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रेप की बात कहने पर लड़कियों ने महिला को नहीं बख्शा, लेकिन खुद भी नहीं बच सकीं !

    • अनुज मौर्या
    • Updated: 01 मई, 2019 08:35 PM
  • 01 मई, 2019 08:35 PM
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इस समय सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें लड़कियों का एक ग्रुप एक महिला की क्लास लगा रहा है. लड़कियों ने उस महिला को तो अच्छा सबक सिखाया, लेकिन सोशल मीडिया ने उन लड़कियों को भी नहीं बख्शा. जो कहा, वो तार्किक है.

रेप एक ऐसा शब्द है, जिसे सुनने भर से किसी भी लड़की की रूह कांप सकती है. लेकिन दिल्ली में एक महिला ने ही एक लड़की के लिए इस तरह के शब्द का इस्तेमाल किया है. महिला पर आरोप है कि उसने एक लड़की को छोटे कपड़े पहनने पर पास में बैठे लड़कों से कहा कि उन्हें उस लड़की का रेप कर देना चाहिए. बस फिर क्या था, महिला के इस बयान पर लड़कियों ने देखते ही देखते उस महिला को सबक सिखा दिया. एक के बाद एक आसपास खड़ी सभी महिलाएं और पुरुष भी उस महिला के विरोध में आ गए. और सोशल मीडिया के इस जमाने में देखते ही देखते महिला और उन लड़कियों के बीच की तू-तू, मैं-मैं का ये वीडियो वायरल हो गया.

वीडियो वायरल तो हुआ, लेकिन इंस्टाग्राम पर से इसे डिलीट कर दिया गया है. लेकिन क्यों? क्या इंस्टाग्राम भी महिला विरोधी है? कम से कम सोशल मीडिया पर तो कुछ ऐसी ही बहस चल रही है. फिलहाल फेसबुक पर ये वीडियो उपलब्ध है और लोग उस पर अपनी राय दे रहे हैं. बेशक उस महिला के खिलाफ सोशल मीडिया पर बोलने वालों की कोई कमी नहीं है, लेकिन बहुत से ऐसे भी लोग हैं, जो इस वीडियो के दूसरे पहलू, जो कि अधिक तार्किक है, उसे भी सामने रख रहे हैं.

समझिए क्या है पूरा मामला?

वीडियो में दिख रही महिला एक रेस्टोरेंट में गई थी, जहां पर उसने एक छोटी ड्रेस पहनी लड़की को कथित रूप से कहा कि ऐसे कपड़े पहनने के लिए तो उसका रेप होना चाहिए. बस यहीं से उस महिला और लड़कियों के बीच में विवाद शुरू हो गया. उसके बाद से लड़कियों ने उस महिला पर दबाव बनाना शुरू कर दिया कि वह अपनी बात के लिए माफी मांगे. साथ ही उस महिला का वीडियो भी बनाना शुरू कर दिया, लेकिन महिला ने माफी नहीं मांगी. एक के बाद एक बहुत से लोगों को अपने खिलाफ होता देख महिला ने पुलिस बुलानी चाही, लेकिन पुलिस बुलाई नहीं गई. महिला ने भी देखते ही देखते अपना आपा खो दिया और बोली कि छोटे कपड़े पहनने वाली लड़कियों का रेप होना चाहिए. यानी ये तो तय है कि महिला ने ऐसी अभद्र टिप्पणी की थी, वर्ना वह ये जरूर कहती कि उसे ऐसा कुछ नहीं कहा. तो जब महिला गलत ही है,...

रेप एक ऐसा शब्द है, जिसे सुनने भर से किसी भी लड़की की रूह कांप सकती है. लेकिन दिल्ली में एक महिला ने ही एक लड़की के लिए इस तरह के शब्द का इस्तेमाल किया है. महिला पर आरोप है कि उसने एक लड़की को छोटे कपड़े पहनने पर पास में बैठे लड़कों से कहा कि उन्हें उस लड़की का रेप कर देना चाहिए. बस फिर क्या था, महिला के इस बयान पर लड़कियों ने देखते ही देखते उस महिला को सबक सिखा दिया. एक के बाद एक आसपास खड़ी सभी महिलाएं और पुरुष भी उस महिला के विरोध में आ गए. और सोशल मीडिया के इस जमाने में देखते ही देखते महिला और उन लड़कियों के बीच की तू-तू, मैं-मैं का ये वीडियो वायरल हो गया.

वीडियो वायरल तो हुआ, लेकिन इंस्टाग्राम पर से इसे डिलीट कर दिया गया है. लेकिन क्यों? क्या इंस्टाग्राम भी महिला विरोधी है? कम से कम सोशल मीडिया पर तो कुछ ऐसी ही बहस चल रही है. फिलहाल फेसबुक पर ये वीडियो उपलब्ध है और लोग उस पर अपनी राय दे रहे हैं. बेशक उस महिला के खिलाफ सोशल मीडिया पर बोलने वालों की कोई कमी नहीं है, लेकिन बहुत से ऐसे भी लोग हैं, जो इस वीडियो के दूसरे पहलू, जो कि अधिक तार्किक है, उसे भी सामने रख रहे हैं.

समझिए क्या है पूरा मामला?

वीडियो में दिख रही महिला एक रेस्टोरेंट में गई थी, जहां पर उसने एक छोटी ड्रेस पहनी लड़की को कथित रूप से कहा कि ऐसे कपड़े पहनने के लिए तो उसका रेप होना चाहिए. बस यहीं से उस महिला और लड़कियों के बीच में विवाद शुरू हो गया. उसके बाद से लड़कियों ने उस महिला पर दबाव बनाना शुरू कर दिया कि वह अपनी बात के लिए माफी मांगे. साथ ही उस महिला का वीडियो भी बनाना शुरू कर दिया, लेकिन महिला ने माफी नहीं मांगी. एक के बाद एक बहुत से लोगों को अपने खिलाफ होता देख महिला ने पुलिस बुलानी चाही, लेकिन पुलिस बुलाई नहीं गई. महिला ने भी देखते ही देखते अपना आपा खो दिया और बोली कि छोटे कपड़े पहनने वाली लड़कियों का रेप होना चाहिए. यानी ये तो तय है कि महिला ने ऐसी अभद्र टिप्पणी की थी, वर्ना वह ये जरूर कहती कि उसे ऐसा कुछ नहीं कहा. तो जब महिला गलत ही है, तो फिर इंस्टाग्राम ने उस वीडियो को डिलीट क्यों कर दिया?

महिला ने छोटी ड्रेस पहनने पर रेप होने की बात कही तो लड़कियों ने उसका वीडियो वायरल कर दिया.

तो वीडियो क्यों डिलीट कर दिया?

महिला ने गलत कहा ये तो बिल्कुल सही है, लेकिन फिर भी इंस्टाग्राम ने इस वीडियो को डिलीट क्यों कर दिया? उसे लोग महिला विरोधी तक कह रहे हैं. ये भी कह रहे हैं कि इसी इंस्टाग्राम पर कुत्तों को जान निर्दयता से जान से मारने वाले वीडियो तो रह सकते हैं, लेकिन एक ऐसा वीडियो नहीं रह सकता है, जिसमें लड़कियों ने अपने हक के लिए आवाज उठाई है. दरअसल, इंस्टाग्राम ने इस वीडियो को साइबर बुलिंग के आधार पर डिलीट किया है. लड़कियों ने इसकी सूचना फेसबुक पर एक तस्वीर की रूप में भी डाली है कि इंस्टाग्राम ने उनका वीडियो डिलीट कर दिया है. अभी फेसबुक पर तो ये वीडियो है, लेकिन हो सकता है कि साइबर बुलिंग के तहत फेसबुक भी इसे डिलीट कर दे. खैर, अब बहस इस बात को लेकर छिड़ी है कि किसी लड़की का रेप होने की बात कहना गलत है या उस पर कुछ लड़कियों द्वारा साइबर बुलिंग करना?

वीडियो वायरल तो हुआ, लेकिन इंस्टाग्राम पर से इसे डिलीट कर दिया गया है.

सोशल मीडिया पर क्या बोल रहे हैं लोग?

- एक इंस्टाग्राम यूजर ने लिखा है- इंस्टाग्राम पर आपका स्वागत है, जहां कुत्तों का गला काटने के वीडियो और अश्लील वीडियो हैं, लेकिन अगर आप लोगों की सोच बदलने के लिए कुछ डालते हैं तो आपकी पोस्ट कम्युनिटी गाइडलाइंस के खिलाफ चली जाती है.

- सौरभ नाम के एक इंस्टाग्राम यूजर ने ये तो माना की महिला ने गलती की है, लेकिन लड़कियों के तरीके पर सवाल भी उठाए. सौरभ ने लिखा है- अंधे मत होओ दोस्तों. उस महिला ने किया वह अस्वीकार्य और बिल्कुल गलत है, लेकिन आंख मूंद तक वीडियो शेयर करने से उस महिला को मानसिक और शारीरिक रूप से दिक्कतों के सामना करना पड़ सकता है. जो उसने किया वो एक गलती थी, उसकी सोच गलत है. उन लोगों ने पुलिस को क्यों नहीं बुलाया? इस तरह से बदला क्यों लिया? महिला ने गलत किया लेकिन इस वायरल वीडियो के बाद उसका क्या होगा? उसके परिवार को भी समाज इसकी सजा दे सकता है. परिवार खुद भी डिप्रेशन में जा सकता है.

- अदिति सिंह ने वीडियो डिलीट करने का बेहद अच्छा तर्क दिया. उन्होंने लिखा- मैं महिला के लिए सहानुभूति नहीं दिखा रही हूं और मैं उस महिला के खिलाफ लड़कियों के साथ खड़ी हूं. लेकिन मुझे लगता है कि महिला का चेहरा, उसकी पहचान दिखाने की वजह से वीडियो डिलीट किया गया. यहां तक कि जब मीडिया भी किसी अपराधी की तस्वीर दिखाता है तो उसके चेहरे को ब्लर कर देता है, क्योंकि इससे उस पर हमला होने का खतरा बढ़ जाता है. अगर उस महिला पर कहीं हमला हो गया तो कौन जिम्मेदार होगा? वीडियो को दोबारा अपलोड करिए, लेकिन इस बार चेहरा ब्लर करना.

- एक इंस्टाग्राम यूजर nshahs ने तो लिखा है- बधाई हो ! आप उसमें फेल हो गई, जिसे आपको लगता है कि आपने शुरू किया. दरअसल आपने महिला के मोटे होने का मजाक उड़ाकर बॉडी शेमिंग को सामान्य बना दिया और सोशल मीडिया पर बुलिंग को सामान्य बना दिया. बल्कि कुछ तो ऐसे भी होंगे जो महिला को मारने-पीटने के लिए ढूंढ़ने लगे होंगे. महिला ने जो किया वो गलत था, लेकिन आपने जो किया वो भी गलत है. एक लड़की ने तो उस महिला को धक्का तक मारने की कोशिश की. खैर, आपके फॉलोअर्स बढ़ने की बधाई हो (900 से 30,000).

ये तो सिर्फ कुछ कमेंट हैं. ऐसे बहुत सारे लोग हैं जो वीडियो बनाने वाली लड़कियों के साथ तो हैं, लेकिन उनके तरीके के खिलाफ हैं. वहीं दूसरी ओर, ऐसे लोगों की भी कमी नहीं है जो खुलकर महिला के खिलाफ अपना गुस्सा सोशल मीडिया पर उतार रहे हैं.

अब कुछ सवाल, जिनके जवाब नहीं मिल रहे...

- छोटे कपड़े पहनने पर महिला ने रेप होने की बात कही, लेकिन वीडियो में कोई भी लड़की छोटे कपड़े में नहीं दिख रही है. यहां तक कि जो फोटो उन्होंने इंस्टाग्राम पर शेयर की है, उसमें भी ऐसा कुछ नहीं है.

लड़कियों ने इंस्टाग्राम पर ये ग्रुप फोटो भी शेयर की है.

- जब महिला खुद ही पुलिस को बुलाने की बात कह रही थी तो लड़कियों के पास अच्छा मौका था. पुलिस के सुपुर्द करतीं, रेस्टोरेंट से वीडियो फुटेज निकलवाकर सबूत पेश कर देतीं और महिला को उसके किए की कानूनी सजा दिलाकर दुनिया के सामने एक नजीर रखतीं. लेकिन उन्होंने तो महिला को भी पुलिस नहीं बुलाने दी.

- स्टोर में मौजूद एक महिला लड़कियों की बात सुनते ही इतना गुस्से में आ गई कि महिला के साथ मारपीट तक करने की बात कहने लगी. वो मॉल था, जहां सिक्योरिटी गार्ड थे, सभ्य लोग थे, वर्ना हो सकता है कि ये घटना मॉब लिंचिंग में बदल जाती. आखिर वो महिला बिना किसी सबूत के इतना गुस्से में कैसे आ गई?

सोशल मीडिया पर तो ये भी बहस चल रही है कि हर किसी को बोलने की आजादी है, लेकिन ये भी ध्यान देने वाली बात है कि आपकी आजादी वहां खत्म हो जाती है, जहां वो दूसरे की आजादी को नुकसान पहुंचाए. महिला ने अपनी बात कही, जो बेशक गलत थी. सोशल मीडिया पर ये बात भी हो रही है कि महिला के खिलाफ पुलिस में शिकायत करनी चाहिए थी. लेकिन एक सवाल इसके आड़े आता है कि इससे क्या हो जाता? लेकिन क्या ऐसी स्थिति में इस बात को भुलाया जा सकता है कि वीडियो वायरल हो जाने से महिला ही नहीं, उसके परिवार पर भी खतरा मंडराने लगा है. महिला ने गलती की, जिसकी सजा देने के लिए बहुत से लोग बेताब होंगे, लेकिन उसके परिवार की क्या गलती है, जिसे सजा भुगतनी पड़ेगी? सोशल मीडिया इस समय वो दोधारी तलवार है, जिसका इस्तेमाल करने में सावधानी नहीं बरती जाए तो नुकसान बड़ा हो सकता है.

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इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं. ये जरूरी नहीं कि आईचौक.इन या इंडिया टुडे ग्रुप उनसे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है.

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