को सार्वजनिक जीवन में एक साधारण और दानवीर शख्स के रूप में देखा जाता है. वो अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा किसानों को दान कर देते हैं. यही नहीं वो सादा जीवन उच्च विचार रखने में विश्वास करते हैं. उनको ज्यादातर समय एक ही कुर्ता और पैंट में देखा गया है. इसके बावजूद मीटू मूवमेंट के दौरान अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने जब उनके खिलाफ यौन शोषण और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था, तब हर कोई हैरान रह गया था. उस वक्त इंडस्ट्री के लोगों ने भी कहा था कि वो गुस्सैल है, लेकिन गलत शख्स नहीं हैं.

फिल्म 'वैक्सीन वॉर' की कहानी सच्ची घटनाओं पर आधारित है, जो कोरोना के समय घटी थीं. कोरोना महामारी के दौरान जिंदगी की जद्दोजहद और वैक्सीन के निर्माण के बाद की स्थितियों पर इस फिल्म में प्रकाश डाला जाएगा. इसके साथ ही उन लोगों की कहानी भी दिखाई जाएगी, जिन्होंने दुनिया में सबसे प्रभावी टीका विकसित करने के लिए दो साल से अधिक समय तक दिन और रात मेहनत किया था. इस फिल्म को हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, बांग्ला, मराठी, कन्नड़, तमिल, तेलुगू, मलयालम, पंजाबी और भोजपुरी में एक साथ अगले साल रिलीज किया जाएगा. अभी रिलीज डेट का ऐलान नहीं किया गया है, लेकिन आशा जताई जा रही है कि अक्टूबर से दिसंबर के बीच में फिल्म रिलीज कर दी जाएगी. इस फइल्म में नाना के साथ विवेक की पत्नी पल्लवी जोशी भी अहम किरदार में हैं. उन्होंने 'द कश्मीर फाइल्स' में बेहतरीन भूमिका निभाई थी. वो फिल्म की प्रोड्यूसर भी हैं.

लेखक

मुकेश कुमार गजेंद्र मुकेश कुमार गजेंद्र @mukesh.k.gajendra

लेखक इंडिया टुडे ग्रुप में सीनियर असिस्टेंट एडिटर हैं.

iChowk का खास कंटेंट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक करें.

आपकी राय