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Budget 2019: इलेक्ट्रिक व्हीकल आपका खर्च भी बचाएंगे और टैक्स भी !

    • अनुज मौर्या
    • Updated: 05 जुलाई, 2019 07:07 PM
  • 05 जुलाई, 2019 07:07 PM
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बजट के अनुसार अगर आप कोई इलेक्ट्रिक व्हीकल लोन लेकर खरीदते हैं तो उसके लोन पर लगने वाले ब्याज पर सालाना 1.5 लाख तक की आयकर छूट पा सकते हैं. वहीं पूरे लोन की अवधि में अधिकतम 2.5 लाख रुपए तक की छूट पाई जा सकती है.

मोदी सरकार 2.0 के पहले बजट से उम्मीद की जा रही थी कि इसमें इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा देने के लिए कुछ घोषणाएं जरूर होंगी, और ऐसा ही हुआ. निर्मला सीतारमण ने जीएसटी से लेकर आयकर छूट तक की घोषणा कर दी. यहां तक कि भारत को इलेक्ट्रिक व्हीकल का ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की भी बात कह दी है. उनकी इसी घोषणा से ये साफ हो जाता है कि मोदी सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल को लेकर कितना गंभीर है. वैसे भी, ऑटोमोबाइल सेक्टर इन दिनों मंदी के दौर से गुजर रहा है. सेल्स करीब 18 सालों के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई है. सोसाएटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के आंकड़ों के अनुसार मई 2019 में पैसेंजर व्हीकल की सेल्स में 20.6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जो सितंबर 2001 के बाद दूसरी सबसे बड़ी गिरावट है.

इस समय ऑटोमोबाइल सेक्टर उस प्वाइंट पर है, जहां से आगे बढ़ने के लिए मोदी सरकार से एक धक्के की जरूरत थी. ये बजट ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए वही धक्का साबित होगा, जिसके बाद एक बार फिर से ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री चमकेगी. बड़े शहरों में गाड़ियों की वजह से प्रदूषण की समस्या भी आम हो गई है. इलेक्ट्रिक व्हीकल उससे भी निपटने में मदद करेंगे. सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को लेकर पॉलिसी तो अच्छी बनाई है, लेकिन ये देखना दिलचस्प होगा कि लोग इस पॉलिसी का कितना स्वागत करते हैं.

इलेक्ट्रिक व्हीकल लोन लेकर खरीदते हैं तो उसके ब्याज पर सालाना 2.5 लाख तक की आयकर छूट पा सकते हैं.

2.5 लाख कर की आयकर छूट

बजट के अनुसार अगर आप कोई इलेक्ट्रिक व्हीकल लोन लेकर खरीदते हैं तो उसके लोन पर लगने वाले ब्याज पर सालाना 1.5 लाख तक की आयकर छूट पा सकते हैं. वहीं पूरे लोन की अवधि में अधिकतम 2.5 लाख रुपए तक की छूट पाई जा सकती है.

उदाहरण के लिए, अगर आपने कोई इलेक्ट्रिक व्हीकल...

मोदी सरकार 2.0 के पहले बजट से उम्मीद की जा रही थी कि इसमें इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा देने के लिए कुछ घोषणाएं जरूर होंगी, और ऐसा ही हुआ. निर्मला सीतारमण ने जीएसटी से लेकर आयकर छूट तक की घोषणा कर दी. यहां तक कि भारत को इलेक्ट्रिक व्हीकल का ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की भी बात कह दी है. उनकी इसी घोषणा से ये साफ हो जाता है कि मोदी सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल को लेकर कितना गंभीर है. वैसे भी, ऑटोमोबाइल सेक्टर इन दिनों मंदी के दौर से गुजर रहा है. सेल्स करीब 18 सालों के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई है. सोसाएटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के आंकड़ों के अनुसार मई 2019 में पैसेंजर व्हीकल की सेल्स में 20.6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जो सितंबर 2001 के बाद दूसरी सबसे बड़ी गिरावट है.

इस समय ऑटोमोबाइल सेक्टर उस प्वाइंट पर है, जहां से आगे बढ़ने के लिए मोदी सरकार से एक धक्के की जरूरत थी. ये बजट ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए वही धक्का साबित होगा, जिसके बाद एक बार फिर से ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री चमकेगी. बड़े शहरों में गाड़ियों की वजह से प्रदूषण की समस्या भी आम हो गई है. इलेक्ट्रिक व्हीकल उससे भी निपटने में मदद करेंगे. सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को लेकर पॉलिसी तो अच्छी बनाई है, लेकिन ये देखना दिलचस्प होगा कि लोग इस पॉलिसी का कितना स्वागत करते हैं.

इलेक्ट्रिक व्हीकल लोन लेकर खरीदते हैं तो उसके ब्याज पर सालाना 2.5 लाख तक की आयकर छूट पा सकते हैं.

2.5 लाख कर की आयकर छूट

बजट के अनुसार अगर आप कोई इलेक्ट्रिक व्हीकल लोन लेकर खरीदते हैं तो उसके लोन पर लगने वाले ब्याज पर सालाना 1.5 लाख तक की आयकर छूट पा सकते हैं. वहीं पूरे लोन की अवधि में अधिकतम 2.5 लाख रुपए तक की छूट पाई जा सकती है.

उदाहरण के लिए, अगर आपने कोई इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदा है, जिस पर पहले ही साल 50 हजार रुपए का ब्याज लगे, तो आपको उस साल आयकर में 50 हजार की छूट मिलेगी. अगर आपको 2 लाख तक ब्याज चुकाना पड़े तो आप 1.5 लाख तक पर आयकर छूट पा सकते हैं. इसी तरह अगले साल भी आप आयकर में छूट पा सकते हैं. अपने लोन की पूरी अवधि में आप तब तक छूट पा सकते हैं, जब तक आप कुल 2.5 लाख रुपए की छूट ना पा लें. हालांकि, अगर आपको पूरे लोन की अवधि में 2.5 रुपए से अधिक का ब्याज चुकाना पड़ा है, तो भी आपको अधिकतम 2.5 लाख रुपए तक पर ही आयकर में छूट मिलेगी.

जीएसटी में भी होगी कटौती

निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए यह भी साफ किया कि इलेक्ट्रिक व्हीकल पर लगने वाले जीएसटी में भी कटौती होगी. उन्होंने बताया कि सरकार ने जीएसटी काउंसिल को इलेक्ट्रिक व्हीकल जीएसटी घटाने का प्रस्ताव पहले ही दे दिया है. प्रस्ताव के अनुसार 12 फीसदी जीएसटी को घटाकर 5 फीसदी करने को कहा गया है. यानी इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदने पर आपको इनकम टैक्स में तो छूट मिलेगी ही, साथ ही जीएसटी में भी छूट मिलेगी.

एक चुनौती, जिससे निपटना जरूरी है !

जब बात इलेक्ट्रिक व्हीकल की होती है तो सबसे जरूरी होती है बिजली. अभी भी भारत के अधिकतर इलाके ऐसे हैं, जहां बिजली की दिक्कत है. ऐसे में इलेक्ट्रिक व्हीकल के हिसाब से इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करना मोदी सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती होगी. साथ ही, इलेक्ट्रिक कार से लंबी दूरी तय करने वालों को रास्तों में चार्जिंग प्वाइंट्स की जरूरत होगी, लेकिन अभी चार्जिंग प्वाइंट आसानी से उपलब्ध हो जाना किसी ख्वाब से कम नहीं है.

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इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं. ये जरूरी नहीं कि आईचौक.इन या इंडिया टुडे ग्रुप उनसे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है.

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