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वो 10 नियम जो भारतीय बिना झिझके मानते हैं...

    • श्रुति दीक्षित
    • Updated: 17 फरवरी, 2018 04:55 PM
  • 17 फरवरी, 2018 04:55 PM
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कुछ नियम ऐसे हैं जो भले ही संविधान में न लिखे हों, लेकिन हर भारतीय उनका पालन बहुत सलीके से करता है. फिर भले ही इन नियमों का पालन करने के लिए उसे किसी से भी लड़ना पड़े..

भारत के संविधान में कई नियम लिखे हुए हैं और इनका पालन करना हर भारतीय का फर्ज है. लेकिन कई बार ऐसा होता है कि लोग नियम का पालन नहीं कर पाते. कभी न कभी जाने अनजाने में कोई नियम टूट ही जाता है, लेकिन कुछ नियम ऐसे हैं जो भले ही संविधान में न लिखे हों, लेकिन हर भारतीय उनका पालन बहुत सलीके से करता है.

1. पैर लगने पर हाथ छूना...

सुनने में बड़ा अजीब लगेगा, लेकिन ऐसा अधिकतर भारतीय करते हैं. याद कीजिए कभी किसी का पैर गलती से आपसे छू गया हो और उसने बिना देर किए अपना हाथ आपकी ओर बढ़ा दिया हो (या आपके पैरों की ओर ऐसा इशारा करते हुए कि वो आपको पैर छू रहा है.) ऐसा कई बार होता है और ये नियम बिना कहे माना जाता है. जी हां, ये वही नियम है जो भारतीयों के आदर को दर्शाता है.

2. सड़क अपने बाप की है...

शब्दों के लिए माफी चाहती हूं, लेकिन ये वो रिवाज है जिसे बिना कहे हर हिंदुस्तानी अपनाता है. अजी यूं कहिए ये तो हर हिंदुस्तानी का धर्म है. ट्रैफिक नियमों में से एक ये जरूर है कि सामने वाले को कट मारते हुए ओवरटेक करिए और अगर बाइक सवार है तो कार के आगे निकलते हुए रोड ब्लॉक कर दीजिए. जी हां, यही नियम है.. भले ही ये ट्रैफिक पुलिस या लाइसेंस देने वाले न बताएं लेकिन है तो सही.

3. घूस देना...

घूस देना कानूनन अपराध है.. तो होगा... भारतीयों को इससे फर्क नहीं पड़ता. करप्शन का स्टेटस भारत में क्या है इसके बारे में बताना शायद जरूरी नहीं है.

4. जहां मना किया हो वहां थूकना..

यहां थूकना मना है. न जाने कितनी ही दीवारों पर ऐसा बोर्ड लगा देखा होगा, लेकिन मजाल है कि कोई इसे मान ले. जनाब पान की पीक पिचकारी की तरह निशाना लगाकर वहीं थूकी जाएगी जहां ये साइन बोर्ड लगा होगा या लाल अक्षरों...

भारत के संविधान में कई नियम लिखे हुए हैं और इनका पालन करना हर भारतीय का फर्ज है. लेकिन कई बार ऐसा होता है कि लोग नियम का पालन नहीं कर पाते. कभी न कभी जाने अनजाने में कोई नियम टूट ही जाता है, लेकिन कुछ नियम ऐसे हैं जो भले ही संविधान में न लिखे हों, लेकिन हर भारतीय उनका पालन बहुत सलीके से करता है.

1. पैर लगने पर हाथ छूना...

सुनने में बड़ा अजीब लगेगा, लेकिन ऐसा अधिकतर भारतीय करते हैं. याद कीजिए कभी किसी का पैर गलती से आपसे छू गया हो और उसने बिना देर किए अपना हाथ आपकी ओर बढ़ा दिया हो (या आपके पैरों की ओर ऐसा इशारा करते हुए कि वो आपको पैर छू रहा है.) ऐसा कई बार होता है और ये नियम बिना कहे माना जाता है. जी हां, ये वही नियम है जो भारतीयों के आदर को दर्शाता है.

2. सड़क अपने बाप की है...

शब्दों के लिए माफी चाहती हूं, लेकिन ये वो रिवाज है जिसे बिना कहे हर हिंदुस्तानी अपनाता है. अजी यूं कहिए ये तो हर हिंदुस्तानी का धर्म है. ट्रैफिक नियमों में से एक ये जरूर है कि सामने वाले को कट मारते हुए ओवरटेक करिए और अगर बाइक सवार है तो कार के आगे निकलते हुए रोड ब्लॉक कर दीजिए. जी हां, यही नियम है.. भले ही ये ट्रैफिक पुलिस या लाइसेंस देने वाले न बताएं लेकिन है तो सही.

3. घूस देना...

घूस देना कानूनन अपराध है.. तो होगा... भारतीयों को इससे फर्क नहीं पड़ता. करप्शन का स्टेटस भारत में क्या है इसके बारे में बताना शायद जरूरी नहीं है.

4. जहां मना किया हो वहां थूकना..

यहां थूकना मना है. न जाने कितनी ही दीवारों पर ऐसा बोर्ड लगा देखा होगा, लेकिन मजाल है कि कोई इसे मान ले. जनाब पान की पीक पिचकारी की तरह निशाना लगाकर वहीं थूकी जाएगी जहां ये साइन बोर्ड लगा होगा या लाल अक्षरों में ये लिखा होगा.

5. सड़क पर कचरा फेकना और पेशाब करना...

स्वच्छ भारत अभियान की जय हो.. पर भाजपा के नेता से लेकर (हाल ही की घटना है भाजपा के नेता ने सड़क किनारे पेशाब किया.) एक आम आदमी तक हर कोई सड़क किनारे पेशाब करने को अपना हक समझता है.

6. लड़के या लड़की के लिए रिश्ता खोजना..

ये नियम अक्सर मोहल्ले की आंटी और रिश्तेदार बहुत ही सलीके से निभाते हैं. जी हां, कहीं भी कभी भी इस नियम को निभाने में कमी नहीं की जाएगी. 20 पार होते ही रिश्तेदारों के कान खड़े हो जाते हैं और अगर जो गलती से 30 पार हो गए तब तो रिश्ता ढूंढने के साथ ताना फ्री मिलने लगता है.

7. सेल, डिस्काउंट और प्लास्टिक बैग को कभी नहीं छोड़ना...

चाहें कोई भी त्योहार हो, सेल हो, डिस्काउंट ऑफर हो या किसी सामान के साथ आया प्लास्टिक बैग हो वो बिना किसी शक के काम की चीज होती है और उसका कुछ न कुछ इस्तेमाल करना अनिवार्य है.

8. घर वालों को डेटिंग के बारे में न बताना...

न मुन्ना न घर पर डेटिंग के बारे में कभी न बताना. बिना बोले ही जूते पड़ेंगे और जबरन ब्रेकअप करवा दिया जाएगा वो अलग. शादी तो अक्सर मम्मी पापा की मर्जी से ही होती है न.

9. सुबह न उठ पाने की रामायण सुनना...

भारतीय माता-पिता का एक नियम होता है. और ये नियम आदिकाल से चला आ रहा है. अपने बच्चों को सबेरे जल्दी उठाने का नियम. अगर किसी का बच्चा जल्दी नहीं उठ रहा है तो यकीनन उसकी जिंदगी में जो कुछ भी गलत हो रहा है वो सब इसी वजह से हो रहा है क्योंकि सुबह जल्दी नहीं उठा जाता.

10. घर आए मेहमान को पानी पिलाना..

पानी के साथ-साथ कई बार स्नैक (मीठा) भी दिया जाता है. ये रिवाज पोस्टमैन से लेकर घर में काम करने वाली बाई और मेहमान सभी के लिए ये रिवाज एक जैसा ही फॉलो किया जाता है.

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इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं. ये जरूरी नहीं कि आईचौक.इन या इंडिया टुडे ग्रुप उनसे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है.

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