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महिलाओं की चोटी काटने वाली घटनाओं का 'सच' !

    • हिमांशु मिश्रा
    • Updated: 01 अगस्त, 2017 12:50 PM
  • 01 अगस्त, 2017 12:50 PM
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इस बार दिल्ली में अफवाह फैली है बाल काटने वाले रहस्यमई शख्स की, जो बंद घर में जाने कैसे दाखिल हो जाता है, बाल काटता है और गायब हो जाता है. और तो और उसे कोई देख नहीं पाता.

अफवाहों से इंसानो का बहुत पुराना रिश्ता रहा है. इतिहास एक से एक बढ़कर अफवाहों से भरा पड़ा है, कहा जाता है कि अफवाह के हाथ पैर नहीं होते हैं लेकिन वो फैलता बड़ी तेजी से हैं. मनोविज्ञानी इसे ‘मास हिस्टीरिया’ कहते हैं. इसमें लोगों का ध्यान एक अफवाह पर केन्द्रित हो जाता है, इसके बाद एक ऐसी स्थिति पैदा हो जाती है कि पूरा समाज उस अफवाह को सच मान बैठता है.

सन 2001 मई का महीना, भीषण गर्मी के बावजूद लोग बंद कमरे में सोते थे. वजह था मंकीमैन का खौफ. मंकी मैन की अफवाह पूर्वी दिल्ली, गाजियाबाद, नोयडा और उसके आसपास के क्षेत्रों में सबसे पहले फैली थी. इस मंकी मैन की दहशत से करीब 6 व्यक्तियों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था. किसी ने बताया, यह बन्दर लंबी-लंबी छलांगे लगा सकता है, इसके तीखे नाखून है, इसके शरीर में बिजली दौड़ती है, किसी को ये बंगाल का जादू लगा तो किसी को पाकिस्तानी साजिश.

और एक दिन बंद हो गया मंकीमैन का केस

सारी रात लोग डंडे लेकर पहरे देते, पुलिस की 100 नम्बर की गाड़ियां रात भर दौड़ती रहतीं, हर जगह से यही कॉल की मैंने एक काले बंदर को देखा. हार कर पुलिस ने 50 हजार का इनाम घोषित कर दिया. लेकिन वक्त के साथ वो बंदर लोगों को दिखना बंद हो गया और फिर धीरे-धीरे लोग उसे भूल गए. वो कौन था, कहां से आया था, आया भी था या सिर्फ किसी की कल्पना थी ये कभी साफ ना हो सका. पुलिस ने भी बाद में सारी फाईलें बंद कर दीं.

उसी समय में असम में उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र में भेडि़यानुमा एक आकृति की अफवाह उड़ी थी. इसका खौफ इलाके में इतना बढ़ गया कि उस तरफ आतंक की घटनाएं भी कम हो गई थीं. दिल्ली में इस तरह की अफवाहों की लम्बी लिस्ट है. कभी हैंमर मैन तो कभी बच्चा चोर लोगों को डराने का काम करते हैं. हर अफवाह एक समय के बाद अपने आप खत्म हो जाती...

अफवाहों से इंसानो का बहुत पुराना रिश्ता रहा है. इतिहास एक से एक बढ़कर अफवाहों से भरा पड़ा है, कहा जाता है कि अफवाह के हाथ पैर नहीं होते हैं लेकिन वो फैलता बड़ी तेजी से हैं. मनोविज्ञानी इसे ‘मास हिस्टीरिया’ कहते हैं. इसमें लोगों का ध्यान एक अफवाह पर केन्द्रित हो जाता है, इसके बाद एक ऐसी स्थिति पैदा हो जाती है कि पूरा समाज उस अफवाह को सच मान बैठता है.

सन 2001 मई का महीना, भीषण गर्मी के बावजूद लोग बंद कमरे में सोते थे. वजह था मंकीमैन का खौफ. मंकी मैन की अफवाह पूर्वी दिल्ली, गाजियाबाद, नोयडा और उसके आसपास के क्षेत्रों में सबसे पहले फैली थी. इस मंकी मैन की दहशत से करीब 6 व्यक्तियों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था. किसी ने बताया, यह बन्दर लंबी-लंबी छलांगे लगा सकता है, इसके तीखे नाखून है, इसके शरीर में बिजली दौड़ती है, किसी को ये बंगाल का जादू लगा तो किसी को पाकिस्तानी साजिश.

और एक दिन बंद हो गया मंकीमैन का केस

सारी रात लोग डंडे लेकर पहरे देते, पुलिस की 100 नम्बर की गाड़ियां रात भर दौड़ती रहतीं, हर जगह से यही कॉल की मैंने एक काले बंदर को देखा. हार कर पुलिस ने 50 हजार का इनाम घोषित कर दिया. लेकिन वक्त के साथ वो बंदर लोगों को दिखना बंद हो गया और फिर धीरे-धीरे लोग उसे भूल गए. वो कौन था, कहां से आया था, आया भी था या सिर्फ किसी की कल्पना थी ये कभी साफ ना हो सका. पुलिस ने भी बाद में सारी फाईलें बंद कर दीं.

उसी समय में असम में उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र में भेडि़यानुमा एक आकृति की अफवाह उड़ी थी. इसका खौफ इलाके में इतना बढ़ गया कि उस तरफ आतंक की घटनाएं भी कम हो गई थीं. दिल्ली में इस तरह की अफवाहों की लम्बी लिस्ट है. कभी हैंमर मैन तो कभी बच्चा चोर लोगों को डराने का काम करते हैं. हर अफवाह एक समय के बाद अपने आप खत्म हो जाती है.   

इस बार दिल्ली में अफवाह फैली है बाल काटने वाले रहस्यमई शख्स की, जो बंद घर में जाने कैसे दाखिल हो जाता है, बाल काटता है और गायब हो जाता है. और तो और उसे कोई देख नहीं पाता. वारदात बाहरी दिल्ली के छावला इलाके के कांगनहेड़ी गांव की है जहां एक दिन में गांव की तीन तीन महिलाओं को एक रहस्यमयी साए ने अपना शिकार बनाया. घर में घुस कर किसी ने तीनों की चोटी काट दी. हालत ये हैं कि तीनों महिलाएं बुरी तरह डरी हुई हैं.

पहली वारदात रविवार सुबह करीब 10 बजे की है जब ओमवती नाम की महिला अपने घर में बैठी थी. तभी अचानक उनके सिर में बहुत तेज दर्द हुआ. उन्हें ऐसे लगा कि किसी ने उनका सिर जकड़ लिया है और दर्द बढ़ता ही चला गया जिससे उनकी चीख निकल गई और वो बेहोश हो गईं. चीख सुनकर जब उनके घरवाले मौके पर पहुंचे तो हालात देखकर उनके होश उड़ गए. महिला बेसुध थी और उनकी चोटी ज़मीन पर कटी पड़ी थी.

कटी हुई चोटी दिखाते लोग

हुबहू यही हालात श्रीदेवी और मनेश के साथ पेश आए. दोनों सो रही थीं, दरवाज़ा बंद था. लेकिन ना मालूम कौन सी रहस्यमयी ताकत उनके पास आई कि अचानक सिर दर्द से फटने लगा और फिर वही हुआ जिसे सुनकर हर कोई हैरान हो गया. गांव में पहुंचे इस रहस्यमयी साए की खबर के बाद हर कोई दहशत में है. आलम ये है कि लोग अब पुलिस की मदद लेने के साथ साथ टोने टोटके पर भी यकीन करने लगे हैं. लोगों का मानना है कि कोई साया है जो इलाके की महिलाओं को ही टार्गेट कर रहा है. लिहाज़ा इससे बचने के लिए उन्होंने देसी इलाज यनी घरों के आगे नीम के पत्ते टांगना, दरवाज़े पर मेहंदी के हाथ के निशाना लगाना शुरू कर दिया है.

इलाके में दहशत का हाल ये है कि महिलाओं ने घर से बाहर निकलना बंद कर दिया है. यहां तक कि लड़कियां अब स्कूल तक जाने से कतराने लगी हैं. इसके अलावा इलाके में सफाई कर्मचारियों ने भी आना बंद कर दिया है.

गांववालों की समझ में जब कुछ नहीं आया तो पहले उन्होंने खुद मामले से निपटने की कोशिश की लेकिन जब वारादतों का सिलसिला बढ़ने लगा तो पुलिस को इत्तेला दी गई. रविवार के दिन तीन महिलाओं की चोटियां इस तरह काटी गईं. और सोमवार के दिन भी एक महिला के साथ ये वारदात होने वाली थी लेकिन वो चिल्ला पड़ी और बच गई. लेकिन बताते हैं कि तब भी लोगों ने किस इंसान को वहां नहीं पाया. ऐसे में लोगों का मानना है कि कोई शैतानी ताकत है जो उनके घर की महिलाओं को सता रही है. लेकिन सच क्या है, कोई नहीं जानता.

हरियाणा से भी इस तरह की कई वारदात सामने आई हैं

दक्षिण पश्चिमी दिल्ली के इस गांव से जैसे ही बाल काटने की खबर सामने आईं सब लोग हैरान रह गए. हालांकि इस गांव से इस तरह की खबर सामने आने से पहले एक ऐसा ही वाक्या गुड़गांव के भीमगढ़ खेड़ी गांव में भी सामने आया था. यहां पर भी 50 साल की महिला को निशाना बनाया गया था. हालांकि इस वारदात में अंतर इस बात का था कि वारदात का शिकार होने वाली महिला ने उस हमलावर को देखा था जिसने उसके बाल काटे थे.

महिला के मुताबिक लाल रंग के कपड़े पहने एक बाबा उसके घर पर आया और महिला के बाल काटने के बाद फरार हो गया, जबकि दिल्ली के गांव कांगनहेड़ी में वारदात का शिकार होने वाली महिलाओं का ये दावा है कि उन्होने वारदात के वक्त किसी को भी आते जाते नहीं देखा है.

बाल काटने की इस रहस्यमयी वारदात से पुलिसवाले भी हैरान है. किसी सुराग की तलाश में जब पुलिस ने गांव के सीसीटीवी कैमरों को खंगाला तो उन्हें उसमें कुछ संदिग्ध लोग नजर आए हैं जिनकी पहचान करने की कोशिश पुलिस कर रही है. हालांकि गांववाले ये दावा कर रहे हैं कि उन्हें गांव में लगे सीसीटीवी कैमरों में कोई ऐसा शख्स नहीं दिखा जिसपर शक किया जा सके.

बाल काटने की वारदात ये अफवाह राजस्थान से शुरु हई और अब ये हरियाणा होती दिल्ली आ पुहंची है. हालांकि बाल काटने वाले इस शैतान की हकीकत क्या है इसको जानने के लिए दिल्ली पुलिस की कई टीमें तफ्तीश कर रही हैं और इसी के बाद इन रहस्यमयी वारदातों से पर्दा उठ सकेगा.

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