New

होम -> सिनेमा

 |  5-मिनट में पढ़ें  |  
Updated: 25 मार्च, 2022 11:22 AM
आईचौक
आईचौक
  @iChowk
  • Total Shares

इसी शुक्रवार आ रही एसएस राजमौली की पीरियड ड्रामा 'आरआरआर'  साल की सबसे बड़ी फिल्म है. भव्य फिल्म की भव्य रिलीज के लिए निर्माताओं ने कोई कसर बाकी नहीं रखी है. भारतीय सिनेमा के इतिहास में संभवत: आरआरआर पहली फिल्म होगी जिसके प्रमोशन में अलग-अलग भाषाई सिनेमा के नामचीन सितारे शामिल हुए. ऐसे सितारे जो राजमौली के ऐतिहासिक प्रोजेक्ट का हिस्सा भी नहीं हैं. सलमान खान और आमिर खान ने आरआरआर की स्टारकास्ट के साथ फिल्म को प्रमोट किया. आरआरआर को 300 से 400 करोड़ के भारी-भरकम बजट में बनाने की रिपोर्ट्स आ चुकी हैं.

फिल्म के सभी पहलुओं को बेहतरीन बनाने के लिए मेकिंग से प्रमोशन तक पानी की तरह पैसा बहाया गया है. यह फिल्म हिंदी, तेलुगु, मलयालय, कन्नड़ और तमिल में रिलीज की जा रही है. आरआरआर बॉक्स ऑफिस के लिए कितनी बड़ी फिल्म है इसका अंदाजा सिर्फ इसी से लगा सकते हैं चेन्नई से लेकर दिल्ली तक और कोलकाता से लेकर मुंबई तक लगभग सभी बड़े निर्माता आरआरआर के साथ टिकट खिड़की पर किसी क्लैश से बचते नजर आए हैं. आरआरआर सेंसर से पास हो चुकी है और इसका रनटाइम तीन घंटे से कुछ ज्यादा है.

rrr bahubaliआरआरआर

भव्य फिल्म का प्रीमियर भी भव्य हो रहा है. इसे दुनियाभर में करीब 8000 हजार से ज्यादा स्क्रीन्स पर शोकेस करने की तैयारी है. महामारी के बाद राजमौली का काम दर्शकों की कसौटी पर होगा. 'आंध्रा बॉक्स ऑफिस' के मुताबिक़ सिनेमाघरों में रिलीज से पहले फिल्म की बिजनेस वैल्यू करीब 520 करोड़ रुपये के आसपास है. इसमें से निजाम और समूचे आंध्रप्रदेश को मिलाकर फिल्म की कुल वैल्यू करीब 226.5 करोड़ है. इसके बाद सबसे ज्यादा वैल्यू शेष भारत जिसमें कोई दक्षिणी क्षेत्र शामिल नहीं है. इसमें भी अकेले हिंदी पट्टी में फिल्म की वैल्यू सबसे ज्यादा है. प्री रिलीज वैल्यू का मतलब है कि संबंधित क्षेत्र में रिलीज से पहले निर्माताओं ने फिल्म कितने में बेची है. (नीचे आंध्रा बॉक्स ऑफिस के ट्वीट में इसे बेहतर समझ सकते हैं.) 

सुपरहिट बनने के लिए RRR को कितना कमाना जरूरी

एसएस राजमौली की अब तक लगभग सभी फिल्मों ने रिकॉर्डतोड़ कमाई की है. हालांकि बाहुबली के दोनों हिस्से राजमौली की इकलौती फिल्म के रूप में नजर आते हैं, जिसने दुनियाभर में कमाई का परचम लहराया. अब आरआरआर कसौटी पर है. जबकि इससे पहले राजमौली की फ़िल्में तेलुगु बॉक्स ऑफिस के लिए रिलीज हुई हैं. पैनइंडिया आ रही आरआरआर को ब्लॉकबस्टर बनने के लिए कम से कम 780 करोड़ से ज्यादा का लाइफटाइम कलेक्शन निकालना होगा. फिल्म इससे नीचे यानी करीब 625 करोड़ तक कमाती है तो सुपरहिट, इससे भी नीचे 520 करोड़ तक कमाती है तो हिट और 520 करोड़ से नीचे कमाने की स्थिति में औसत मानी जाएगी. यहां तक कि 350 करोड़ की कमाई करके भी यह फिल्म औसत मानी जाएगी.

लेकिन अगर इसे उलटा करके आंध्रा बॉक्स ऑफिस की खबर के हिसाब से देखें तो निर्माताओं को रिलीज से पहले 520 करोड़ से ज्यादा मिल गए हैं. इसमें डिजिटल सैटेलाईट जोड़ लें तो ये 780 करोड़ से ज्यादा है. एग्जीबिटर को ब्लॉक बस्टर, हिट या फ्लॉप के लिए कितनी कमाई करनी होगी इसे ऊपर समझाया गया है.

आरआरआर को सबसे ज्यादा स्क्रीन हिंदी वर्जन के लिए ही मिलता दिख रहा है. बॉलीवुड हंगामा ने एक विश्लेषण में अनुमान लगाया कि हिंदी वर्जन को करीब 3200 तक स्क्रीन्स मिल सकते हैं. जबकि ओवरसीज में स्क्रीन्स की संख्या 1750 के आसपास रहने की संभावना है. सुपरहिट या ब्लॉकबस्टर बनने के लिए फिल्म को निश्चित ही इससे बहुत ज्यादा कमाई करनी होगी जो सिनेमा इतिहास में एक रिकॉर्ड बनेगा. ज्यादा कमाई करनी होगी. तमाम ट्रेड रिपोर्ट्स में आरआरआर की अनुमानित कमाई के पहले दिन के आंकड़े सामने आ रहे हैं. पहले दिन हिंदी वर्जन का कलेक्शन 15-20 करोड़ तक रह सकता है. ओपनिंग डे पर इससे नीचे की कमाई हिंदी वर्जन के लिए खतरे की घंटी है.

द कश्मीर फाइल्स के सामने RRR ने बढ़िया स्ट्राइक नहीं दिखाई तो बच्चन पांडे जैसा अंजाम

तगड़े वर्ड ऑफ़ माउथ पर सवार 'द कश्मीर फाइल्स' हिंदी पट्टी में बहुत मजबूती से बनी है. शुक्रवार को तीसरे हफ्ते में एंट्री के बावजूद फिल्म का कलेक्शन अभी भी बहुत बेहतर बने रहने का संकेत दे रहा है. आरआरआर के हिंदी वर्जन की रिकॉर्ड सफलता बिना 'द कश्मीर फाइल्स' को टिकट खिड़की पर ओवरलैप किए संभव नहीं दिख रही. इस लिहाज से पहले दिन दोनों फिल्मों के कलेक्शन पर नजर होनी चाहिए.

वैसे फ्रेश फिल्म होने, फिल्म का सब्जेक्ट और राजमौली के बेंचमार्क की वजह से इस बात की संभावना काफी ज्यादा है कि आरआरआर को प्रीमियर के लिए हिंदी पट्टी में बड़े पैमाने पर स्क्रीन मिले. यानी द कश्मीर फाइल्स की शोकेसिंग कम होने की आशंका है. लेकिन आरआरआर अगर प्राप्त स्क्रीन की मदद से बड़ा कलेक्शन निकालने में नाकाम होती है और द कश्मीर फाइल्स का कलेक्शन बहुत नीचे नहीं गिरता है तो आने वाले दिनों में निर्माता विवेक अग्निहोत्री की फिल्म को ही वरीयता दें.

वैसे भी बहुत मामूली स्क्रीन पर आई द कश्मीर फाइल्स ने दूसरे हफ्ते तक करीब 4000 स्क्रीन्स पर कब्जा जमा लिया और झुंड, राधेश्याम और बच्चन पांडे जैसी फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर ओवरलैप कर दिया था. अक्षय कुमार की बच्चन पांडे को रस्साकसी में स्क्रीन गंवाने का खतरा है. फिल्म का पहला हफ्ता द कश्मीर फाइल्स की सुनामी में लगभग डूबता नजर आया है.

टिकट खिड़की पर आरआरआर की ओपनिंग स्ट्राइक ना सिर्फ हिंदी बल्कि गैर तेलुगु क्षेत्रों में बहुत बेहतर होना बहुत जरूरी है. जहां तक निजाम और आन्ध्र के तेलुगु रीजन की बात है- इस बात की संभावना बहुत ज्यादा है कि फिल्म अपेक्षाओं के मुताबिक़ ही प्रदर्शन करे. चलिए इंतज़ार करते हैं आरआरआर की पहले दिन की कमाई का और देखते हैं कि हिंदी पट्टी में यह द कश्मीर फाइल्स के तूफ़ान को यह कितना कम करने में कामयाब होती है- जो कि बहुत मुश्किल और चुनौतीपूर्ण काम है.

लेखक

आईचौक आईचौक @ichowk

इंडिया टुडे ग्रुप का ऑनलाइन ओपिनियन प्लेटफॉर्म.

iChowk का खास कंटेंट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक करें.

आपकी राय