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टेक्नोलॉजी

 |  4-मिनट में पढ़ें  |   31-03-2018
बिलाल एम जाफ़री
बिलाल एम जाफ़री
  @bilal.jafri.7
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आज शायद ही कोई ऐसा होगा जिसके पास स्मार्टफोन न हो. अब जब स्मार्ट फोन है तो उसमें "हाय-हेल्लो" के लिए वाट्सएप भी होगा. तो ये खबर उनको अवश्य प्रभावित करेगी जो दिन भर व्हाट्स ऐप पर लगे चैटिंग करते हैं. यानी अब भविष्य में रात बेरात मैसेजेस को इधर से उधर, उधर से इधर करना या मैसेजेस भेजना किसी भी व्यक्ति को महंगा पड़ सकता है. वाट्सएप पर एक्टिव लोगों की निगरानी के लिए एक ऐसा एप टेक्नोलॉजी मार्किट में आया है जिसने तहलका मचा दिया है.

इस नए एप का नाम चैटवाच(ChatWatch) है जो chatW के नाम से उपलब्ध है. ये एप वाट्सएप के स्टेटस फीचर का इस्तेमाल कर यूजर को बताएगा कि उनके वाट्सएप से जुड़े लोगों ने कितनी बार वाट्सएप का उपयोग किया है और वो रात में किस समय सोते हैं. साइबर सिक्योरिटी से जुड़े लोगों की मानें तो इस एप में कई ऐसे फीचर हैं जिनके कारण इसे बेहद खतरनाक माना जा सकता है. बताया जा रहा है कि, चैटवाच वाट्सएपऑनलाइन या ऑफलाइन स्टेटस फीचर में घुसपैठ करता है जिससे आपको ये जानकारी मिलती है कि आपके मित्र कब और कितनी देर ऑनलाइन थे.

वाट्सएप, एप, सिक्योरिटी  बताया जा रहा है कि इस एप के आने से टेक्नोलॉजी की दुनिया में सुरक्षा को लेकर तहलका मच गया है

इस एप की सबसे खास बात ये भी है कि, इससे किसी भी व्यक्ति के सोने और जागने के बीच के समय का पता भी बेहद आसानी के साथ लगाया जा सकता है. एक ऐसे समय में जब लोग सुरक्षा और डाटा लीक जैसे कारणों के चलते अपने फोन से फेसबुक समेत तमाम एप हटा रहे हों इस एप का आना ये बता देता है कि कहीं न कहीं आज भी एप निर्माताओं को इस बात का भरोसा है कि लोग इसका इस्तेमाल करेंगे.

बहरहाल, इस खबर पर अपना संज्ञान लेते हुए लाइफ हैकर नामक वेबसाइट ने अपनी रिपोर्ट में तर्क पेश किया है कि, एप निर्माताओं ने आशा जताई है कि इस एप की सहायता से इस पर भी ध्यान जाएगा कि सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक हमारी जानकारियों पर नियंत्रण कैसे रखता है और अन्य कंपनियां हमारी जानकारियों का उपयोग और विश्लेषण कैसे करती हैं. लाइफ हैकर ने इस बात पर भी प्रमुखता से बल दिया है कि चूंकि फेसबुक, वाट्सएप की स्वामित्व वाली कंपनी है. अतः भविष्य में वाट्सएप इसे ब्लाक कर इस अनचाही मुसीबत से अपना पल्ला झाड़ सकता है.

आपको बताते चलें कि इस एप को पहले आईओएस पर लाया गया, लेकिन बाद में इसे एप्पल स्टोर से ले लिया गया था. आईओएस से हटाए जाने के बाद कम्पनी ने लिखा है कि "एप्पल द्वारा किन कारणों से एप को हटाया गया वो अज्ञात हैं. हम इस दिशा में काम कर रहे हैं. हमारे द्वारा जल्द ही इसके वेब आधारित संस्करण को विकसित करने का भी प्रयास किया जाएगा और जल्द ही हम इस सन्दर्भ में एप्पल से बात भी करेंगे. बताया जा रहा है कि एप्पल पर ये एप पेड होगा जहां यूजर को इसके लिए 1.99 $ खर्च करना पड़ेगा.

फिल्हाल ये एप एंड्रोएड प्ले स्टोर पर मुफ्त उपलब्ध है तो यदि आप चाहें तो इसे वहां से डाउनलोड करके इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. अंत में हम बस ये कहते हुए अपनी बात खत्म करेंगे कि यदि आप अपने दोस्तों की व्हाट्सऐप एक्टिविटी से परेशान हैं और ये जानने के उत्सुक हैं कि वो रात या फिर तड़के सुबह किस-किस से बात करते हैं तो जल्द से जल्द इस एप का इस्तेमाल कर लें कहीं ऐसा न हो जब तक बात जमाने में फैले इस एप को अलविदा कह दिया जाए और ये एक गुजरा हुआ कल बनकर रह जाए.

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बिलाल एम जाफ़री बिलाल एम जाफ़री @bilal.jafri.7

लेखक इंडिया टुडे डिजिटल में पत्रकार हैं.

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