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Updated: 01 अगस्त, 2020 02:01 PM
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भारत की पहली महिला पायलट और करगिल वॉर की हीरो गुंजन सक्सेना की जिंदगी पर आधारित फ़िल्म गुंजन सक्सेना: द करगिल गर्ल का ट्रेलर रिलीज हो गया है. जान्ह्वी कपूर की लीड भूमिका वाली यह फिल्म एक लड़की के साहस, जज्बे और देश सेवा के लिए पायलट बनने की कहानी है, जो ना सिर्फ इंस्पिरेशनल, बल्कि सीख देने वाली भी है कि पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं को किस तरह अपने सपने पूरे करने के लिए संघर्ष करना पड़ता है. साथ ही जिंदगी के हर मोड़ पर उन्हें समझौता करना पड़ता है. करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शंस और जी स्टूडियो के बैनर तले बनी इस फ़िल्म को डायरेक्ट किया है शरण शर्मा ने. गुंजन सक्सेना फ़िल्म 12 जुलाई को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो रही है. गुंजन सक्सेना फ़िल्म में जान्ह्वी कपूर के साथ ही पंकज त्रिपाठी, अंगद बेदी, विनीत कुमार सिंह और मानव विज प्रमुख भूमिका में हैं. जान्हवी कपूर को रियल लाइफ हीरो गुंजन सक्सेना के रूप में देखने के लिए फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. धड़क और घोस्ट स्टोरीज के बाद जान्हवी कपूर की यह तीसरी फ़िल्म है.

गुंजन सक्सेना फिल्म का ट्रेलर एक्शन, इमोशन, पैशन और साहस से भरपूर है, जिसमें गुंजन सक्सेना के रूप में जान्हवी कपूर की मेहनत, कोशिश के साथ कुछ कर गुजरने का जज्बा दिखता है. जान्हवी कपूर के लिए यह फ़िल्म उनके करियर की सबसे अहम फिल्म मानी जा रही है, क्योंकि यह वास्तविक किरदार और वास्तविक घटनाओं पर आधारित है. भारत की पहली महिला पायलट के किरदार में ढलने के लिए जान्ह्वी ने कितनी मेहनत की है, इसकी झलक फिल्म के ट्रेलर में बखूबी दिखती है. गुंजन पायलट की जान्हवी कपूर जितनी पैशनेट है, उतनी ही इमोशनल भी, और यही इस फिल्म की जान है. जान्ह्वी कपूर की यह फ़िल्म भारत की पहली महिला पायलट के साथ ही महिलाओं की क्षमता, साहस और पुरुषों की तरह ही उनके अंदर भी देशप्रेम की भावना की कहानी है, जिसमें पुरुषों के ही समानांतर महिलाओं को खड़ा करने की कोशिश दिखती है और यह हकीकत है. महिलाएं को उनकी शारीरिक क्षमताओं के आधार पर कमतर नहीं आंका जा सकता है और महिलाएं अगर पुरुषों की तरह ही फौजी के रूप में दुश्मनों से लड़ सकती हैं तो वह प्लेन भी उड़ा सकती हैं.

गुंजन सक्सेना फ़िल्म की खास बातें

गुंजन सक्सेना: द करगिल गर्ल फ़िल्म के कुछ डायलॉग हैं- ‘अगर एयरफोर्स जॉइन करना है तो फौजी बनकर दिखाओ या घर पर जाकर बेलन चलाओ’. हमारी जिम्मेदारी है देश की रक्षा करना, महिलाओं को बराबरी का मौका देना नहीं’. ‘लड़कियां पायलट नहीं बनतीं’. ‘तुम कमजोर हो गुंजन और डिफेंस में कमजोरी के लिए कोई जगह नहीं’. ये सारे डायलॉग देख अंदाजा हो जाता है कि गुंजन सक्सेना को पायलट बनने के लिए किन-किन मुश्किलों का सामना करना पड़ा होगा और उन्होंने वो सारी मुश्किलें पार करते हुए 1999 के करगिल वॉर में अपने पुरुष साथियों के कंधे से कंधे मिलाकर दुश्मनों का मुंहतोड़ जवाब दिया. गुंजन सक्सेना फिल्म में एक लड़की का सपना है और उस सपने के आगे अवरोध बनने वाली मान्यताएं और पुरुषवादी सोच. लेकिन गुंजन सक्सेना ने हर मुश्किलों का सामना करते हुए खुद को साबित किया और आज दुनिया उन्हें भारत की पहली महिला पायलट के रूप में जानती है. गुंजन सक्सेना फ़िल्म में जान्ह्वी कपूर गुंजन के किरदार में हैं और पंकज त्रिपाठी उनके पिता की भूमिका में हैं. अंगद बेदी गुंजन के भाई का किरदार निभा रहे हैं. गुंजन के पिता और भाई आर्मी में थे. इस फिल्म में विनीत कुमार सिंह और मानव विज एयरफोर्स अधिकारी के रूप में हैं.

Janhvi Kapoor Netflix Film Gunjan Saxena Trailer गुंजन सक्सेना फिल्म की शूटिंग के एक सीन में जान्ह्वी कपूर (फोटो- इंस्टाग्राम)

गुंजन सक्सेना की कहानी क्या है?

गुंजन सक्सेना फ़िल्म की कहानी लखनऊ से शुरू होती है, जहां एक आर्मी फैमिली में पल-बढ़ रही गुंजन अपने पिता और भाई को देखकर पायटल बनने की सपना देखती है. पिता गुंजन को मोटिवेट करते हैं. गुंजन बाद में दिल्ली आती है और दिल्ली यूनिवर्सिटी में ग्रैजुएशन में एडमिशन कराती है. इसके साथ ही वह अपने मन में पायलट बनने का ख्वाब भी बुनती रहती है. बाद में वह सफदरजंग फ्लाइंग क्लब में एडमिशन लेकर प्लेन उड़ाने की ट्रेनिंग लेती है. ट्रेनिंग पूरी करने के बाद ह कई जगह अप्लाई करती है, लेकिन हर जगह रिजेक्शन हाथ लगता है. साल 1994 में गुंजन का चयन शॉर्ट सर्विस कमिशन के तहत इंडियन एयरफोर्स की महिला ट्रेनी पायलट के रूप में होता है. इसके बाद गुंजन के संघर्षों की कहानी शुरू होती है.

गुंजन सक्सेना की पहली पोस्टिंग उधमपुर (हिमाचल प्रदेश) में होती है, जहां उसे काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. एक हजार ट्रेनी पायलट में गुंजन अकेली महिला होती हैं. उनके लिए अलग बाथरूम तक की व्यवस्था नहीं होती है. उनपर साथी पायलट छींटाकशी तक करते हैं और वहां गुंजन का हौसला टूटने लगता है कि शायद उसका सपना पूरा नहीं होगा. लेकिन गुंजन हिम्मत नहीं हारती है और मेहनत के बल पर सबका मुंह बंद करा देती है. आखिर में गुंजन को साल 1999 के भारत पाकिस्तान करगिल युद्ध में मेहनत का फल मिलता है, जब उन्हें श्रीविद्या राजन के साथ चीता हेलिकॉप्टर के पायलट के रूप में नियुक्त किया जाता है. गुंजन पूरे युद्ध के दौरान भारतीय सेना के लिए रसद पानी का इंतजाम करने, दुर्गम पहाड़ी इलाको में जाकर दुश्मनों के सैन्य अड्डे का पता लगाने और युद्ध में घायल सैनिकों को बेस कैंप पहुंचाने की जिम्मेदारी पूरी शिद्दत से निभाती है और भारत की पहली महिला पायलट के रूप में अपना नाम रोशन करती है. शरण शर्मा की फ़िल्म गुंजन सक्सेना: द करगिल गर्ल इसी हौसले और जज्बे की कहानी है.

Janhvi Kapoor Netflix Film Gunjan Saxena Trailer गुंजन सक्सेना के साथ जान्ह्वी कपूर (फोटो- जान्ह्वी कपूर इंस्टाग्राम)

गुंजन सक्सेना के रोल में जान्ह्वी कितनी कारगर?

बड़े पर्दे पर गुंजन सक्सेना की भूमिका निभाना जान्ह्वी के लिए काफी चैलेंजिग था, जिसके लिए उन्हें खूब मेहनत करनी पड़ी. हालांकि गुंजन सक्सेना का ट्रेलर देखने के बाद लगता है कि जान्ह्वी के अंदर एक डर है, जिसकी वजह से उनकी बातों में वो विश्वास नहीं दिखता और वह कुछ ज्यादा इमोशनल लगती हैं. हो सकता है कि यह किरदार की डिमांड हो, क्योंकि गुंजन सक्सेना को पग-पग पर सुनने को मिलता था कि महिलाएं ठीक से कार नहीं चला सकतीं, वो प्लेन क्या उड़ाएंगी. हालांकि, ट्रेलर में जान्ह्वी प्रोमिसिंग दिखती हैं. वहीं पंकज त्रिपाठी, अंगद बेदी, विनीत कुमार सिंह और मानव विज अपनी-अपनी भूमिका में काफी प्रभावशाली दिखे हैं. इस फ़िल्म में जान्हवी के बाद किसी किरदार पर नजरें ठहरती हैं तो वह हैं पंकज त्रिपाठी. उन्हें देखकर लगता है कि दुनिया की सारी लड़कियों को पिता मिले तो उनके जैसा, तभी कोई लड़कियों को कमतर आंकने की हिम्मत नहीं करेगा. बुलबुल और रात अकेली है के बाद गुंजन सक्सेना बॉलीवुड की तीसरी मेनस्ट्रीम फ़िल्म है जो नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो रही है.

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