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Updated: 16 मार्च, 2022 08:57 PM
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भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की रहस्यमयी मौत पर नए सिरे से बहस छेड़ने वाली फिल्म 'द ताशकंद फाइल्स' बनाने वाले विवेक अग्निहोत्री एक पुराने और बहुत ही संवेदनशील मुद्दे पर आधारित फिल्म लेकर आए हैं. उनकी फिल्म फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' 90 के दशक में कश्मीर में हुए हिंदूओं के नरसंहार और कश्मीरी पंडितों के पलायन पर आधारित है. इसको लेकर पूरे देश में एक अलग माहौल देखने को मिल रहा है. सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक फिल्म के बारे में चर्चा हो रही है.

कह जा रहा है कि कश्मीरी पंडितों की दर्दनाक दास्तान को पहली बार किसी फिल्म के जरिए व्यापक शोध के बाद पेश किया गया है. इस फिल्म को लेकर लोग सेल्फ कैंपेन चला रहे हैं. आपस में फिल्म देखने के लिए अपील कर रहे हैं. इसका बॉक्स ऑफिस कलेक्शन भी हैरान कर रहा है. महज 14 करोड़ में बनी इस फिल्म ने महज तीन दिन में 28 करोड़ रुपए की कमाई कर ली है. कई राज्यों में फिल्म को टैक्स फ्री कर दिया गया है. इसके बाद फिल्म की कमाई तेजी से बढ़ने की उम्मीद है. फिल्म 150 करोड़ क्लब में शामिल हो सकती है.

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आइए जानते हैं कि बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म की सफलता के पीछे के प्रमुख कारण क्या हैं...

1. फिल्म की इमोशनल स्टोरी

हिंदुस्तान के लिए कश्मीर हमेशा भावनात्मक विषय रहा है. आजादी के बाद से ही कश्मीर के लिए भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव चल रहा है. दो बार युद्ध भी हो चुका है, लेकिन हमने कभी कश्मीर को अलग नहीं होने दिया. एक जमाना था जब कश्मीर को धरती का स्वर्ग कहा जाता था. लेकिन 90 के दशक में जब केंद्र सरकार कमजोर हुई, तो घाटी में अराजक तत्व सिर उठाने लगे. उस वक्त जनता दल की सरकार थी, जिसकी कमजोरी का फायदा उठाकर दुश्मन मुल्क पाकिस्तान के समर्थन से अलगाववादियों ने घाटी में रहने वाले हिंदुओं पर हमला बोल दिया. बड़ी संख्या में कश्मीरी पंडितों और सिखों को निशाना बनाया गया. उनका नरसंहार किया गया. लाखों की संख्या में हिंदू घाटी छोड़ने पर मजबूर हो गए. त्रासदी की इस दर्दनाक दास्तान को फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' के जरिए पेश किया गया है. कश्मीर की ये कहानी लोगों के दिल को छू गई है. इसे लोग बड़े पैमाने पर देख रहे हैं.

2. कलाकारों की परफॉर्मेंस

फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' में अनुपम खेर, मिथुन चक्रवर्ती, दर्शन कुमार, पुनीत ईस्सर, पल्लवी जोशी, चिन्मय मांडलेकर, प्रकाश बेलवाडी और अतुल श्रीवास्तव जैसे कलाकार अहम किरदारों में नजर आ रहे हैं. इसमें कृष्णा पंडित के किरदार में दर्शन कुमार, पुष्करनाथ नामक कश्मीरी पंडित के किरदार में अनुपम खेर, प्रोफेसर राधिका मेनन नाम के किरदार में पल्लवी जोशी, पुष्करनाथ के चार दोस्तों के किरदार में मिथुन चक्रवर्ती, प्रकाश बेलवाड़ी, पुनीत इस्सर और अतुल श्रीवास्तव दिखाई दे रहे हैं. सभी कलाकारों ने अपने-अपने किरदारों के लिए इतना बेहतरीन परफॉर्मेंस दिया है, जिसे देख लगता ही नहीं कि अभिनय कर रहे हैं. ऐसा लगता है कि वो अपने किरदारों को जी रहे हैं. इन सबके बीच अनुपम खेर और दर्शन कुमार अपने बेहतरीन अभिनय की वजह से तारीफ हकदार ज्यादा हैं. दोनों गजब का काम किया है. दर्शन ने तो अपनी प्रतिभा से हैरान कर दिया है. फिल्म के असली हीरो तो वहीं हैं.

3. कपिल शर्मा की कंट्रोवर्सी

सही मायने में इस फिल्म की असली चर्चा कपिल शर्मा के साथ हुई कंट्रोवर्सी के बाद से ही शुरू हुई है. इससे पहले लोग जानते थे कि ऐसी कोई फिल्म आ रही है, लेकिन जब कथित रूप से कपिल शर्मा ने अपने शो में फिल्म के प्रमोशन से इंकार कर दिया, तो लोगों ने अपना समर्थन देना शुरू कर दिया. जैसा कि पहले ही बताया गया है कि कश्मीर हिंदुस्तान के लिए भावनात्मक विषय है. ऐसे में जब लोगों को ये पता चला कि कश्मीर पर बनी फिल्म के प्रमोशन के लिए कपिल शर्मा ने इंकार कर दिया है, तो लोगों का गुस्सा भड़क उठा. लोग सोशल मीडिया पर खुद ही फिल्म को प्रमोट करने लगे. अपने दोस्तों-रिश्तेदारों से फिल्म देखने के लिए कहने लगे. इस तरह फिल्म को व्यापक प्रमोशन मिल गया है. पूरे मामले की शुरूआत तब हुई जब एक फैन ने फिल्म के डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री से कहा कि 'द कश्मीर फाइल्स' को कपिल शर्मा शो में प्रमोशन की जरूरत है. इस पर विवेक ने कहा कि वो राजा हैं हम रंक. उनका कहना था कि कपिल ने प्रमोशन से इंकार कर दिया है. हालांकि, बाद में कपिल ने सभी आरोपों का खारिज करते हुए कहा कि मामले की सच्चाई कुछ और है.

4. माउथ पब्लिसिटी

आजकल फिल्मों के प्रमोशन के लिए बजट का एक बड़ा हिस्सा रखा जाता है. कई बार तो फिल्मों के कुल बजट का 30 फीसदी केवल प्रमोशन में खर्च होता है. उदाहरण के लिए 'द कश्मीर फाइल्स' के साथ रिलीज हुई प्रभास की मेगा बजट फिल्म 'राधे श्याम' के प्रमोशन पर 25 से 30 करोड़ रुपए खर्च किेए गए हैं. फिल्म का बजट 350 करोड़ रुपए है. वहीं, फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' का कुल बजट 14 करोड़ रुपए है. ऐसे में फिल्म के प्रमोशन पर पैसे खर्च करने का सवाल ही नहीं उठता. लेकिन माउथ पब्लिसिटी से बड़ा कोई प्रमोशन नहीं होता, जो इस वक्त फिल्म के लिए लोग खुद ब खुद कर रहे हैं. लोग खुद भी फिल्म देखने सिनेमाघरों में जा रहे हैं और अपने दोस्तों-रिश्तेदारों को भी ले जा रहे हैं. फिल्म देखने के बाद सोशल मीडिया पर पॉजिटिव रिव्यू लिख रहे हैं, जिसे देखकर भी लोग फिल्म देखने के लिए प्रोत्साहित हो रहे हैं. लोगों के रिएक्शन वाले वीडियो भी खूब वायरल हो रहे हैं.

5. राष्ट्रवादी धड़े का सपोर्ट

फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' को राष्ट्रवादी धड़े का जमकर समर्थन मिल रहा है. देशभक्ति से ओतप्रोत रहने वाले लोग भी इस फिल्म को देखने के बाद दूसरों से अपील कर रहे हैं. इतना ही नहीं राष्ट्रवादी राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी की तरफ से फिल्म को पूरा समर्थन मिल रहा है. बीजेपी समर्थकों के अलावा बीजेपी शासित राज्यों में मुहीम चलाकर फिल्म देखने और दिखाने का काम किया जा रहा है. इतना नहीं कई बीजेपी शासित राज्यों जैसे गुजरात, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गोवा में फिल्म को टैक्स फ्री कर दिया गया है. इसकी वजह से भी बड़ी संख्या में लोग टिकट सस्ती होने के कारण फिल्म देखने जा रहे हैं. इस वक्त आलम ये है कि छोटे से लेकर बड़े थियेटर तक हाऊस फुल चल रहे हैं. लोगों का मानना है कि इस फिल्म में कश्मीरी पंडितों का दर्द जिस तरह से बयां किया गया है, उससे पहले ऐसा किसी भी फिल्म में देखने को नहीं मिला है.

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