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1 अक्टूबर से बदल जाएंगे SBI के ये नियम.. क्या आप जानते हैं?

    • आईचौक
    • Updated: 29 सितम्बर, 2017 10:03 PM
  • 29 सितम्बर, 2017 10:03 PM
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मंथली बैलेंस मेनटेन करने के लिए ग्राहकों को HDFC-ICICI जैसे बैंकों की तुलना में ज्यादा पैसे अकाउंट में रखने पड़ते थे. ये चार्ज 50% तक कम कर दिया गया है.

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने हाल ही में अपने कुछ नियम बदले हैं. स्टेट बैंक के 42 करोड़ सेविंग्स बैंक अकाउंट ग्राहकों के लिए मंथली एवरेज बैलेंस कम कर दिया गया है. इसके पहले मंथली बैलेंस मेनटेन करने के लिए ग्राहकों को ज्यादा पैसे अकाउंट में रखने पड़ते थे. मेट्रो शहरों के लिए तो ये 50% तक कम कर दिया गया है. इसके अलावा, पेंशन वालों के लिए, सरकार द्वारा खोले गए खाते और नाबालिगों के खातों, सैलरी अकाउंट में मिनिमम बैलेंस रखने की जरूरत नहीं होगी.

क्या - क्या हुए हैं बदलाव...

1. सभी सेविंग्स अकाउंट को चार कैटेगरी में बांट दिया गया है. इसमें मेट्रो, अर्बन, सेमी अर्बन और रूरल शामिल हैं. इसके पहले मेट्रो शहरों की ब्रांच में 5000 रुपए बैलेंस रखना जरूरी था अब ये 3000 रुपए कर दिया गया है.

2. बाकी तीनों कैटेगरी अर्बन, सेमी अर्बन और रूरल के लिए मिनिमम बैलेंस वैसा ही है. यहां शहरों के लिए 3000, छोटे शहरों की ब्रांच में जिनका खाता है उन्हें 2000 और ग्रामीण इलाकों में 1000 रुपए रखने जरूरी हैं.

3. इसके पहले मेट्रो एटीएम में नॉन मेनटेनेंस का जुर्माना 50 से 100 रुपए और जीएसटी साथ में लगता था. अब यही जुर्माना 30-50 रुपए और जीएसटी हो गया है.

4. शहरी इलाकों के लिए भी एसबीआई ने ये चार्ज घटा दिए हैं. पहले नॉन-मेंटेनेंस अकाउंट्स को 40 से 80 रुपए जुर्माना देना होता था अब ये भी 30 से 50 रुपए हो गया है.

5. इसी तरह छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में भी नॉन मेंटेनेंस अकाउंट्स का चार्ज 20 से 40 रुपए के बीच कर दिया है. इससे पहले छोटे शहरों के लिए ये 25 से 75 रुपए था और ग्रामीण इलाकों के लिए ये 20 से 50 रुपए था. ये सभी बदलाव 1 अक्टूबर से होंगे.

6. जिन लोगों को इन चार्ज से बचना है वो अपने आम सेविंग्स बैंक अकाउंट को बदल कर बेसिक सेविंग्स आकउंट करवा...

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने हाल ही में अपने कुछ नियम बदले हैं. स्टेट बैंक के 42 करोड़ सेविंग्स बैंक अकाउंट ग्राहकों के लिए मंथली एवरेज बैलेंस कम कर दिया गया है. इसके पहले मंथली बैलेंस मेनटेन करने के लिए ग्राहकों को ज्यादा पैसे अकाउंट में रखने पड़ते थे. मेट्रो शहरों के लिए तो ये 50% तक कम कर दिया गया है. इसके अलावा, पेंशन वालों के लिए, सरकार द्वारा खोले गए खाते और नाबालिगों के खातों, सैलरी अकाउंट में मिनिमम बैलेंस रखने की जरूरत नहीं होगी.

क्या - क्या हुए हैं बदलाव...

1. सभी सेविंग्स अकाउंट को चार कैटेगरी में बांट दिया गया है. इसमें मेट्रो, अर्बन, सेमी अर्बन और रूरल शामिल हैं. इसके पहले मेट्रो शहरों की ब्रांच में 5000 रुपए बैलेंस रखना जरूरी था अब ये 3000 रुपए कर दिया गया है.

2. बाकी तीनों कैटेगरी अर्बन, सेमी अर्बन और रूरल के लिए मिनिमम बैलेंस वैसा ही है. यहां शहरों के लिए 3000, छोटे शहरों की ब्रांच में जिनका खाता है उन्हें 2000 और ग्रामीण इलाकों में 1000 रुपए रखने जरूरी हैं.

3. इसके पहले मेट्रो एटीएम में नॉन मेनटेनेंस का जुर्माना 50 से 100 रुपए और जीएसटी साथ में लगता था. अब यही जुर्माना 30-50 रुपए और जीएसटी हो गया है.

4. शहरी इलाकों के लिए भी एसबीआई ने ये चार्ज घटा दिए हैं. पहले नॉन-मेंटेनेंस अकाउंट्स को 40 से 80 रुपए जुर्माना देना होता था अब ये भी 30 से 50 रुपए हो गया है.

5. इसी तरह छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में भी नॉन मेंटेनेंस अकाउंट्स का चार्ज 20 से 40 रुपए के बीच कर दिया है. इससे पहले छोटे शहरों के लिए ये 25 से 75 रुपए था और ग्रामीण इलाकों के लिए ये 20 से 50 रुपए था. ये सभी बदलाव 1 अक्टूबर से होंगे.

6. जिन लोगों को इन चार्ज से बचना है वो अपने आम सेविंग्स बैंक अकाउंट को बदल कर बेसिक सेविंग्स आकउंट करवा सकते हैं. इस सेविंग्स अकाउंट में मिनिमम बैलेंस का कोई झंझट नहीं होता और न ही इस अकाउंट में किसी को अलग से कोई चार्ज नहीं देना होता है.

7. NEFT/RTGS ट्रांजैक्शन, चेक से पैसे निकालने (केंद्र और राज्य सरकार का), जिन अकाउंट्स का इस्तेमाल नहीं हो रहा है उसे बंद करवाने के लिए या अन्य कामों के लिए बेसिक सेविंग्स अकाउंट में कोई भी चार्ज नहीं होता.

ये सभी नियम 42 करोड़ सेविंग्स अकाउंट होल्डर पर लागू होंगे. इसमें 13 करोड़ अकाउंट जन-धन योजना और बेसिक सेविंग्स अकाउंट हैं. इनमें मिनिमम बैलेंस का कोई भी चार्ज नहीं लगेगा.

बेसिक सेविंग्स बैंक अकाउंट बनवाने से पहले ये जान लें कि इसमें कई तरह की सीमाएं भी हैं. जैसे अगर किसी यूजर ने स्टेट बैंक में बेसिक सेविंग्स अकाउंट खोला है तो वो कोई और सेविंग्स बैंक अकाउंट नहीं खोल सकता है. इसके अलावा, स्टेट बैंक बेसिक सेविंग्स अकाउंट यूजर को सिर्फ 4 ही मुफ्त ट्रांजैक्शन मिलते हैं. इसमें एटीएम से पैसे निकालना, ब्रांच से निकालना, RTGS/NEFT/ चेक/ ट्रांसफर/ इंटरनेट आदि करना, ईएमआई का पेमेंट जाना सब कुछ शामिल है. अगर इससे ज्यादा कुछ किया जाएगा तो 50 रुपए और उसपर टैक्स किसी भी ब्रांच ट्रांजैक्शन पर लगेगा और 20 रुपए किसी अन्य ब्रांच के एटीएम में. अगर एसबीआई के एटीएम से पैसे निकाल रहे हैं तो 10 रुपए लगेंगे. इसलिए बेसिक सेविंग्स अकाउंट बनाने से पहले थोड़ा सोच लें.

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इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं. ये जरूरी नहीं कि आईचौक.इन या इंडिया टुडे ग्रुप उनसे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है.

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