होम -> सिनेमा

 |  3-मिनट में पढ़ें  |  
Updated: 18 जून, 2015 05:04 PM
  • Total Shares

सरकार ज्यादा बोले तो गाली. नहीं बोलती थी तो गाली. प्यार और नाच-गाने पर फिल्में बनती हैं तो गाली, कुछ अलग हटके बनाएं तो गाली. यही समाज है. कुछ करो तो गाली, न करो तो भी गाली. गाली कुछ ज्यादा नहीं हो गया? क्या करें, बात ही गाली पर जो करनी है.

बस में, ट्रेन में, मेट्रो में, सड़क पर... सब जगह गाली ही गाली. गली-मोहल्ले तक में गाली. मोहल्ले से याद आया. एक फिल्म आ रही है - मोहल्ला अस्सी. इसमें भी है गाली. गाली क्या साहब, गालियों की रेल है. बवाल हो गया है. लोग चर्चा कर रहे हैं. वीडियो वायरल. लेकिन क्यों? गालियों से तो भरी पड़ी है हमारी फिल्में.

मां-बहन की गाली पर समस्या नहीं है जनाब! 'मोहल्ला अस्सी' में 'भगवान शिव' खुद दे रहे हैं गाली. समस्या यहां है. भावनाएं आहत हो गई हैं. रील में गालियां हैं, अब लोग रियल में गालियां दे रहे हैं. अभी यह फिल्म आई भी नहीं है, न ही ट्रेलर लॉन्च हुआ है. सोचिए फिल्म रिलीज होगी तो क्या होगा? हालांकि जिस ढंग से फिल्म बनी है, उसके उसी रूप में रिलीज हो जाने में शक है.   

दरअसल 'मोहल्ला अस्सी' का ट्रेलर लीक हो गया है. यूट्यूब पर किसी ने पोस्ट कर दिया है. इसमें कई बोल्ड सीन्स के अलावा आपत्तिजनक डायलॉग भी हैं. एक सीन में 'भगवान शिव' भी अपने भक्त को गाली देते नजर आ रहे हैं. एक्टर सनी देओल भी गाली दे रहे हैं तो एक्ट्रेस साक्षी तंवर भी. कोई अछूता नहीं है गालियों से. यूट्यूब पर सब देख रहे हैं इसे. चर्चा भी कर रहे हैं लेकिन गालियों के साथ.      

कुछ का कहना है कि यह दुनिया भर में भगवान शिव की छवि दूषित करने की साजिश है. मौके का फायदा उठाते हुए कुछ लोग सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं कि कोई डायरेक्टर ऐसी ही फिल्म इस्लाम या किसी और धर्म पर चोट करते हुए बना सकता है क्या? दूसरे धर्म के बारे में ज्यादा जानकारी तो नहीं है, पर अपने धर्म के बारे में जानता हूं.

हिंदू धर्म में भगवान को किसी दूसरे लोक का नहीं माना गया है. सब इसी लोक के हैं. हम-आप की तरह आम इंसान. अच्छे कामों के कारण उन्हें बस दर्जा दे दिया जाता है - भगवान का. इस तरीके से भगवान शिव भी भगवान बाद में हुए, पहले वो इंसान ही हैं. गुस्सा मानवीय भावना है. हम-सबको आता है. भगवान शिव को भी आता होगा. गुस्से में गालियां निकलती हैं. भोले शंकर भी भावनाओं में बहकर गालियां देते होंगे. इसमें बुराई कहां है?

दो चीजें और स्पष्ट कर दूं. एक - संदर्भ विशेष की गालियां किसी व्यक्ति को ध्यान में रखकर नहीं दी जाती हैं. वह आपके फ्रस्टेशन को दर्शाती है बस. दूसरी - 'मोहल्ला अस्सी' एक फिल्म है. इसमें दिख रहे भगवान शिव सही में भगवान शिव नहीं हैं, बस एक कलाकार हैं. और न ही अब महाभारत सीरियल का वो जमाना रहा, जब लोग कृष्ण का किरदार निभा रहे नीतीश भारद्वाज को सही का कृष्ण भगवान समझ पैर छू प्रणाम करते थे.

यह 2015 है. सोच के दायरे को आप भी 2015 के लायक बनाएं. फिल्म देखें. शायद कुछ ऐसा हो, जो बनारस के स्याह सच को उजागर करता हो. रील में 'भगवान' गाली दे रहे हैं, देने दीजिए. कम से कम आप तो भगवान के नाम पर नहीं लड़िए, वो भी रियल में...

लेखक

चंदन कुमार चंदन कुमार @chandank.journalist

लेखक iChowk.in में पत्रकार हैं.

iChowk का खास कंटेंट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक करें.

आपकी राय